नीमच/नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में तेजी से फैल रहे सिंथेटिक ड्रग्स नेटवर्क पर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 2-ब्रोमो-4-मेथाइलप्रोपियोफेनोन नामक रसायन को एनडीपीएस एक्ट के तहत ‘कंट्रोल्ड सब्सटेंस’ घोषित कर दिया है। यह वही एमडी ड्रग्स केमिकल है जिसका इस्तेमाल मेफेड्रोन यानी एमडी ड्रग्स बनाने में बड़े पैमाने पर किया जाता है।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग द्वारा जारी गजट नोटिफिकेशन के अनुसार अब इस केमिकल का निर्माण, खरीद-बिक्री, भंडारण और परिवहन बिना अनुमति नहीं किया जा सकेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
दरअसल, पिछले 7-8 महीनों में मध्यप्रदेश के नीमच, मंदसौर, रतलाम, भोपाल और आगर-मालवा सहित कई जिलों में एमडी ड्रग्स की फैक्ट्रियां और लैब पकड़ी गई हैं। जांच एजेंसियों ने करीब 2 हजार करोड़ रुपए से अधिक की ड्रग्स और केमिकल जब्त किए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक एमडी ड्रग्स बनाने में करीब 25 से 30 तरह के केमिकल उपयोग होते हैं, लेकिन 2-ब्रोमो-4-मेथाइलप्रोपियोफेनोन सबसे अहम माना जाता है। अब तक यह प्रतिबंधित सूची में शामिल नहीं था, जिससे कार्रवाई में दिक्कत आती थी।
यह एमडी ड्रग्स केमिकल दवा और कृषि उद्योग में भी उपयोग होता है। इसका इस्तेमाल दर्द निवारक, शांतिदायक और मिर्गी की दवाओं के साथ-साथ कीटनाशक, पॉलिमर और कोटिंग बनाने में किया जाता है। इसी वजह से सरकार ने इसे पूरी तरह बैन करने के बजाय नियंत्रित श्रेणी में रखा है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि इस फैसले से अवैध ड्रग्स नेटवर्क की सप्लाई चेन पर बड़ा असर पड़ेगा।
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