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आर्ट ऑफ लिविंग का बड़ा सम्मान: नीमच के ‘बैम्बू मैन’ कमलाशंकर विश्वकर्मा को मिलेगा ‘अनसंग एवरीडे हीरोज अवॉर्ड’

अनसंग एवरीडे हीरोज अवॉर्ड

नीमच | जिले के लिए एक बड़ी और गर्व करने वाली खबर सामने आई है। कृषि नवाचार (Agriculture Innovation) और निःस्वार्थ समाजसेवा के लिए नीमच के कमलाशंकर विश्वकर्मा को प्रतिष्ठित अनसंग एवरीडे हीरोज अवॉर्ड (Art of Living Unsung Everyday Heroes Award) के लिए चुना गया है। यह बड़ा सम्मान उन्हें 3 मई को धार्मिक नगरी उज्जैन में आयोजित होने वाले एक भव्य समारोह में प्रदान किया जाएगा।

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साफ है कि यह उन लोगों की जीत है, जो बिना किसी दिखावे या शोर-शराबे के जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं। कमलाशंकर विश्वकर्मा ने लंबे समय से मालवा अंचल में खेती-किसानी के क्षेत्र में नए प्रयोग किए हैं। पर्यावरण संरक्षण और बांस की उन्नत खेती (Bamboo Farming) की दिशा में उनके अद्वितीय कार्यों के कारण ही उन्हें अंचल में ‘बैम्बू मैन’ (Bamboo Man) के नाम से भी जाना जाता है। उनके इन नवाचारों का सीधा फायदा आम किसानों को मिला है। यानी, यह पुरस्कार उनकी उसी खामोश तपस्या का नतीजा है।

श्री श्री रविशंकर के 70वें जन्मोत्सव का है खास मौका

यह कोई आम सम्मान समारोह नहीं है। हालांकि, आर्ट ऑफ लिविंग संस्था देशभर में अपने सेवा कार्यों के लिए जानी जाती है, लेकिन यह आयोजन दो खास वजहों से बेहद महत्वपूर्ण है। पहला, संस्था अपने सफल 45 वर्ष पूरे कर रही है। दूसरा, यह आयोजन आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर जी के 70वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में किया जा रहा है।

संस्था की ओर से स्पष्ट किया गया है कि इस बार फोकस उन ‘गुमनाम नायकों’ पर है, जिन्होंने समाज में एक सकारात्मक बदलाव की नींव रखी है। ‘बैम्बू मैन’ कमलाशंकर विश्वकर्मा का नाम इसी कड़ी में सबसे ऊपर उभरकर सामने आया है। उनके कार्य ने न केवल कृषि क्षेत्र को नई दिशा दी है, बल्कि बांस आधारित रोजगार सृजन से कई लोगों के जीवन स्तर को भी बेहतर बनाया है।

उज्जैन में होगा अनसंग एवरीडे हीरोज अवॉर्ड का भव्य समारोह, जुटेंगे प्रबुद्ध जन

सम्मान समारोह की रूपरेखा तय कर ली गई है। आर्ट ऑफ लिविंग के स्टेट हेड तेज वीर सिंह के मुताबिक, कमलाशंकर विश्वकर्मा जैसे समर्पित और जुनूनी व्यक्तियों का सम्मान करना पूरे समाज के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। जब ऐसे लोग सम्मानित होते हैं, तो युवा पीढ़ी को भी समाजसेवा और पर्यावरण आधारित इनोवेशन के क्षेत्र में आगे आने का हौसला मिलता है।

कार्यक्रम की अहम जानकारी एक नजर में:

  • दिनांक: 3 मई (शनिवार)

  • समय: शाम 4:30 बजे

  • स्थान: माधव क्लब, स्टेशन रोड, उज्जैन

  • मुख्य आकर्षण: देश-प्रदेश के गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी, प्रख्यात हस्तियों का संबोधन और विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ।

मालवा क्षेत्र में कृषि नवाचार हमेशा से एक चुनौतीपूर्ण विषय रहा है। ऐसे में कमलाशंकर विश्वकर्मा जैसे लोग जब संसाधनों के सीमित होने के बावजूद नई तकनीक, बांस की खेती और समाजसेवा का बेहतरीन तालमेल बिठाते हैं, तो वह एक नजीर बन जाता है। उज्जैन के माधव क्लब में होने वाले इस कार्यक्रम में पुरस्कार वितरण के साथ-साथ संस्था के आगामी ग्रामीण विकास प्रोजेक्ट्स पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।


FAQ Section

Q1. कमलाशंकर विश्वकर्मा कौन हैं?

Ans: कमलाशंकर विश्वकर्मा मध्य प्रदेश के नीमच जिले के निवासी हैं। कृषि नवाचार और बांस की उन्नत खेती में उनके विशेष योगदान के चलते उन्हें ‘बैम्बू मैन’ (Bamboo Man) के नाम से जाना जाता है।

Q2. अनसंग एवरीडे हीरोज अवॉर्ड क्या है?

Ans: यह आर्ट ऑफ लिविंग संस्था द्वारा दिया जाने वाला एक प्रतिष्ठित सम्मान है। यह उन लोगों को दिया जाता है जो बिना किसी प्रचार के, खामोशी से समाज की भलाई के लिए काम कर रहे हैं।

Q3. यह अवॉर्ड समारोह कब और कहाँ आयोजित हो रहा है?

Ans: यह समारोह 3 मई को शाम 4:30 बजे उज्जैन के स्टेशन रोड स्थित माधव क्लब में आयोजित किया जाएगा।

Q4. यह आयोजन किस उपलक्ष्य में किया जा रहा है?

Ans: यह कार्यक्रम आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के 45 वर्ष पूर्ण होने और आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर जी के 70वें जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित हो रहा है।

Q5. कमलाशंकर को ‘बैम्बू मैन’ क्यों कहा जाता है?

Ans: बंजर भूमि सुधार और मालवा क्षेत्र में बांस की खेती (Bamboo Farming) को बढ़ावा देने के उनके सफल प्रयासों के कारण उन्हें इस नाम से पहचाना जाता है।


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