नीमच | मध्य प्रदेश के नीमच शहर में सोमवार शाम एक अलग ही अंदाज में राजनीतिक जश्न देखने को मिला। भाजपा कार्यकर्ताओं ने पश्चिम बंगाल चुनाव में मिली बढ़त की खुशी में ‘झाल मुरी’ बांटकर उत्सव मनाया। आमतौर पर ऐसी खुशी के मौके पर मिठाई बांटी जाती है, लेकिन इस बार ‘झाल मुरी’ को चुना गया, जो इस आयोजन को खास बना गया।
भारत माता चौराहा पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता इकट्ठा हुए। यहां ‘झाल मुरी’ का वितरण किया गया और आतिशबाजी के साथ जश्न मनाया गया। इस दौरान माहौल पूरी तरह उत्साह और नारों से गूंजता रहा।
सादगी का संदेश बना ‘झाल मुरी’


कार्यकर्ताओं का कहना था कि ‘झाल मुरी’ केवल एक नाश्ता नहीं, बल्कि एक प्रतीक है। यह उस आम आदमी से जुड़ाव को दर्शाता है, जो कम पैसों में अपना गुजारा करता है। इसी सोच के साथ ‘झाल मुरी’ को जश्न का हिस्सा बनाया गया।
नगर पालिका अध्यक्ष स्वाती चोपड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली ने राजनीति को जमीन से जोड़ा है। उन्होंने बताया कि बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री ने ‘झाल मुरी’ खाकर जनता से सीधा संवाद किया था। उसी प्रेरणा से नीमच में भी ‘झाल मुरी’ बांटी गई।
आतिशबाजी और जोश से भरा माहौल
कार्यक्रम के दौरान जमकर आतिशबाजी की गई। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को बधाई दी और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। ‘झाल मुरी’ बांटते हुए लोग खुशी साझा करते नजर आए।
स्थानीय लोगों की भी इसमें भागीदारी रही, जिससे यह आयोजन और भी जीवंत बन गया।
बंगाल की राजनीति पर टिप्पणी
इस मौके पर नेताओं ने पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में बदलाव की शुरुआत हो चुकी है।
कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि अब बंगाल भी विकास की दिशा में आगे बढ़ेगा, जैसा अन्य राज्यों में देखने को मिला है।
शहीद कार्यकर्ताओं को किया याद
जश्न के बीच भाजपा नेताओं ने उन कार्यकर्ताओं को भी याद किया, जिन्होंने बंगाल में हिंसा के दौरान अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा कि यह जीत उनके संघर्ष का परिणाम है।
नेताओं ने शहीदों के परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।
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