जेल की सलाखों के पीछे बना VIDEO… आखिर किसने पहुंचाया मोबाइल? रतलाम जेल की सुरक्षा पर बड़े सवाल वीडियो वायरल
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
19 जुलाई 2026, (अपडेटेड 19 जुलाई 2026, 3:51 अपराह्न IST)

रतलाम | मध्यप्रदेश के रतलाम सर्किल जेल से सामने आए एक वायरल वीडियो ने जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेल के भीतर बंद एक आरोपी की गैंगस्टर स्टाइल रील सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वीडियो में आरोपी फिल्मी गाने पर अभिनय करता, गोली मारने का इशारा करता और खिड़की के पास पैर उठाकर स्टाइल दिखाता नजर आ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि कड़ी सुरक्षा और जांच के बावजूद मोबाइल फोन जेल के अंदर पहुंचा कैसे?

वायरल वीडियो के बाद जेल प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज, मुलाकात रजिस्टर और सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जानलेवा हमले के आरोपी का वीडियो बना चर्चा का विषय

जेल प्रशासन के अनुसार वायरल वीडियो में दिखाई दे रहा आरोपी बाबर खान है। स्टेशन रोड थाना पुलिस ने उसे 10 जुलाई की रात हुए जानलेवा हमले के मामले में 14 जुलाई को गिरफ्तार किया था। अदालत में पेश करने के बाद उसे उसी दिन न्यायिक अभिरक्षा में रतलाम सर्किल जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार बाबर खान पर शनि गली स्थित एक कलाली में शराब पीने के दौरान हुए विवाद में मछली व्यवसायी अंकित कहार पर चाकू से हमला करने का आरोप है। घायल का उपचार अस्पताल में कराया गया था। मामले की जांच अभी भी प्रक्रिया में है।

वायरल VIDEO में क्या दिख रहा है?

रतलाम सर्किल जेल

रतलाम सर्किल जेल

रतलाम सर्किल जेल

रतलाम सर्किल जेल

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आरोपी गैंगस्टर स्टाइल में फिल्मी गाने पर रील बनाता दिखाई देता है। वीडियो पर लिखा गया कैप्शन भी चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें गैंगस्टर जैसी सोच का उल्लेख किया गया है। वीडियो में आरोपी गोली चलाने जैसा इशारा करता है और खिड़की के पास खड़े होकर पैर उठाकर पोज देता दिखाई देता है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह वीडियो जेल के मुलाकात कक्ष में रिकॉर्ड किया गया है।

आखिर मोबाइल जेल के अंदर कैसे पहुंचा?

मामले का सबसे अहम सवाल यही है कि जेल परिसर में मोबाइल फोन पहुंचा कैसे। नियमों के अनुसार किसी भी बंदी से मिलने आने वाले व्यक्ति का पंजीयन, पहचान पत्र की जांच और सुरक्षा जांच के बाद ही मुलाकात की अनुमति दी जाती है। इसके बावजूद मोबाइल का अंदर पहुंचना सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक की ओर संकेत करता है। फिलहाल प्रशासन इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रहा है।

दो रिश्तेदारों से मुलाकात के बाद सामने आया वीडियो

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 17 जुलाई दोपहर करीब 12:30 बजे असलम और आमिर खान नाम के दो व्यक्ति बाबर खान से मिलने पहुंचे थे। दोनों ने खुद को आरोपी का भाई बताया था। अब जेल प्रशासन मुलाकात रजिस्टर, प्रवेश रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज का मिलान कर यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि वीडियो किसने बनाया और मोबाइल फोन किस माध्यम से जेल परिसर तक पहुंचा।

एक प्रहरी पर थी पूरी जिम्मेदारी

जेल प्रशासन के मुताबिक मुलाकात के समय सुरक्षा जांच के लिए केवल एक प्रहरी तैनात था, जबकि एक महिला प्रहरी पंजीयन काउंटर पर मौजूद थी। रोजाना लगभग 125 से 150 लोग कैदियों से मिलने आते हैं। सभी की हैंड मेटल डिटेक्टर से जांच की जाती है। इसके बावजूद मोबाइल अंदर पहुंच जाना जांच का विषय बन गया है।

VIDEO ने पुलिस के पुराने दावे पर भी उठाए सवाल

वायरल वीडियो का एक और पहलू चर्चा में है। वीडियो में बाबर खान उसी पैर को आसानी से उठाता दिखाई देता है, जिसके बारे में पुलिस ने गिरफ्तारी के समय फ्रैक्चर होने की बात कही थी। पुलिस का दावा था कि गिरफ्तारी के दौरान भागने की कोशिश में गिरने से उसके पैर में फ्रैक्चर हुआ था और इसी कारण उसे प्लास्टर के साथ अदालत में पेश किया गया था।

