नीमच। राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और मध्यप्रदेश पुलिस की संयुक्त टीम ने करीब आठ महीने से फरार चल रहे मोस्ट वांटेड आरोपी सुनील उर्फ सुनील मीणा (27) को नीमच जिले के जीरन थाना क्षेत्र के गमेरपुरा गांव से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई लंबे समय से चल रहे ऑपरेशन नीलमणि के तहत की गई। आरोपी एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास सहित 19 से अधिक गंभीर मामलों में वांछित बताया गया है। विभिन्न एजेंसियों की ओर से उस पर कुल 2.75 लाख रुपये का इनाम घोषित था, जबकि पाली जिले में अलग से 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
पुलिस के मुताबिक सुनील मीणा कई महीनों से लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था, जिससे उसकी गिरफ्तारी आसान नहीं थी। तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचना के बावजूद वह पुलिस की पकड़ से दूर बना हुआ था। इसी कारण संयुक्त टीम ने उसकी गतिविधियों पर लंबे समय तक नजर रखी और हर छोटी-बड़ी जानकारी जुटाने का प्रयास किया।
चरवाहा बनकर पुलिस ने रचा पूरा प्लान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी तक पहुंचने के लिए सिर्फ तकनीकी सर्विलांस पर भरोसा नहीं किया गया। ऑपरेशन के दौरान एक पुलिसकर्मी को चरवाहे के वेश में गांव और आसपास के इलाके में तैनात किया गया। उसने कई दिनों तक सामान्य ग्रामीण की तरह रहकर इलाके की गतिविधियों पर नजर रखी।
पुलिस का कहना है कि इसी दौरान आरोपी की आवाजाही और संभावित ठिकाने से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिली। जब सूचना की पुष्टि हो गई तो संयुक्त टीम ने कार्रवाई की रणनीति तैयार की।
आधी रात हुई घेराबंदी, ड्रम के पीछे छिपा मिला आरोपी
पुलिस के अनुसार सूचना मिलने के बाद देर रात एएनटीएफ और मध्यप्रदेश पुलिस की टीम गमेरपुरा गांव पहुंची। घर को चारों तरफ से घेर लिया गया ताकि आरोपी भाग न सके। जैसे ही पुलिस ने घर में प्रवेश किया, सुनील मीणा बचने के लिए घर में रखे एक बड़े ड्रम के पीछे जाकर छिप गया। हालांकि पुलिस ने पूरे घर की तलाशी ली और कुछ ही देर में उसे ढूंढ निकाला। इसके बाद आरोपी को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह योजनाबद्ध थी और इसी वजह से आरोपी को भागने का कोई मौका नहीं मिल सका।
राजस्थान के टॉप-25 नार्को अपराधियों में शामिल
पुलिस के मुताबिक सुनील मीणा राजस्थान पुलिस की टॉप-25 नार्को अपराधियों की सूची में शामिल था। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास सहित 19 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं।
पुलिस के अनुसार लंबे समय से उसकी तलाश की जा रही थी। गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग एजेंसियों ने उस पर कुल 2.75 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। इसके अलावा पाली जिले में भी 50 हजार रुपये का अलग इनाम घोषित था।
केरी फायरिंग कांड के बाद से था फरार
पुलिस के अनुसार सुनील मीणा वर्ष 2020 के चर्चित केरी फायरिंग कांड में भी वांछित था। जांच अधिकारियों ने बताया कि उस दौरान डोडा-पोस्त तस्करी से जुड़े आरोपियों ने पुलिस की नाकाबंदी तोड़ने का प्रयास किया था। पुलिस के अनुसार इसी दौरान आरोपियों की ओर से फायरिंग की गई, जिसमें एक पुलिसकर्मी गोली लगने से घायल हो गया था। इस घटना के बाद से सुनील मीणा की तलाश लगातार जारी थी।
पूछताछ में जुटी संयुक्त टीम
गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों के अनुसार पूछताछ के दौरान उसके तस्करी नेटवर्क, संभावित सहयोगियों और अन्य मामलों से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और यदि नए तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर भी जांच आगे बढ़ेगी।
ऑपरेशन नीलमणि की बड़ी सफलता
पुलिस अधिकारियों के अनुसार करीब आठ महीने तक चले ऑपरेशन नीलमणि के बाद यह महत्वपूर्ण सफलता मिली है। तकनीकी निगरानी, खुफिया सूचना, लगातार रेकी और जमीनी स्तर पर बनाई गई रणनीति के संयोजन से आरोपी तक पहुंच संभव हो सकी।
संयुक्त टीम का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आरोपी से पूछताछ के आधार पर उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जाएगी।
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