नीमच। देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी का एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश करते हुए नीमच जिले ने सैनिक कल्याण सम्मान के क्षेत्र में पूरे प्रदेश में अपनी अलग पहचान बनाई है। सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए किए गए उत्कृष्ट कार्यों के चलते जिले के कलेक्टर हिमांशु चंद्रा को राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया।
भोपाल स्थित लोक भवन में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। यह सैनिक कल्याण सम्मान सशस्त्र सेना ध्वज दिवस कोष में उल्लेखनीय योगदान और लक्ष्य से अधिक राशि एकत्रित करने के लिए दिया गया।
प्रदेश में उदाहरण बना नीमच
नीमच जिले ने सैनिक कल्याण सम्मान के तहत जो उपलब्धि हासिल की है, वह केवल एक प्रशासनिक सफलता नहीं, बल्कि जनभागीदारी की ताकत का प्रमाण भी है। जिले ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक राशि एकत्र कर यह साबित किया कि यहां के नागरिकों में देश के जवानों के प्रति गहरी श्रद्धा और सम्मान है।
इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने योजनाबद्ध तरीके से काम किया। जागरूकता अभियान चलाए गए, विभिन्न संस्थाओं और समाज के लोगों को जोड़ा गया, जिससे व्यापक स्तर पर सहयोग मिला।
राज्यपाल का संदेश
कार्यक्रम में राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने कहा कि सैनिक कल्याण सम्मान केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि उन वीर सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया है।
उन्होंने कहा कि सशस्त्र सेना ध्वज दिवस कोष के माध्यम से एकत्रित राशि का उपयोग भूतपूर्व सैनिकों, उनके परिवारों और शहीदों के आश्रितों के कल्याण में किया जाता है। ऐसे में समाज के हर वर्ग को इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।
जनसहयोग से मिली बड़ी सफलता
नीमच जिले में सैनिक कल्याण सम्मान अभियान के दौरान समाज के हर वर्ग ने अपनी जिम्मेदारी निभाई। व्यापारियों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया।
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने इस उपलब्धि का श्रेय पूरी टीम और जिले की जनता को दिया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान सामूहिक प्रयासों का परिणाम है और यह आगे भी समाज सेवा के लिए प्रेरित करेगा।
प्रशासनिक नेतृत्व की अहम भूमिका
इस सफलता के पीछे मजबूत प्रशासनिक नेतृत्व की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। कलेक्टर के मार्गदर्शन में अधिकारियों ने मिशन मोड में कार्य किया, जिससे लक्ष्य से अधिक राशि संग्रह संभव हो सका।
सैनिक कल्याण सम्मान यह दर्शाता है कि जब प्रशासन और जनता एक साथ मिलकर काम करते हैं, तो असाधारण परिणाम सामने आते हैं।
देशभक्ति का जीवंत उदाहरण
नीमच जिले की यह उपलब्धि देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी का जीवंत उदाहरण है। सैनिक कल्याण सम्मान ने यह साबित किया है कि सैनिकों के प्रति सम्मान केवल शब्दों में नहीं, बल्कि कार्यों में भी झलकना चाहिए।
यह सम्मान न केवल जिले के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह अन्य जिलों को भी प्रेरित करेगा कि वे भी सैनिक कल्याण के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाएं।
यह भी पढ़ें: गांधी सागर चीता प्रोजेक्ट: 1 साल में ‘प्रभास-पावक’ की बड़ी सफलता, नए आवास में पूरी तरह ढले
ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।


















