नीमच। जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थ के निर्माण, भंडारण और विक्रय पर नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने होटल, डेयरी और घी विक्रेताओं का आकस्मिक निरीक्षण किया। कार्रवाई में दूध, घी, पनीर, दही, मिठाई और तैयार खाद्य पदार्थों सहित कुल 9 नमूने लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है। अब प्रयोगशाला की रिपोर्ट मिलने के बाद ही नमूनों की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अनुसार यह विशेष निरीक्षण एवं सैंपलिंग अभियान नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, मध्यप्रदेश, भोपाल तथा कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देशानुसार संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण एवं विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण करना है।
रहीमगंज की सांवलिया दूध डेयरी पहुंची टीम
अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने नीमच के रहीमगंज स्थित सांवलिया दूध डेयरी का निरीक्षण किया। प्रशासन के अनुसार प्रतिष्ठान में विक्रय के लिए मिश्रित दूध भंडारित पाया गया। मिलावट की आशंका के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत मिश्रित दूध का एक नमूना जांच के लिए लिया गया। इस नमूने को प्रयोगशाला भेजा गया है।
फिलहाल दूध के नमूने की जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। ऐसे में नमूना लेने की कार्रवाई को दूध में मिलावट की पुष्टि नहीं माना जा सकता। प्रयोगशाला परीक्षण के बाद ही इसकी गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
राजेश ट्रेडर्स में घी के दो नमूने लिए
इसके बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने जारोली ट्रेड सेंटर, नीमच स्थित राजेश ट्रेडर्स का निरीक्षण किया। विभाग के मुताबिक प्रतिष्ठान में विभिन्न ब्रांड के घी भंडारित मिले। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने टुडे देशी घी और धौलपुर फ्रेश देशी घी के दो नमूने जांच के लिए लिए। इन्हें भी अन्य नमूनों के साथ राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है। प्रशासन के अनुसार निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान संचालक अनिल कुमार रामनानी द्वारा मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र, ऑडिट रिपोर्ट और पेस्ट कंट्रोल रिकॉर्ड सहित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। इस पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा-32 के तहत नोटिस जारी किया गया।
घी के दोनों नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट अभी लंबित है। इसलिए इन उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर कोई अंतिम निष्कर्ष रिपोर्ट मिलने के बाद ही सामने आएगा।
शिकायत मिली तो होटल मानसरोवर में हुआ आकस्मिक निरीक्षण
मिलावटी खाद्य पदार्थ के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच प्राप्त शिकायत के आधार पर टीम ने नीमच तहसील के ग्राम बोरखेड़ी पानेड़ी स्थित होटल मानसरोवर का आकस्मिक निरीक्षण किया। प्रशासन के मुताबिक निरीक्षण के दौरान होटल में विक्रय के लिए सेव-दूध सब्जी, पनीर मसाला (ग्रेवी युक्त), मिश्रित दूध, दही, मिठाई और पनीर सहित विभिन्न खाद्य पदार्थ भंडारित पाए गए।
टीम ने यहां से कुल छह खाद्य नमूने जांच के लिए एकत्र किए। इनमें सेव-दूध सब्जी, पनीर मसाला, मिश्रित दूध, दही, मिठाई और पनीर के नमूने शामिल हैं। होटल संचालक पीयूष सेनी द्वारा निरीक्षण के दौरान आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा-32 के तहत नोटिस जारी किया गया।
तीन प्रतिष्ठानों से लिए गए कुल 9 खाद्य नमूने
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई में अलग-अलग प्रतिष्ठानों से कुल 9 खाद्य नमूने एकत्र किए गए। सांवलिया दूध डेयरी से मिश्रित दूध का एक नमूना लिया गया। राजेश ट्रेडर्स से टुडे देशी घी और धौलपुर फ्रेश देशी घी के दो नमूने लिए गए, जबकि होटल मानसरोवर से छह अलग-अलग खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। इस तरह अभियान में दूध और डेयरी उत्पादों से लेकर घी तथा तैयार खाद्य सामग्री तक की सैंपलिंग की गई है।
सभी नौ नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है। प्रशासन के अनुसार जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
इस पूरे अभियान में अब नजर भोपाल से आने वाली जांच रिपोर्ट पर रहेगी। नमूनों की प्रयोगशाला जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित खाद्य नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं। यह भी महत्वपूर्ण है कि मिलावटी खाद्य पदार्थ के खिलाफ अभियान के दौरान किसी प्रतिष्ठान से नमूना लिया जाना अपने आप में उस खाद्य पदार्थ के मिलावटी या अमानक होने की पुष्टि नहीं है। वर्तमान कार्रवाई निरीक्षण और सैंपलिंग के स्तर पर है। अंतिम निष्कर्ष प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट के आधार पर होगा।
प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद ही अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
राजू सोलंकी और यशवंत कुमार शर्मा की टीम ने की कार्रवाई
प्रशासन से प्राप्त जानकारी के मुताबिक जिले में यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजू सोलंकी, यशवंत कुमार शर्मा एवं उनकी टीम द्वारा की गई। नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, मध्यप्रदेश, भोपाल और कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के निर्देशानुसार जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थ के निर्माण, भंडारण और विक्रय पर नियंत्रण के उद्देश्य से विशेष निरीक्षण एवं सैंपलिंग अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है।
इस कार्रवाई में दो प्रतिष्ठानों को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर धारा-32 के तहत नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि सभी नौ खाद्य नमूनों की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही संबंधित नमूनों की वास्तविक स्थिति और आगे होने वाली कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।
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