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नीमच में नो एंट्री कार्रवाई: प्रतिबंध के बावजूद घुसे भारी वाहन, पुलिस ने ट्रक जब्त किए

नो एंट्री कार्रवाई

नीमच। शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और लगातार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में है। “नो एंट्री कार्रवाई” के तहत भारी वाहनों पर लगाए गए प्रतिबंध को सख्ती से लागू कराया जा रहा है।

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बावजूद इसके, कुछ ट्रांसपोर्टरों द्वारा नियमों की अनदेखी किए जाने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ट्रकों को जब्त करते हुए कड़ी कार्रवाई की।

प्रशासन का आदेश और सख्ती

जिला दण्डाधिकारी हिमांशु चंद्रा द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163(1) के अंतर्गत जारी आदेश के मुताबिक 15 मई 2026 तक सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक शहर के प्रमुख मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है।

“नो एंट्री कार्रवाई” का उद्देश्य शहर के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ट्रैफिक दबाव को कम करना और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

इन मार्गों पर पूरी तरह रोक

प्रशासन ने शहर के कई संवेदनशील इलाकों को “नो एंट्री जोन” घोषित किया है। इनमें हिंगोरिया रेलवे फाटक, भरभड़िया फंटा, जावद फंटा, नाका नंबर 7 से फव्वारा चौक, अंबेडकर रोड, मूलचंद मार्ग, पंचवटी कॉलोनी और टेगोर मार्ग शामिल हैं।
इन क्षेत्रों में निर्धारित समय के दौरान भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह वर्जित है। “नो एंट्री कार्रवाई” के तहत इन मार्गों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

नियम तोड़ने वालों पर सख्त कदम

इसके बावजूद दशहरा मैदान क्षेत्र में स्थित अग्रवाल ट्रांसपोर्ट और निम्बाहेड़ा गोल्डन ट्रांसपोर्ट द्वारा नियमों का उल्लंघन करते हुए भारी वाहनों से माल लोडिंग-अनलोडिंग की जा रही थी।

सूचना मिलते ही यातायात थाना पुलिस मौके पर पहुंची और “नो एंट्री कार्रवाई” के तहत संबंधित ट्रकों को जब्त कर लिया।इस दौरान पुलिस ने साफ संदेश दिया कि नियमों से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस का स्पष्ट संदेश

यातायात प्रभारी सोनू बडगुर्जर ने कहा कि शहर में भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित है। “नो एंट्री कार्रवाई” के तहत यदि कोई वाहन चालक नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

क्यों जरूरी बनी नो एंट्री कार्रवाई

नीमच शहर में लगातार बढ़ती वाहनों की संख्या और संकरी सड़कों के कारण जाम और हादसों की समस्या गंभीर हो गई है। भारी वाहनों की आवाजाही से स्थिति और बिगड़ जाती है।

ऐसे में “नो एंट्री कार्रवाई” शहर के ट्रैफिक प्रबंधन के लिए बेहद जरूरी कदम माना जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि इससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी और यातायात व्यवस्था सुचारू होगी।

आम लोगों को मिला फायदा

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि “नो एंट्री कार्रवाई” के बाद शहर में ट्रैफिक पहले की तुलना में काफी बेहतर हुआ है। बाजार क्षेत्रों और स्कूल समय में अब भीड़ कम हो गई है, जिससे लोगों को राहत मिली है। यदि यह कार्रवाई लगातार जारी रही तो आने वाले समय में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था और बेहतर हो सकती है।

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