नीमच। नीमच जनसुनवाई से मिली मदद के बाद मनासा क्षेत्र के ग्राम बालागंज निवासी सुमीबाई पति दशरथ चौहान ने किराना दुकान शुरू की है। आर्थिक रूप से कमजोर सुमीबाई स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण मजदूरी करने में सक्षम नहीं थीं। बच्चों के भरण-पोषण के लिए उन्होंने जनसुनवाई में छोटा व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता की मांग की थी।
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने सुमीबाई की परिस्थितियों को संवेदनशीलता से समझते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद रेडक्रॉस के माध्यम से उन्हें 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। सुमीबाई ने इसी सहायता राशि से किराना दुकान शुरू की। अब सुमीबाई नियमित रूप से अपनी दुकान संचालित कर रही हैं और इससे आय अर्जित कर रही हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दुकान से होने वाली आय से उन्हें बच्चों के भरण-पोषण में मदद मिल रही है।
स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के कारण मजदूरी करना मुश्किल
ग्राम बालागंज निवासी सुमीबाई आर्थिक रूप से कमजोर हैं। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के चलते उनके लिए मजदूरी करना संभव नहीं था। ऐसे में परिवार और बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उनके लिए चुनौती बनी हुई थी। इसी परिस्थिति में उन्होंने जनसुनवाई में अपनी समस्या रखी और बच्चों के भरण-पोषण के लिए छोटा व्यवसाय शुरू करने हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
सुमीबाई का उद्देश्य ऐसा व्यवसाय शुरू करना था, जिससे वे अपनी परिस्थितियों के अनुसार काम कर आय अर्जित कर सकें।
कलेक्टर की पहल पर रेडक्रॉस से मिली सहायता
जनसुनवाई में समस्या सामने आने के बाद कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने मामले में संवेदनशीलता के साथ आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद रेडक्रॉस के माध्यम से सुमीबाई को 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। इस सहायता का उपयोग उन्होंने किराना दुकान शुरू करने के लिए किया। छोटे स्तर पर शुरू की गई इस दुकान के माध्यम से अब सुमीबाई नियमित रूप से आय अर्जित कर रही हैं।
15 हजार रुपये से शुरू किया छोटा व्यवसाय
सुमीबाई ने प्राप्त 15 हजार रुपये की सहायता से किराना दुकान शुरू की। अब वे स्वयं दुकान का संचालन कर रही हैं। दुकान शुरू होने के बाद उनके पास आय का एक साधन उपलब्ध हुआ है। इससे वे अपने बच्चों के भरण-पोषण में सक्षम हो रही हैं। इस तरह आर्थिक सहायता का उपयोग उन्होंने अपने लिए आय का साधन तैयार करने में किया।
प्रशासनिक पहल से मिला आगे बढ़ने का अवसर
सुमीबाई के मामले में जनसुनवाई के माध्यम से समस्या प्रशासन तक पहुंची। इसके बाद कलेक्टर की पहल पर रेडक्रॉस से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। इस सहायता का उपयोग कर सुमीबाई ने किराना दुकान शुरू की। अब वे दुकान का संचालन करते हुए आय अर्जित कर रही हैं। यह मामला इस बात को सामने लाता है कि जरूरतमंद व्यक्ति द्वारा जनसुनवाई में रखी गई समस्या के बाद उसे परिस्थितियों के अनुसार सहायता मिलने पर वह अपनी आजीविका का साधन भी तैयार कर सकता है।
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