नीमच। जिले की सबसे बड़ी कृषि उपज मंडियों में शामिल नीमच मंडी में किसानों की परेशानियां लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा नई कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित किसान जनसंवाद कार्यक्रम में किसानों ने खुलकर अपनी समस्याएं सामने रखीं। कार्यक्रम के दौरान गेहूं खरीदी व्यवस्था, स्लॉट बुकिंग में अव्यवस्था, भुगतान में देरी, मंडी परिसर में मूलभूत सुविधाओं की कमी और अवैध वसूली जैसे मुद्दों पर किसानों ने नाराजगी जताई।
कार्यक्रम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने किसानों से सीधा संवाद किया और उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना। किसानों का कहना था कि नीमच मंडी में हर साल खरीदी सीजन के दौरान समस्याएं बढ़ जाती हैं, लेकिन प्रशासन स्थायी समाधान नहीं कर पा रहा है।
स्लॉट बुकिंग व्यवस्था बनी किसानों की सबसे बड़ी परेशानी
किसानों ने बताया कि सरकारी खरीदी केंद्रों पर समय पर स्लॉट नहीं मिलने के कारण उन्हें कई दिनों तक ट्रालियां मंडी परिसर में खड़ी रखनी पड़ रही हैं। इससे डीजल, मजदूरी और भोजन जैसे अतिरिक्त खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। किसानों का कहना है कि ऑनलाइन स्लॉट प्रणाली ग्रामीण किसानों के लिए मुश्किल साबित हो रही है।
कई किसानों ने आरोप लगाया कि तकनीकी जानकारी के अभाव में छोटे किसान परेशान हो रहे हैं जबकि कुछ लोग सिस्टम का फायदा उठाकर पहले से स्लॉट बुक करवा लेते हैं। किसानों ने मांग की कि नीमच मंडी में ऑफलाइन व्यवस्था भी शुरू की जाए ताकि छोटे और ग्रामीण किसानों को राहत मिल सके।
भुगतान में देरी से बढ़ी आर्थिक परेशानी
संवाद कार्यक्रम में किसानों ने भुगतान में देरी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। किसानों ने कहा कि गेहूं बेचने के कई दिनों बाद भी उनके खातों में राशि नहीं पहुंच रही है। इससे खेती के अगले सीजन की तैयारी प्रभावित हो रही है।
किसानों ने यह भी बताया कि भावांतर योजना की राशि लंबे समय से लंबित है। कई किसानों ने कहा कि समय पर भुगतान नहीं मिलने से उन्हें कर्ज लेना पड़ रहा है। किसानों के अनुसार, नीमच मंडी में खरीदी प्रक्रिया तो हो रही है, लेकिन भुगतान व्यवस्था बेहद धीमी है।
व्यापारियों ने भी अपनी समस्याएं रखते हुए कहा कि नकद निकासी सीमा के कारण RTGS भुगतान करना मजबूरी बन गया है, जिससे लेन-देन प्रक्रिया में समय लग रहा है।
मंडी में पेयजल और शौचालय व्यवस्था पर उठे सवाल
निरीक्षण के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मंडी परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। किसानों ने शिकायत की कि भीषण गर्मी के बावजूद पर्याप्त पेयजल व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। दूर-दराज गांवों से आने वाले किसानों को घंटों तक परेशान होना पड़ रहा है।
महिला किसानों और मजदूरों ने शौचालयों की खराब स्थिति पर भी नाराजगी जताई। कई स्थानों पर गंदगी और साफ-सफाई की कमी दिखाई दी। नेताओं ने मंडी परिसर स्थित अन्नपूर्णा भोजनालय का निरीक्षण किया, जहां अव्यवस्थाएं मिलने पर नाराजगी व्यक्त की गई।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने मंडी सचिव से फोन पर चर्चा कर किसानों की संख्या के अनुसार अतिरिक्त सुलभ कॉम्प्लेक्स, स्वच्छ पेयजल और बेहतर कैंटीन व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की।
अवैध वसूली और ट्रालियां खड़ी कर जगह घेरने के आरोप
किसानों ने नीमच मंडी में अवैध वसूली और ट्रालियां खड़ी कर जगह घेरने की शिकायत भी सामने रखी। किसानों का आरोप था कि कुछ लोग पैसों के दम पर पहले से जगह रोक लेते हैं, जिससे सामान्य किसानों को परेशानी उठानी पड़ती है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि इन शिकायतों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। नेताओं ने प्रशासन से पारदर्शी व्यवस्था लागू करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने सरकार को घेरा
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार और मंडी प्रशासन पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया। नेताओं ने कहा कि सरकार किसानों को राहत देने के दावे तो करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर किसान परेशान हैं।
पूर्व जिला अध्यक्ष अनिल चौरसिया, मोहन सिंह जाट, नरेंद्र सिंह राणावत और बलवंत पाटीदार सहित कई नेताओं ने किसानों की समस्याओं को गंभीर बताते हुए जल्द समाधान की मांग की। किसान जनसंवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी
किसानों ने साफ कहा कि यदि नीमच मंडी में व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। किसानों का कहना है कि हर साल खरीदी सीजन में वही समस्याएं सामने आती हैं, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया जाता।
किसानों ने प्रशासन से खरीदी प्रक्रिया को सरल बनाने, भुगतान समय पर करने और मंडी में मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने की मांग की है।
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