नीमच, 13 जुलाई 2026। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान सोमवार को कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सख्त रुख अपनाया। कलेक्टर सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर जोर देते हुए स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनावश्यक विलंब और उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में देर से पहुंचने और बिना सूचना अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल वेतन कटौती की कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा और तय मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ समय पर पात्र हितग्राहियों तक पहुंच सके।
बैठक में देर से पहुंचे अधिकारियों पर कार्रवाई
समीक्षा बैठक में निर्धारित समय से विलंब से पहुंचने पर जनपद पंचायत जावद के उपयंत्री राजेंद्र सिंह तंवर, जनपद पंचायत मनासा के उपयंत्री प्रवीण चौधरी, मुकेश चौहान, ओमप्रकाश कछावा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के ब्लॉक समन्वयक राजेंद्र सिंह चौहान, जनपद पंचायत मनासा के श्री भूरिया तथा जिला पंचायत के प्रकाश पालिया का एक-एक दिवस का वेतन अथवा मानदेय काटने के निर्देश दिए गए। वहीं बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर उपयंत्री गोपाल कुमावत पर भी एक दिन के वेतन कटौती की कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए।
कलेक्टर ने स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के बैठक में विलंब से पहुंचने पर सात दिवस तक के वेतन कटौती की कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीण विकास योजनाओं को लेकर दिए अहम निर्देश
बैठक में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने लंबित ग्राम पंचायत विकास योजनाओं का निर्माण शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्लानर सॉफ्टवेयर पर लंबित कार्यों को पूर्ण करने, चिन्हित कार्यों को सिपरी पोर्टल पर जियोटैग एवं अनुमोदित कराने तथा सभी ग्राम पंचायतों में श्रमिक नियोजन सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही सक्रिय श्रमिकों की लंबित ई-केवाईसी एक सप्ताह के भीतर पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।
पौधारोपण और आजीविका योजनाओं पर भी जोर
“एक बगिया मां के नाम” परियोजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने पौधारोपण, पोल एवं फेंसिंग कार्यों की वास्तविक प्रगति प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। साथ ही गंगोत्री हरित परियोजना के तहत ग्राम पंचायत लासूर में शीघ्र वृक्षारोपण शुरू कराने के निर्देश भी दिए।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा में उन्होंने स्व-सहायता समूहों के माध्यम से रोजगार गतिविधियों का विस्तार करने, नए हितग्राहियों का सर्वे, मोबाइल वेरिफिकेशन एक माह में पूरा करने तथा सीसीएल, पीएमएफएमई और पीएम मुद्रा योजना में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने को कहा। पान और सिंघाड़ा जैसी संभावित फसलों पर कार्ययोजना तैयार करने तथा पशुपालन आधारित ऋण प्रकरणों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।
प्रधानमंत्री आवास योजना और स्वच्छता पर तय किए लक्ष्य
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने आगामी माह में जिले को प्रदेश में दूसरे स्थान तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने 15 अगस्त तक जनपद पंचायत जावद में 500, मनासा में 350 और नीमच में 250 आवास पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही वर्ष 2021-22 के लंबित आवासों और वर्ष 2025-26 की लंबित स्वीकृतियों की प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी पालन, स्वच्छता कर संग्रहण, नियमित कचरा संग्रहण व्यवस्था तथा सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रभावी प्रतिबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए 2000 से अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव और ग्राम रोजगार सहायकों की बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
वाटरशेड योजना की समीक्षा के दौरान लंबित कार्यों पर असंतोष व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने पाल निर्माण और पिचिंग कार्यों में तेजी लाने तथा सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अमन वैष्णव, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, कार्यपालन यंत्री, तीनों जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहायक यंत्री, उपयंत्री, ब्लॉक समन्वयक, परियोजना अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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