नीमच (Neemuch ki khabar)। मध्य प्रदेश के नीमच जिले से एक दर्दनाक और सोचने पर मजबूर करने वाला मामला सामने आया है, जहां अंधविश्वास और लापरवाही के चलते एक मासूम की जान चली गई। बच्चे की मृत्यु का यह मामला समाज के उस कड़वे सच को उजागर करता है, जहां आज भी वैज्ञानिक इलाज के बजाय झाड़-फूंक पर भरोसा किया जाता है।
यह घटना सोमवार सुबह अरनिया चंदेल गांव की है। 5 वर्षीय प्रवीण, जो कि मंदसौर जिले के पिपलिया मंडी का रहने वाला था, इन दिनों अपने ननिहाल में रह रहा था। सुबह करीब 8 बजे वह घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान किसी अज्ञात जहरीले जीव ने उसे काट लिया।
शुरुआत में नहीं समझी गई गंभीरता
घटना के तुरंत बाद बच्चे में कुछ असामान्य लक्षण दिखे, लेकिन परिजनों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। यही वह समय था जब सही निर्णय लिया जाता तो बच्चे की मृत्यु को रोका जा सकता था। लेकिन इसके बजाय परिजन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक के लिए ले गए।
झाड़-फूंक में बीता कीमती समय
परिजन बच्चे को पास के एक धार्मिक स्थल (देवरे) ले गए, जहां पारंपरिक तरीकों से इलाज किया गया। इस दौरान काफी समय निकल गया और जहरीले जीव का जहर धीरे-धीरे बच्चे के पूरे शरीर में फैल गया।
यह देरी ही इस बच्चे की मृत्यु का सबसे बड़ा कारण बन गई। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में हर मिनट कीमती होता है और देरी जानलेवा साबित हो सकती है।
अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

जब बच्चे की हालत बेहद बिगड़ गई, तब परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टरों का स्पष्ट कहना है कि अगर बच्चे को समय पर अस्पताल लाया जाता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। इस मामले में इलाज में देरी सीधे तौर पर बच्चे की मृत्यु की वजह बनी।
परिवार में मचा कोहराम
मासूम की मौत के बाद अस्पताल में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। हर कोई इस अचानक हुई घटना से सदमे में था। लेकिन दुख के बीच भी एक अहम कानूनी प्रक्रिया को नजरअंदाज कर दिया गया।
बिना पोस्टमार्टम शव ले गए परिजन
बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। बिना किसी कानूनी प्रक्रिया को पूरा किए वे शव को अपने गांव पिपलिया मंडी लेकर रवाना हो गए।
हालांकि इस बच्चे की मृत्यु की सूचना पुलिस को दे दी गई है, लेकिन आगे की जांच और कार्रवाई अब सीमित हो सकती है।
ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।






