8th Pay Commission Update | केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े 8वां वेतन आयोग के सामने चेन्नई GPO पेंशनर्स फोरम ने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें न्यूनतम बेसिक पे 68,000 रुपये करने, पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने और MACP व्यवस्था में बदलाव की मांग शामिल है। 7 और 8 सितंबर को चेन्नई में हुई बैठकों के दौरान फोरम ने कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े मुद्दों को आयोग के सामने रखा। अब अगली बैठकें 16, 17 और 18 सितंबर को चंडीगढ़ में होने की जानकारी दी गई है।
8वें वेतन आयोग के सामने क्या-क्या मांगें रखीं?
चेन्नई GPO पेंशनर्स फोरम ने 8वां वेतन आयोग के सामने वेतन, पेंशन और कर्मचारियों की सेवा शर्तों से जुड़े पांच प्रमुख मुद्दे उठाए हैं।
1. 68,000 रुपये न्यूनतम बेसिक पे
फोरम ने न्यूनतम बेसिक पे को 68,000 रुपये करने की मांग की है। इसके साथ छुट्टियों और भत्तों में सुधार, पे-मैट्रिक्स के साथ रनिंग स्केल लागू करने तथा महिला और दिव्यांग कर्मचारियों के लिए विशेष सुविधाओं का सुझाव भी दिया गया है।
2. पुरानी पेंशन योजना की बहाली
फोरम ने OPS यानी पुरानी पेंशन योजना को दोबारा लागू करने की मांग भी रखी है। फोरम के अनुसार, पुरानी पेंशन व्यवस्था से रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को निश्चित आर्थिक सुरक्षा मिल सकती है।
3. कम्यूटेड पेंशन रिकवरी में राहत
रिटायरमेंट के समय पेंशन का एक हिस्सा कम्यूट कराने वाले कर्मचारियों की मासिक पेंशन से होने वाली कटौती से जुड़े नियमों में राहत की मांग की गई है। फोरम ने रिकवरी की अवधि और नियमों में ढील देने की वकालत की है।
MACP और पेंशन को लेकर भी मांग
4. MACP व्यवस्था में बदलाव
फोरम ने MACP यानी Modified Assured Career Progression व्यवस्था में सुधार की मांग की है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को बेहतर करियर प्रोग्रेशन और समय पर वित्तीय लाभ दिलाने से जुड़ा है। लंबे समय तक सेवा देने वाले कर्मचारियों के पे-स्केल को बेहतर करने की मांग भी इसी से जुड़ी है।
5. पेंशन और फैमिली पेंशन बढ़ाने की मांग
फोरम ने पेंशन और फैमिली पेंशन में बढ़ोतरी की मांग भी रखी है। फोरम ने बढ़ती महंगाई और मेडिकल खर्चों को इसके पीछे प्रमुख वजह बताया है। दिवंगत कर्मचारियों के आश्रित परिवारों को भी फैमिली पेंशन में बढ़ोतरी से राहत मिलने की बात कही गई है।
अब चंडीगढ़ की बैठकों पर नजर
दिए गए विवरण के अनुसार, 8वां वेतन आयोग न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में काम कर रहा है और आयोग को अपनी सिफारिशें तथा अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।
चेन्नई के बाद 16, 17 और 18 सितंबर को चंडीगढ़ में अगली महत्वपूर्ण बैठकें होने वाली हैं। हालांकि, 68,000 रुपये न्यूनतम वेतन, OPS बहाली या पेंशन में बढ़ोतरी को अभी अंतिम निर्णय नहीं माना जा सकता। इन मांगों पर अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।
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