नीमच, 16 जुलाई। मोबाइल लूट के एक मामले में नीमच जिला न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विशाल खाड़े ने झपट्टा मारकर महिला को स्कूटी से गिराने और उसका मोबाइल लूटने के मामले में आरोपी राहुल पिता कन्हैयालाल मीणा (20 वर्ष), निवासी ग्राम बोरदियाकला, जिला नीमच को भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 309(4) के तहत 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि जुर्माने की राशि में से 15 हजार रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में दिए जाएं।
अप्रैल 2024 में हुई थी मोबाइल लूट की वारदात
शासन की ओर से पैरवी करने वाले एडीपीओ पारस मित्तल के अनुसार यह मोबाइल लूट की घटना 30 अप्रैल 2024 को दोपहर करीब 4 बजे ग्राम अमावली महल से दुदरसी जाने वाले मार्ग के बीच स्थित घाटी क्षेत्र में हुई थी। फरियादिया सपना अपनी इलेक्ट्रिक स्कूटी से ग्राम दुदरसी स्थित अपने घर जा रही थीं। इसी दौरान पीछे से मोटरसाइकिल पर आए आरोपी ने झपट्टा मारकर उन्हें स्कूटी सहित नीचे गिरा दिया और उनकी जेब में रखा मोबाइल फोन छीनकर मौके से फरार हो गया।
घटना के बाद पीड़िता ने बघाना थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस जांच में आरोपी तक पहुंची
पुलिस के अनुसार विवेचना के दौरान मुखबिर तंत्र से मिली सूचना और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ के आधार पर आरोपी राहुल मीणा की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान आरोपी के कब्जे से लूटा गया मोबाइल भी बरामद किया गया। आवश्यक अनुसंधान पूरा होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अभियोग-पत्र नीमच न्यायालय में प्रस्तुत किया, जिसके बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई।
गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सुनाया फैसला
विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने फरियादिया, विवेचक तथा अन्य महत्वपूर्ण गवाहों के बयान न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। शासन की ओर से पैरवी कर रहे एडीपीओ पारस मित्तल ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को कठोर दंड देने का आग्रह किया। न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद आरोपी को दोषी माना और मोबाइल लूट के मामले में तीन वर्ष के सश्रम कारावास तथा 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
पीड़िता को मिलेगा प्रतिकर
न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी कहा कि आरोपी पर लगाए गए 20 हजार रुपये के अर्थदंड में से 15 हजार रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में प्रदान किए जाएंगे। यह राशि पीड़िता को हुए नुकसान की आंशिक भरपाई के उद्देश्य से दी जाएगी।
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