रामपुरा। नीमच जिले के रामपुरा क्षेत्र में शनिवार दोपहर एक दर्दनाक रामपुरा हादसा हुआ, जिसने खुशियों से लौट रहे एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। जानकारी के अनुसार, गायरी गुर्जर समाज के लोग मनासा के सावन कुंड गांव में आयोजित मन्नत कार्यक्रम में शामिल होकर अपने गांव अंतरालिया लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी तूफान गाड़ी बैंसला घाट के पास अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई।
हादसे के समय वाहन में करीब 10 लोग सवार थे, जिनमें महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल थे। पलभर में हुआ यह रामपुरा हादसा इतना भयावह था कि मौके पर चीख-पुकार मच गई और हर ओर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
तेज रफ्तार और घाट का मोड़ बना हादसे की वजह
यह रामपुरा हादसा नीमच-झालावाड़ मार्ग पर पटेल श्री होटल के पास, बैंसला घाट क्षेत्र में दोपहर करीब 2 बजे हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वाहन तेज गति में था और घाट के खतरनाक मोड़ पर चालक अचानक नियंत्रण खो बैठा। इससे गाड़ी सड़क किनारे पलट गई।
स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। वाहन के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए काफी प्रयास करना पड़ा। कई लोग गाड़ी के नीचे दबे हुए थे, जिन्हें निकालने में समय लगा।
दो की मौके पर मौत, बच्चों समेत 7 घायल
इस रामपुरा हादसा में 55 वर्षीय सोहन बाई और वाहन चालक 40 वर्षीय भारत चौहान की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
वहीं, इस दुर्घटना में 7 लोग घायल हो गए, जिनमें दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं। सभी घायलों को तुरंत रामपुरा के सिविल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन एक व्यक्ति की हालत गंभीर होने के कारण उसे नीमच जिला अस्पताल रेफर किया गया।
अन्य घायलों का इलाज रामपुरा में जारी है और उनकी स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।
एंबुलेंस की देरी पर उठे सवाल
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि रामपुरा हादसा के बाद एंबुलेंस समय पर मौके पर नहीं पहुंच सकी। इस कारण घायलों को अस्पताल ले जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कुछ लोगों ने अपने निजी वाहनों का उपयोग कर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आपातकालीन सेवाओं को और बेहतर बनाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति में समय पर मदद मिल सके।
पुलिस जांच में जुटी, मर्ग कायम
घटना की सूचना मिलते ही रामपुरा पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहन को हटाकर यातायात को सुचारू किया। इस रामपुरा हादसा को लेकर पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में यह माना जा रहा है कि तेज रफ्तार और घाट क्षेत्र का खतरनाक मोड़ इस हादसे के मुख्य कारण रहे हैं। पुलिस द्वारा मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
गांव में पसरा मातम, समाज में शोक
इस दर्दनाक रामपुरा हादसा के बाद गायरी गुर्जर समाज में शोक की लहर दौड़ गई है। जो परिवार मन्नत पूरी कर खुशी-खुशी लौट रहा था, वही कुछ ही पलों में हादसे का शिकार हो गया।
गांव अंतरालिया में मातम पसरा हुआ है और मृतकों के घरों में रोने-बिलखने की आवाजें गूंज रही हैं। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार के खतरों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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