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जनगणना का दूसरा चरण: 1 मई से शुरू, 10 दिन में 40% काम पूरा करने का लक्ष्य

जनगणना का दूसरा चरण

नीमच । मध्यप्रदेश में जनगणना का दूसरा चरण 1 मई 2026 से औपचारिक रूप से शुरू होने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार ने सभी जिलों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। गुरुवार को आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जनगणना निदेशक कार्तिकेय गोयल ने प्रदेशभर के चार्ज अधिकारियों के साथ समीक्षा करते हुए कार्य की प्रगति, तकनीकी व्यवस्था और समयसीमा पर विशेष जोर दिया।

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बैठक में कहा गया कि जनगणना का दूसरा चरण केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि भविष्य की नीतियों और योजनाओं की नींव है। इसलिए प्रत्येक प्रगणक और अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभानी होगी।

एच.एल.ओ. एप से होगी एंट्री की शुरुआत

इस बार जनगणना प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है। सभी प्रगणकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 1 मई से अधिकृत एच.एल.ओ. (HLO) मोबाइल एप डाउनलोड कर मकानों और परिवारों की एंट्री शुरू करें। यह एप डेटा की सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि गलत एप या अनधिकृत प्लेटफॉर्म का उपयोग करने पर कार्रवाई हो सकती है। तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए चार्ज स्तर पर ही सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

समयसीमा तय, लक्ष्य पूरा करना अनिवार्य

वीडियो कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए।

  • 5 मई तक कम से कम 10% कार्य पूरा करना होगा
  • 10 मई तक 40% जनगणना कार्य पूरा करना अनिवार्य

यह लक्ष्य इसलिए तय किया गया है ताकि जनगणना का दूसरा चरण बिना किसी देरी के आगे बढ़ सके और अंतिम रिपोर्ट समय पर तैयार हो सके। अधिकारियों को यह भी कहा गया कि वे रोजाना प्रगति की समीक्षा करें।

डाटा सिंक और निगरानी व्यवस्था

सभी पर्यवेक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे 5 मई तक डाटा सिंक की प्रक्रिया शुरू करें। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सभी जानकारी समय पर अपडेट हो और किसी भी त्रुटि को तुरंत ठीक किया जा सके।

इसके अलावा चार्ज अधिकारियों को कहा गया है कि वे नियमित रूप से पोर्टल पर लॉगिन कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें और प्रगणकों के काम पर नजर रखें।

फील्ड विजिट और जवाबदेही तय

जनगणना का दूसरा चरण प्रभावी तरीके से पूरा करने के लिए अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण करने के निर्देश दिए गए हैं। फील्ड विजिट के दौरान वे यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी प्रगणक सही तरीके से कार्य कर रहे हैं या नहीं।

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस बार हर स्तर पर जवाबदेही तय होगी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सेल्फ एन्यूमरेशन में शानदार प्रगति

पहले चरण में सेल्फ एन्यूमरेशन को लेकर प्रदेश में उत्साहजनक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। अब तक 5.80 लाख से अधिक नागरिकों ने स्वयं अपने फॉर्म भर लिए हैं।

यह आंकड़ा दर्शाता है कि लोग डिजिटल माध्यम को तेजी से अपना रहे हैं। सरकार ने यह भी घोषणा की है कि जो प्रगणक अपने क्षेत्र में 100% सेल्फ एन्यूमरेशन पूरा कराएंगे, उन्हें सम्मानित किया जाएगा।

अवकाश नियमों में सख्ती

जनगणना कार्य को प्राथमिकता देते हुए अवकाश व्यवस्था को भी नियंत्रित किया गया है।

  • प्रगणक और सुपरवाइजर का अवकाश संबंधित चार्ज अधिकारी ही मंजूर करेंगे
  • चार्ज अधिकारियों का अवकाश कलेक्टर कार्यालय से स्वीकृत होगा

इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि जनगणना का दूसरा चरण बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से पूरा हो सके।

नीमच सहित सभी जिलों में तैयारी पूरी

नीमच जिले में भी इस अभियान को लेकर प्रशासन पूरी तरह तैयार है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा, एडीएम बी.एस. कलेश और जिला जनगणना अधिकारी पराग जैन सहित सभी अधिकारियों को जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से सौंप दी गई हैं।

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