हालांकि जेल उपअधीक्षक ब्रजेश मकवाने के अनुसार, जेल में प्रवेश के बाद हुए मेडिकल परीक्षण में पैर में फ्रैक्चर नहीं बल्कि सामान्य चोट पाई गई थी। उपचार के बाद पट्टी भी हटा दी गई थी। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस के पहले किए गए दावे पर भी सवाल उठने लगे हैं।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही जेल प्रशासन

जेल उपअधीक्षक ब्रजेश मकवाने ने बताया कि वायरल वीडियो की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में इन बिंदुओं पर फोकस

  • मोबाइल फोन जेल के अंदर कैसे पहुंचा?
  • वीडियो किसने रिकॉर्ड किया?
  • सुरक्षा जांच में कहां चूक हुई?
  • मुलाकात के समय कौन-कौन ड्यूटी पर था?
  • सीसीटीवी फुटेज और मुलाकात रजिस्टर का मिलान।

प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

क्षमता से कहीं अधिक कैदी, स्टाफ पर बढ़ा दबाव

रतलाम सर्किल जेल की स्वीकृत क्षमता 380 कैदियों की है, जबकि वर्तमान में यहां 640 कैदी बंद हैं। जेल प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा कर्मियों, विशेषकर महिला स्टाफ की कमी के कारण व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दबाव रहता है। इसके बावजूद सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

वायरल वीडियो ने रतलाम सर्किल जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि मोबाइल फोन जेल के अंदर कैसे पहुंचा और वीडियो रिकॉर्ड कराने में किसकी भूमिका रही। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें

Aakash Sharma
Aakash Sharmahttps://thetimesofmp.com
आकाश शर्मा मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार और द टाइम्स ऑफ MP के संपादक हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया में 12 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव है। लंबे समय से स्थानीय एवं जनसरोकार से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग, समाचार संपादन और समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने स्थानीय पत्रकारिता में व्यापक अनुभव हासिल किया है।द टाइम्स ऑफ MP के माध्यम से आकाश शर्मा नीमच, मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उनकी कवरेज में स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं कानून-व्यवस्था, जनसमस्याएं, नागरिक सुविधाएं, राजनीति, सामाजिक गतिविधियां, शिक्षा, कृषि, व्यापार और अन्य जनहित से जुड़े विषय शामिल हैं।उनकी संपादकीय कार्यशैली में तथ्यपरक रिपोर्टिंग, स्रोत-आधारित जानकारी, निष्पक्ष प्रस्तुति और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दी जाती है। संवेदनशील और अपराध से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग में आरोप और प्रमाणित तथ्य के बीच अंतर बनाए रखने तथा उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर खबर प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।पत्रकारिता के साथ आकाश शर्मा पिछले 4 वर्षों से पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इस भूमिका में वे कानूनी जागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यों से जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही वे इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशन में जिला उपाध्यक्ष (District Vice President) के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।अनुभव 12 वर्ष — प्रिंट मीडिया एवं पत्रकारिता का अनुभव 4 वर्ष — पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में अनुभव संपादक — द टाइम्स ऑफ MP जिला उपाध्यक्ष — इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशनआकाश शर्मा का उद्देश्य स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण सूचनाओं को विश्वसनीय, स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाना तथा आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी मंच प्रदान करना है।विशेषज्ञता: स्थानीय पत्रकारिता | प्रिंट मीडिया | समाचार संपादन | डिजिटल पत्रकारिता | स्थानीय समाचार रिपोर्टिंग | जनहित के मुद्दे | कानूनी जागरूकता |

Hot this week

पालसोड़ा एक्सीडेंट में 1 युवक की मौत, 2 की हालत गंभीर

पालसोड़ा एक्सीडेंट: नीमच जिले के जीरन थाना क्षेत्र में...

उज्जैन शूटिंग रेंज मारपीट: VIDEO में कैद कोच पर हमला, सिस्टम पर उठे सवाल

उज्जैन (Ujjain Crime News)। उज्जैन शूटिंग रेंज मारपीट का...

रिद्धि राठौड़ का शानदार प्रदर्शन, 400 और 600 मीटर दौड़ में जीते स्वर्ण पदक

नीमच। शालेय संभाग स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में स्विमफ्लाय स्पोर्ट्स...

मनासा में घर में सो रहे 40 वर्षीय कालू को सांप ने काटा, समय पर अस्पताल पहुंचाया

मनासा। नीमच जिले के मनासा क्षेत्र में शुक्रवार अलसुबह...

Related Articles

Popular Categories