नीमच, मंगलवार। जिला कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान जावद तहसील के ग्राम मोड़ी निवासी सजना कुंवर ने अपनी चार बेटियों की टीसी (स्थानांतरण प्रमाण पत्र) दिलाने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर हिमांशु चंद्रा को आवेदन सौंपा। महिला का कहना है कि टीसी नहीं मिलने के कारण उनकी बेटियों का सरकारी विद्यालय में प्रवेश नहीं हो पा रहा है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होने की स्थिति बन गई है।
निजी स्कूल पर टीसी नहीं देने का आरोप
आवेदन में महिला ने आरोप लगाया कि जावद स्थित चिल्ड्रन एकेडमी हायर सेकेंडरी स्कूल प्रबंधन उनकी चारों बेटियों की टीसी जारी नहीं कर रहा है। उनका कहना है कि कई बार अनुरोध करने के बावजूद स्कूल प्रबंधन ने स्थानांतरण प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराया, जिससे बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।
सजना कुंवर ने आवेदन में आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन द्वारा टीसी जारी करने के बदले एक लाख रुपये की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी राशि देना उनके लिए संभव नहीं है। इसी वजह से उनकी बेटियों का विद्यालय परिवर्तन नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में स्कूल प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आया है।
पति के निधन के बाद आर्थिक संकट
महिला ने आवेदन में बताया कि उनके पति का निधन हो चुका है। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण निजी विद्यालय की फीस का खर्च उठाना मुश्किल हो गया है। इसी कारण उन्होंने अपनी बेटियों का प्रवेश सरकारी विद्यालय में कराने का निर्णय लिया, लेकिन टीसी नहीं मिलने से यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है।
सजना कुंवर का कहना है कि उनके पास विद्यालय में जमा की गई फीस की रसीदें उपलब्ध हैं। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन टीसी जारी करने से इनकार कर रहा है। महिला ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उनकी बेटियों को जल्द से जल्द टीसी उपलब्ध कराने की मांग की है।
प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग
महिला ने जिला कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी से अनुरोध किया है कि मामले की जांच कराई जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने चारों बेटियों की टीसी जारी कराकर उनकी पढ़ाई बाधित होने से बचाने की मांग भी की है।
जिला प्रशासन की ओर से मामले में किसी जांच या कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई थी। वहीं, संबंधित स्कूल प्रबंधन का पक्ष भी प्राप्त नहीं हो सका था। प्रशासन की जांच और स्कूल प्रबंधन के पक्ष के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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