नीमच। नीमच कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस समय भावुक माहौल बन गया, जब ग्राम सेमली चन्द्रावत की चार बहनें अपनी पुश्तैनी जमीन बचाने की गुहार लेकर पहुंचीं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनकी कृषि भूमि पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।
जमीन पर बताया अपना अधिकार
मुन्नीबाई, नंदूबाई, धापूबाई और कैलाशीबाई नायक ने प्रशासन को दिए आवेदन में बताया कि उनके पिता स्वर्गीय हजारीलाल नायक की कृषि भूमि का नामांतरण वर्षों पहले उनके नाम पर हो चुका है और वे लगातार उस जमीन पर खेती कर रही हैं। इसके बावजूद अब कुछ लोग कथित फर्जी विक्रय पत्र के आधार पर जमीन पर दावा कर रहे हैं।
महिलाओं के अनुसार यह पैतृक जमीन विवाद अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। उनका आरोप है उनके चाचा द्वारा शासकीय मद की भूमि का कथित फर्जी विक्रय पत्र तैयार कर कुछ लोगों को बेचा गया, जिसके बाद उनकी जमीन पर भी कब्जा करने की कोशिश शुरू हो गई।
खेत पर पहुंचीं तो मिली धमकी
पीड़ित महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे खेत पर कृषि कार्य के लिए पहुंचीं तो संबंधित लोगों ने गाली-गलौच की और दोबारा खेत पर आने पर जान से मारने की धमकी दी। महिलाओं का कहना है कि वे अपनी ही जमीन पर जाने से डर महसूस कर रही हैं।
जनसुनवाई में महिलाओं ने प्रशासन से मांग की कि पूरे पैतृक जमीन विवाद की निष्पक्ष जांच कराई जाए, कथित फर्जी विक्रय पत्र को निरस्त किया जाए और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही उनकी जमीन और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग रखी गई।
प्रशासन ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच करवाने का आश्वासन दिया है। फिलहाल आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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