30 डॉलर सस्ता हुआ तेल, फिर भी नहीं घटे दाम! फ्यूल प्राइस पर मंत्री के बयान ने बढ़ाई हलचल
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
22 जून 2026, (अपडेटेड 22 जून 2026, 3:30 अपराह्न IST)

कच्चा तेल गिरा, जनता को राहत नहीं मिली… आखिर पेट्रोल-डीजल के दाम कम होने में कौन-सी दीवार खड़ी है?

नीमच । अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट के बाद देशभर में लोग फ्यूल प्राइस में राहत की उम्मीद कर रहे थे। लेकिन जब पेट्रोल और डीजल के दाम जस के तस बने रहे तो सवाल उठने लगे कि आखिर सस्ता तेल जनता तक क्यों नहीं पहुंच रहा? अब इस पूरे मामले पर पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का बयान सामने आया है, जिसने फ्यूल मार्केट की अंदरूनी तस्वीर साफ कर दी है।

दरअसल, हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी नरमी आई है। पहले जहां क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया था, वहीं अब कीमतें काफी नीचे आ चुकी हैं। इसके बावजूद फ्यूल प्राइस में तत्काल कटौती नहीं की गई है।

आखिर क्यों नहीं घटे फ्यूल प्राइस?

पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के मुताबिक

तेल विपणन कंपनियां अभी भी पहले खरीदे गए महंगे कच्चे तेल का प्रसंस्करण कर रही हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सस्ता हुआ नया तेल अभी पूरी तरह रिफाइनरियों तक नहीं पहुंचा है। मंत्री का कहना है कि जब कम कीमत पर खरीदा गया कच्चा तेल उत्पादन चक्र में शामिल होगा, तब फ्यूल प्राइस में राहत की संभावना दिखाई दे सकती है।

यही वजह है कि वैश्विक बाजार में आई गिरावट का फायदा उपभोक्ताओं को तुरंत नहीं मिल पाता। तेल खरीदने, उसे भारत लाने, रिफाइन करने और फिर बाजार तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया में समय लगता है।

सरकार का दावा- कीमतें स्थिर रखीं

मंत्री ने यह भी कहा कि मध्य-पूर्व में तनाव और वैश्विक उथल-पुथल के बावजूद भारत में फ्यूल प्राइस को अपेक्षाकृत स्थिर रखा गया है। सरकार का दावा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद उपभोक्ताओं पर पूरा बोझ नहीं डाला गया।

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि केंद्र सरकार पहले पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती कर चुकी है, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिली थी। साथ ही सरकार लगातार बाजार की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

तेल कंपनियों पर बढ़ रहा दबाव

इस बीच सरकार ने संकेत दिए हैं कि तेल विपणन कंपनियों पर भी आर्थिक दबाव बना हुआ है। मंत्री के अनुसार कई मौकों पर कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, जबकि बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखने की कोशिश की जा रही है। यही कारण है कि फ्यूल प्राइस में कटौती का फैसला केवल कच्चे तेल की कीमतों पर नहीं, बल्कि कंपनियों की लागत, स्टॉक और वैश्विक परिस्थितियों पर भी निर्भर करता है।

क्या जल्द मिलेगी राहत?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि आम आदमी को सस्ता पेट्रोल और डीजल कब मिलेगा। मंत्री के हालिया बयान से संकेत जरूर मिले हैं कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें मौजूदा स्तर पर बनी रहती हैं और सस्ता स्टॉक भारतीय रिफाइनरियों तक पहुंच जाता है, तो आने वाले समय में फ्यूल प्राइस में राहत देखने को मिल सकती है। हालांकि सरकार या तेल कंपनियों की ओर से अभी कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है।


ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें

Aakash Sharma
Aakash Sharmahttps://thetimesofmp.com
आकाश शर्मा मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार और द टाइम्स ऑफ MP के संपादक हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया में 12 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव है। लंबे समय से स्थानीय एवं जनसरोकार से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग, समाचार संपादन और समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने स्थानीय पत्रकारिता में व्यापक अनुभव हासिल किया है।द टाइम्स ऑफ MP के माध्यम से आकाश शर्मा नीमच, मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उनकी कवरेज में स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं कानून-व्यवस्था, जनसमस्याएं, नागरिक सुविधाएं, राजनीति, सामाजिक गतिविधियां, शिक्षा, कृषि, व्यापार और अन्य जनहित से जुड़े विषय शामिल हैं।उनकी संपादकीय कार्यशैली में तथ्यपरक रिपोर्टिंग, स्रोत-आधारित जानकारी, निष्पक्ष प्रस्तुति और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दी जाती है। संवेदनशील और अपराध से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग में आरोप और प्रमाणित तथ्य के बीच अंतर बनाए रखने तथा उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर खबर प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।पत्रकारिता के साथ आकाश शर्मा पिछले 4 वर्षों से पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इस भूमिका में वे कानूनी जागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यों से जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही वे इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशन में जिला उपाध्यक्ष (District Vice President) के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।अनुभव 12 वर्ष — प्रिंट मीडिया एवं पत्रकारिता का अनुभव 4 वर्ष — पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में अनुभव संपादक — द टाइम्स ऑफ MP जिला उपाध्यक्ष — इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशनआकाश शर्मा का उद्देश्य स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण सूचनाओं को विश्वसनीय, स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाना तथा आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी मंच प्रदान करना है।विशेषज्ञता: स्थानीय पत्रकारिता | प्रिंट मीडिया | समाचार संपादन | डिजिटल पत्रकारिता | स्थानीय समाचार रिपोर्टिंग | जनहित के मुद्दे | कानूनी जागरूकता |

Hot this week

पालसोड़ा एक्सीडेंट में 1 युवक की मौत, 2 की हालत गंभीर

पालसोड़ा एक्सीडेंट: नीमच जिले के जीरन थाना क्षेत्र में...

उज्जैन शूटिंग रेंज मारपीट: VIDEO में कैद कोच पर हमला, सिस्टम पर उठे सवाल

उज्जैन (Ujjain Crime News)। उज्जैन शूटिंग रेंज मारपीट का...

रिद्धि राठौड़ का शानदार प्रदर्शन, 400 और 600 मीटर दौड़ में जीते स्वर्ण पदक

नीमच। शालेय संभाग स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में स्विमफ्लाय स्पोर्ट्स...

मनासा में घर में सो रहे 40 वर्षीय कालू को सांप ने काटा, समय पर अस्पताल पहुंचाया

मनासा। नीमच जिले के मनासा क्षेत्र में शुक्रवार अलसुबह...

Related Articles

Popular Categories