जीरन। मालवा अंचल की धार्मिक नगरी जीरन इन दिनों राममय वातावरण में डूबी हुई है। नगर के किलेश्वर महादेव मंदिर के समीप स्थित गायत्री शक्ति पीठ में चल रहे 1008 अखंड रामायण पारायण महा-संकल्प ने अब एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली है। बुधवार 6 मई को यहां 900 रामायण पारायण सफलतापूर्वक पूर्ण किए गए। इस उपलब्धि के बाद मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने प्रभु श्रीराम के जयकारों के साथ खुशी व्यक्त की।
ढाई वर्षों से लगातार जारी है रामायण पाठ
गायत्री शक्ति पीठ में यह धार्मिक अनुष्ठान 29 सितंबर 2023 से लगातार जारी है। पिछले ढाई वर्षों से यहां दिन-रात अखंड रामायण पारायण हो रहा है। मंदिर परिसर में चौबीसों घंटे रामचरितमानस की चौपाइयों की गूंज सुनाई देती है। श्रद्धालुओं का कहना है कि इस अनुष्ठान ने पूरे नगर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया है।
900 रामायण पारायण पूर्ण होने के साथ अब यह संकल्प अपनी पूर्णता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। आयोजन समिति के अनुसार, यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना का भी बड़ा केंद्र बन चुका है।
प्रतिदिन 25 से 30 श्रद्धालु निभा रहे जिम्मेदारी
इस महा-संकल्प को पूरा करने में स्थानीय श्रद्धालुओं का विशेष योगदान है। प्रतिदिन लगभग 25 से 30 साधक नियमित रूप से गायत्री शक्ति पीठ पहुंचकर रामायण पाठ में भाग लेते हैं। एक संपूर्ण रामायण पारायण को पूरा करने में करीब 25 से 28 घंटे का समय लगता है।
इसके बावजूद श्रद्धालु पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ इस सेवा कार्य में लगे हुए हैं। बुजुर्गों के साथ-साथ युवा और महिलाएं भी इस धार्मिक आयोजन में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। कई परिवार ऐसे हैं जो लगातार इस अनुष्ठान से जुड़े हुए हैं और इसे अपने जीवन का हिस्सा बना चुके हैं।
नगर का वातावरण हुआ भक्तिमय
900 रामायण पारायण पूर्ण होने के बाद पूरे जीरन में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। मंदिर परिसर में सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रहती है। भजन-कीर्तन और रामधुन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अखंड रामायण पाठ के कारण नगर में धार्मिक चेतना बढ़ी है और लोगों में सकारात्मक सोच का विकास हुआ है। कई श्रद्धालु दूर-दराज के गांवों से भी यहां पहुंच रहे हैं और रामायण पारायण में सहभागिता कर रहे हैं।
अब केवल 108 पारायण बाकी
1008 अखंड रामायण पारायण संकल्प को पूर्ण करने के लिए अब केवल 108 पारायण शेष रह गए हैं। आयोजन समिति ने बताया कि संकल्प पूर्ण होने पर भव्य धार्मिक आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर विशाल रामकथा, भजन संध्या और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
समिति के सदस्यों का कहना है कि 1008 अखंड रामायण पारायण पूर्ण होने का यह क्षण जीरन के इतिहास में विशेष महत्व रखेगा। इसे नगर का ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन माना जा रहा है।
श्रद्धालुओं में दिख रहा उत्साह
900 रामायण पारायण की उपलब्धि के बाद श्रद्धालुओं का उत्साह और भी बढ़ गया है। मंदिर परिसर में आने वाले भक्त प्रभु श्रीराम के दर्शन कर सुख-समृद्धि और शांति की कामना कर रहे हैं। आयोजन से जुड़े लोगों का कहना है कि प्रभु श्रीराम की कृपा और भक्तों के सहयोग से यह संकल्प सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है।
गौरतलब है कि इस तरह का अखंड रामायण पारायण केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं बल्कि समाज को एक सूत्र में बांधने का भी माध्यम बनता है। जीरन में चल रहा यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का केंद्र बनता जा रहा है।
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