नीमच, 22 अगस्त 2026। नीमच में शनिवार को बाजारों के शटर डाउन रहे और हायर सेकेंडरी स्कूल नंबर-2 के खेल मैदान को बचाने की मांग ने नया मोड़ ले लिया। प्रस्तावित सांदीपनि स्कूल के निर्माण को लेकर मैदान बचाओ समिति द्वारा आयोजित नीमच बंद को व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों का समर्थन मिला।
बंद के दौरान छावनी क्षेत्र के नया बाजार, घंटाघर, फव्वारा चौक, बारादरी, जाजू भवन टैगोर, सिंधी कॉलोनी और अंबेडकर रोड से जुड़े कई व्यावसायिक क्षेत्रों में दुकानें और व्यावसायिक संस्थान बंद रहे। मैदान बचाओ समिति के अनुसार, बंद शांतिपूर्ण रहा और व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखकर मांग का समर्थन किया।
खिलाड़ियों के मुद्दे से शहर की मांग तक


मैदान बचाओ समिति का कहना है कि शुरुआत में खेल मैदान को बचाने की मांग को कुछ खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों तक सीमित माना जा रहा था, लेकिन शनिवार के बंद में व्यापारियों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी से आंदोलन को व्यापक समर्थन मिला है। समिति के अनुसार, अब मांग केवल मैदान को बचाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि प्रस्तावित सांदीपनि स्कूल के लिए इस स्थान के बजाय किसी अन्य उपयुक्त जगह की तलाश करने की मांग भी प्रमुख हो गई है।
1800 छात्रों और स्कूल बसों को लेकर चिंता
बंद का समर्थन कर रहे व्यापारियों और स्थानीय रहवासियों ने शहर के मध्य स्कूल निर्माण को लेकर यातायात और पार्किंग संबंधी चिंताएं जताई हैं। उनका कहना है कि प्रस्तावित स्कूल में करीब 1800 विद्यार्थियों की आवाजाही और स्कूल बसों के नियमित आवागमन से क्षेत्र में यातायात का दबाव बढ़ सकता है। स्थानीय लोगों ने पहले से मौजूद पार्किंग समस्या का हवाला देते हुए स्कूल शुरू होने के बाद जाम और अव्यवस्था बढ़ने की आशंका जताई है।
व्यापारियों ने यह भी चिंता व्यक्त की कि लगातार यातायात दबाव और जाम से बाजार में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
तिरंगा लेकर निकले कार्यकर्ता
बंद के दौरान मैदान बचाओ समिति के सदस्य, खिलाड़ी और सामाजिक कार्यकर्ता तिरंगा लेकर फव्वारा चौक, घंटाघर और प्रमुख मार्गों पर पहुंचे। समिति के सदस्यों ने बंद का समर्थन करने वाले व्यापारियों का हाथ जोड़कर आभार जताया। समिति के अनुसार, कुछ दुकानें खुली मिलने पर संचालकों से भी मैदान बचाने की मांग के समर्थन में सहयोग की अपील की गई।
अब प्रशासन के फैसले पर नजर
मैदान बचाओ समिति ने कहा है कि अब सर्वसमाज के साथ आगे की रणनीति तैयार की जाएगी और चरणबद्ध आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। समिति की मांग है कि सांदीपनि विद्यालय भवन के लिए शहर में किसी अन्य उपयुक्त नजूल या सरकारी भूमि की तलाश की जाए।
शनिवार के नीमच बंद के बाद अब आंदोलन से जुड़े लोगों की नजर जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के रुख पर है। उपलब्ध जानकारी में प्रशासन की ओर से प्रस्तावित निर्माण, वैकल्पिक भूमि और यातायात संबंधी आशंकाओं पर कोई विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।
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