नीमच। जिले के ग्राम पिपलिया नाथावत में शुक्रवार सुबह मधुमक्खियों के हमले से दो सगे भाई घायल हो गए। घटना के बाद आसपास कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिजनों और ग्रामीणों की मदद से दोनों को सुरक्षित बाहर निकालकर तत्काल जिला चिकित्सालय नीमच पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद कुछ समय तक दोनों की निगरानी की। स्वास्थ्य में सुधार होने पर दोनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
जिला चिकित्सालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार घायल चैन सिंह पिता गोवर्धन सिंह (45 वर्ष) तथा उनके छोटे भाई तूफान सिंह पिता गोवर्धन सिंह (35 वर्ष) निवासी ग्राम पिपलिया नाथावत हैं।
घर के बाहर बैठे थे, तभी अचानक मधुमक्खियों ने किया हमला
अस्पताल से प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह दोनों भाई अपने घर और आंगन की साफ-सफाई कर रहे थे। सफाई का कार्य पूरा होने के बाद वे घर के बाहर बैठकर आराम कर रहे थे। इसी दौरान आसपास स्थित किसी स्थान पर बने मधुमक्खियों के छत्ते से अचानक झुंड निकल आया और दोनों भाइयों पर हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मधुमक्खियों ने कुछ ही क्षणों में दोनों के शरीर पर कई जगह डंक मार दिए। अचानक हुए हमले से दोनों घबरा गए और बचाव के लिए इधर-उधर भागने लगे।
ग्रामीणों ने दिखाई तत्परता
शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ग्रामीणों ने किसी तरह मधुमक्खियों को वहां से हटाया और दोनों भाइयों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसके बाद निजी वाहन से उन्हें तत्काल उपचार के लिए जिला चिकित्सालय नीमच ले जाया गया।ग्रामीणों की त्वरित मदद के कारण दोनों घायलों को समय पर चिकित्सकीय सहायता मिल सकी।
अस्पताल में उपचार के बाद दोनों को मिली छुट्टी
जिला चिकित्सालय के अनुसार अस्पताल पहुंचने पर दोनों घायलों का प्राथमिक उपचार किया गया। पहले तूफान सिंह की स्थिति सामान्य होने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई। वहीं चैन सिंह को कुछ समय तक चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया। स्वास्थ्य में सुधार आने के बाद उन्हें भी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। चिकित्सकों ने दोनों को निर्धारित दवाइयों का नियमित सेवन करने तथा कुछ दिनों तक सावधानी बरतने की सलाह दी है।
बरसात के मौसम में बढ़ जाती है ऐसी घटनाओं की संभावना
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में पेड़ों, मकानों और अन्य स्थानों पर बने मधुमक्खियों के छत्तों के कारण इस प्रकार की घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। ग्रामीणों के अनुसार यदि किसी क्षेत्र में बड़ी संख्या में मधुमक्खियां दिखाई दें या आसपास छत्ता हो तो लोगों को वहां अनावश्यक रूप से नहीं जाना चाहिए तथा छत्तों से छेड़छाड़ करने से बचना चाहिए।
प्रशासन से की गई कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आबादी वाले क्षेत्रों में बने बड़े मधुमक्खियों के छत्तों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते ऐसे स्थानों का सर्वे और उचित प्रबंधन किया जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
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