नीमच: शहर में इन दिनों आईपीएल क्रिकेट सट्टे का काला कारोबार जोरों पर है। पुलिस लगातार कार्रवाई के दावे कर रही है और प्रेस नोट जारी कर अपनी पीठ थपथपा रही है, लेकिन हकीकत यह है कि हर बड़ी रेड के दौरान नीमच सट्टा किंग फरार हो जाते हैं और खाकी के हाथ सिर्फ छोटे-मोटे प्यादे लगते हैं। हाल ही में पुलिस ने श्रीराम अस्पताल के पास से नीलेश नाम के एक और गुर्गे को गिरफ्तार किया है, लेकिन असली आका फिर से भागने में सफल रहे हैं।
लगातार हो रही इन गिरफ्तारियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या नीमच पुलिस का खुफिया तंत्र पूरी तरह से फेल हो चुका है? ‘The Times of MP’ की टीम लगातार अपनी ग्राउंड रिपोर्ट्स में बुकीज और सट्टा किंगपिन के नाम प्रकाशित कर रही है। इसके बावजूद पुलिस समय रहते इन मगरमच्छों के गिरेबान तक पहुंचने में नाकाम रही है। नतीजा यह है कि अब पुलिस को मजबूरी में इन्हीं बड़े नामों को फरार घोषित करना पड़ रहा है।
16 लाख का हिसाब और 3 मास्टर आईडी का खेल
पुलिस थाना नीमच कैंट से जारी प्रेस नोट के मुताबिक, 17 अप्रैल 2026 को सउनि अखिलेश घोंगडे को मुखबिर से सूचना मिली थी। इसके आधार पर श्रीराम अस्पताल के सामने वाले ग्राउंड के पास से नीलेश (25) पिता भेरूलाल आर्य को पकड़ा गया। पुलिस ने जब नीलेश के वन प्लस मोबाइल को खंगाला, तो उसमें 16 लाख रुपये के लेन-देन का हिसाब मिला।
जांच में सामने आया कि आरोपी अपने इंटरनेट ब्राउजर के जरिए तीन मास्टर आईडी— admin.lotusbook247.com, gbexch9.com और 23exch9.com का संचालन कर रहा था। वह इन मास्टर आईडी के माध्यम से आम लोगों को सब-आईडी (Sub-ID) बनाकर देता था और रातों-रात अमीर बनने का लालच देकर उन्हें सट्टे के दलदल में धकेल रहा था।
पूछताछ में खुले नाम, लेकिन नीमच सट्टा किंग फरार
जब पुलिस ने गिरफ्तार किए गए मोहरे नीलेश से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने सट्टे के असली आकाओं के नाम उगल दिए। नीलेश ने बताया कि यह मोबाइल और 23exch9.com की मास्टर आईडी उसे विजय तिवारी (निवासी इंदिरानगर) ने दी थी। वहीं, लोटस (lotusbook247) की मास्टर आईडी हरप्रीत सलूजा उर्फ कोमल सरदार ने और gbexch9.com की आईडी मनीष उर्फ मनीष पुस्तक (निवासी पामेचा) ने उपलब्ध कराई थी।
यानी, यह साफ है कि नीलेश सिर्फ एक मोहरा था जो कमीशन पर इन बड़े बुकीज के लिए काम कर रहा था। लेकिन जैसे ही पुलिस ने नीलेश को पकड़ा, ये तीनों मुख्य सरगना पुलिस की नाक के नीचे से रफूचक्कर हो गए। कैंट पुलिस ने अब इन तीनों को अपने रिकॉर्ड में नीमच सट्टा किंग फरार की सूची में डाल दिया है।
‘The Times of MP’ की लिस्ट वाले आकाओं पर हाथ डालने से डर रही पुलिस?
पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल, एएसपी नवलसिंह सिसौदिया और सीएसपी किरण चौहान के निर्देशन में नीमच कैंट टीआई सौरभ शर्मा की टीम ने इस सिंडिकेट की एक कड़ी को तोड़ा जरूर है, लेकिन असली ‘मगरमच्छ’ अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं।
‘The Times of MP’ ने अपनी पिछली रिपोर्ट्स में डंके की चोट पर सट्टा बाजार के असली किंगपिन के नाम उजागर किए थे। इनमें हर्ष अग्रवाल, डॉलर, सौरभ, मोहित, विकास, चंडी, आकाश, जीतू, रितेश, यश, सन्नी, कपिल, गुणवंत, जानू उर्फ पिंकू, मनोज, पीयूष, आशीष, नरेश और अमरीश जैसे नाम प्रमुखता से शामिल हैं। इसके बावजूद पुलिस का खुफिया तंत्र इतना बेबस है कि इन पर दबिश देना तो दूर, पुलिस इनकी परछाई तक नहीं छू पा रही है।
जब गली-मोहल्ले के लोगों और मीडिया को पता है कि सट्टे का असली रिमोट कंट्रोल किसके हाथ में है, तो पुलिस इन बड़े सटोरियों की घेराबंदी पहले से क्यों नहीं करती? जब तक सिर्फ नीलेश जैसे सब-आईडी बांटने वाले गुर्गे पकड़े जाएंगे और डॉलर-सौरभ जैसे नीमच सट्टा किंग फरार रहेंगे, तब तक सट्टे की यह जड़ खत्म नहीं होने वाली। असली जरूरत उन सफेदपोशों के अवैध साम्राज्यों पर बुलडोजर चलाने की है, जो पर्दे के पीछे बैठकर करोड़ों का खेल चला रहे हैं।
FAQ Section
Q1. नीमच कैंट पुलिस ने हाल ही में किस सटोरिए को गिरफ्तार किया है?
A. पुलिस ने श्रीराम अस्पताल के पास से 25 वर्षीय नीलेश आर्य (निवासी तिरुपति नगर) को ऑनलाइन सट्टा संचालित करते हुए गिरफ्तार किया है।
Q2. आरोपी के पास से पुलिस को क्या-क्या बरामद हुआ है?
A. नीलेश के पास से दो स्क्रीन टच मोबाइल फोन, 3 मास्टर आईडी का एक्सेस और करीब 16 लाख रुपये के सट्टे का हिसाब-किताब बरामद हुआ है।
Q3. मामले में किन बड़े सटोरियों को फरार घोषित किया गया है?
A. पुलिस ने मास्टर आईडी उपलब्ध कराने वाले तीन मुख्य आरोपियों— विजय तिवारी, हरप्रीत सलूजा उर्फ कोमल सरदार और मनीष उर्फ मनीष पुस्तक को फरार घोषित किया है।
Q4. आरोपी किस तरीके से ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे?
A. फरार मुख्य आरोपी लोटस और अन्य सट्टा वेबसाइट्स की ‘मास्टर आईडी’ नीलेश को देते थे। नीलेश इसके जरिए आम लोगों की ‘सब-आईडी’ बनाता था और उनसे पैसा लगवाता था।
Q5. पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल क्यों उठ रहे हैं?
A. सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि ‘The Times of MP’ द्वारा बड़े सटोरियों के नाम पहले ही उजागर किए जा चुके थे, फिर भी पुलिस केवल छोटे गुर्गों को पकड़ पाई और असली मास्टरमाइंड आसानी से फरार हो गए।
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