नीमच में जलकर वसूली और औद्योगिक जल उपयोग पर कलेक्टर सख्त, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
16 जुलाई 2026, (अपडेटेड 16 जुलाई 2026, 5:15 अपराह्न IST)

नीमच। जिले में पेयजल व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और नीमच जलकर वसूली को नियमित करने के उद्देश्य से जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जलकर की नियमित एवं प्रभावी वसूली सुनिश्चित की जाए। साथ ही औद्योगिक इकाइयों द्वारा जल उपयोग, जलकर भुगतान और अपशिष्ट जल प्रबंधन की भी नियमित निगरानी की जाए।

बैठक के दौरान कलेक्टर ने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों में जलकर वसूली बेहतर हो रही है तथा पेयजल आपूर्ति सुचारु रूप से संचालित की जा रही है, उन्हें प्रोत्साहित करने के साथ सम्मानित भी किया जाएगा। उनका उद्देश्य ग्राम स्तर पर बेहतर जल प्रबंधन को बढ़ावा देना है।

जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक में पेयजल योजनाओं की समीक्षा

बैठक में जिले में संचालित विभिन्न पेयजल योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित और नियमित पेयजल उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जलकर की प्रभावी वसूली से पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव को मजबूती मिलेगी। इसलिए संबंधित विभाग और ग्राम पंचायतें इस कार्य को प्राथमिकता दें।

स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में जल्द दिए जाएं नल कनेक्शन

कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने मध्यप्रदेश जल निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि समूह जल प्रदाय योजनाओं के अंतर्गत जिले के सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों में जल्द से जल्द नल कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों और आंगनवाड़ी केंद्रों में सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिए ताकि बच्चों और हितग्राहियों को स्वच्छ पानी मिल सके।

औद्योगिक इकाइयों के जल उपयोग की होगी नियमित समीक्षा

बैठक में कलेक्टर ने औद्योगिक इकाइयों और बड़े जल उपभोक्ताओं द्वारा किए जा रहे औद्योगिक जल उपयोग की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी बड़े जल उपभोक्ता नियमानुसार जलकर का भुगतान करें। साथ ही जल उपयोग का रिकॉर्ड भी समय-समय पर जांचा जाए, जिससे जल संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित हो सके।

अपशिष्ट जल के उपचार और पुनः उपयोग पर रहेगा विशेष फोकस

बैठक में फैक्ट्रियों से निकलने वाले अपशिष्ट जल के प्रबंधन को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले अपशिष्ट जल का नियमानुसार उपचार (ट्रीटमेंट) किया जाए और उसका पुनः उपयोग सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए संबंधित विभागों की एक समिति गठित करने के भी निर्देश दिए गए, जो समय-समय पर निगरानी कर यह सुनिश्चित करेगी कि पर्यावरणीय मानकों का पालन हो रहा है।

जल संरक्षण और सतत जल प्रबंधन पर भी हुई चर्चा

बैठक में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के साथ-साथ जल संरक्षण और जल संसाधनों के सतत प्रबंधन पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि उपलब्ध जल संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाए तथा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जल संरक्षण संबंधी उपायों को प्राथमिकता दी जाए।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से—

  • सीईओ जिला पंचायत अमन वैष्णव
  • कार्यपालन यंत्री, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग दीपेश वास्पत
  • महाप्रबंधक, मध्यप्रदेश जल निगम धीरेंद्र कुमार बिजौरिया
  • संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी

शामिल रहे।


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Aakash Sharma
Aakash Sharmahttps://thetimesofmp.com
आकाश शर्मा मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार और द टाइम्स ऑफ MP के संपादक हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया में 12 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव है। लंबे समय से स्थानीय एवं जनसरोकार से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग, समाचार संपादन और समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने स्थानीय पत्रकारिता में व्यापक अनुभव हासिल किया है।द टाइम्स ऑफ MP के माध्यम से आकाश शर्मा नीमच, मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उनकी कवरेज में स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं कानून-व्यवस्था, जनसमस्याएं, नागरिक सुविधाएं, राजनीति, सामाजिक गतिविधियां, शिक्षा, कृषि, व्यापार और अन्य जनहित से जुड़े विषय शामिल हैं।उनकी संपादकीय कार्यशैली में तथ्यपरक रिपोर्टिंग, स्रोत-आधारित जानकारी, निष्पक्ष प्रस्तुति और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दी जाती है। संवेदनशील और अपराध से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग में आरोप और प्रमाणित तथ्य के बीच अंतर बनाए रखने तथा उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर खबर प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।पत्रकारिता के साथ आकाश शर्मा पिछले 4 वर्षों से पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इस भूमिका में वे कानूनी जागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यों से जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही वे इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशन में जिला उपाध्यक्ष (District Vice President) के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।अनुभव 12 वर्ष — प्रिंट मीडिया एवं पत्रकारिता का अनुभव 4 वर्ष — पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में अनुभव संपादक — द टाइम्स ऑफ MP जिला उपाध्यक्ष — इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशनआकाश शर्मा का उद्देश्य स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण सूचनाओं को विश्वसनीय, स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाना तथा आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी मंच प्रदान करना है।विशेषज्ञता: स्थानीय पत्रकारिता | प्रिंट मीडिया | समाचार संपादन | डिजिटल पत्रकारिता | स्थानीय समाचार रिपोर्टिंग | जनहित के मुद्दे | कानूनी जागरूकता |

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