नीमच/जावद। मध्य प्रदेश के नीमच जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ न्यायालय ने एक कड़ा संदेश दिया है। जावद स्थित विशेष न्यायालय (NDPS एक्ट) के न्यायाधीश विनोद कुमार पाटीदार ने करीब 40 किलो डोडाचूरा की तस्करी करने वाले एक आरोपी को 4 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर 75,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह डोडाचूरा मामला करीब 5 साल पुराना है, जब यात्री बस के जरिए राजस्थान की ओर मादक पदार्थ ले जाया जा रहा था।
राजस्थान का तस्कर, मंदसौर से जा रही थी खेप
इस मामले में सजा पाने वाला आरोपी प्रकाश (27), पिता जवाहरलाल विश्नोई, जोधपुर (राजस्थान) के डांगियावास थाना क्षेत्र का निवासी है। अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी एडीपीओ रितेश कुमार सोमपुरा के मुताबिक, आरोपी को 39.600 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया और पुख्ता सबूतों के आधार पर अब उसे जेल भेज दिया गया है।
रात 11 बजे RTO बैरियर पर हुई थी बड़ी घेराबंदी
घटना 7 फरवरी 2022 की रात की है। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) का निवारक दल नयागांव आरटीओ बैरियर के पास रूटीन गश्त और वाहनों की चेकिंग कर रहा था। इसी दौरान रात करीब 11 बजे मंदसौर की तरफ से आ रही ‘एम.आर. ट्रेवल्स’ की बस को रोका गया।
तलाशी के दौरान बस की डिक्की में दो सफेद कट्टे संदिग्ध हालत में मिले। जब बस में सवार यात्रियों से पूछताछ हुई, तो इन कट्टों पर आरोपी प्रकाश विश्नोई ने अपना हक जताया। कट्टों को खोलकर देखने पर उनमें डोडाचूरा भरा हुआ था। मौके पर ही मादक पदार्थ को जब्त कर आरोपी को हिरासत में लिया गया और एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया।
कोर्ट में ऐसे हारी बचाव पक्ष की दलीलें
विचारण के दौरान सीबीएन (CBN) की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्री सुशील कुमार ऐरन ने पैरवी की। उन्होंने कोर्ट के सामने अहम गवाहों के बयान कराए और वैज्ञानिक साक्ष्य पेश किए। श्री ऐरन ने दलील दी कि मादक पदार्थों की तस्करी समाज की जड़ों को खोखला कर रही है, इसलिए आरोपी को किसी भी सूरत में रियायत नहीं मिलनी चाहिए।
अभियोजन पक्ष ने यह साबित कर दिया कि आरोपी ने जानबूझकर बस का इस्तेमाल तस्करी के लिए किया था। कोर्ट ने अभियोजन की दलीलों और गवाहों के बयानों को संदेह से परे मानते हुए प्रकाश विश्नोई को धारा 8(सी)/15(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी करार दिया। सहयोग अभिभाषक सुश्री दीपशिखा रावल ने भी इस कानूनी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
फैसले का मुख्य अंश: सजा और जुर्माना
जावद कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों का अवैध व्यापार एक गंभीर अपराध है। आरोपी को 04 वर्ष का सश्रम कारावास भुगतना होगा। साथ ही, 75,000 रुपये का जुर्माना न भरने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी।
FAQ: नीमच एनडीपीएस कोर्ट डोडाचूरा तस्करी केस से जुड़े सवाल
1. आरोपी प्रकाश विश्नोई कहां का रहने वाला है?
आरोपी राजस्थान के जोधपुर जिले के खेड़ी ढाणी (डांगियावास) का निवासी है।
2. तस्करी के लिए किस वाहन का उपयोग किया गया था?
तस्कर ने ‘एम.आर. ट्रेवल्स’ की यात्री बस का उपयोग किया था, जिसकी डिक्की में डोडाचूरा छिपाया गया था।
3. कितनी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किया गया?
नारकोटिक्स विभाग ने कुल 39.600 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा जब्त किया था।
4. इस मामले में शासन की ओर से पैरवी किसने की?
शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्री सुशील कुमार ऐरन द्वारा पैरवी की गई, जिसमें सुश्री दीपशिखा रावल ने सहयोग किया।
5. कोर्ट ने कितनी सजा सुनाई है?
माननीय न्यायालय ने आरोपी को 4 साल की कठोर जेल और 75,000 रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।
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