नीमच (Neemuch News)| नीमच में CBI रेड के दौरान केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के एक सीनियर अधिकारी के सरकारी आवास की तलाशी ली गई। गुरुवार देर शाम हुई इस कार्रवाई का कनेक्शन करीब 50 लाख रुपए के संदिग्ध लेनदेन से बताया जा रहा है। मामला ड्रग्स जब्ती से जुड़े एक केस को कथित तौर पर दबाने और रफा-दफा करने के आरोपों से जुड़ा बताया जा रहा है।
सीबीआई की टीम ने केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की कॉलोनी स्थित अधिकारी सिद्धार्थ के सरकारी आवास पर तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान दस्तावेज, बैंक स्टेटमेंट और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, सीबीआई की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
अचानक पहुंची CBI की टीम, सरकारी आवास की घेराबंदी
गुरुवार देर शाम सीबीआई की टीम अचानक नीमच पहुंची। टीम सीधे केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की कॉलोनी में पहुंची और सीनियर अधिकारी सिद्धार्थ के सरकारी आवास पर तलाशी कार्रवाई शुरू की। कार्रवाई को गोपनीय रखा गया था। यही वजह रही कि सीबीआई की टीम के पहुंचने से पहले इसकी जानकारी सामने नहीं आई। तलाशी शुरू होने के बाद मामले की जानकारी नारकोटिक्स विभाग से जुड़े लोगों तक पहुंची और महकमे में हलचल बढ़ गई। बताया जा रहा है कि तलाशी देर रात तक चली। टीम ने घर में मौजूद विभिन्न दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की।
50 लाख रुपए के लेनदेन ने बढ़ाया मामला
नीमच में CBI रेड की सबसे अहम कड़ी करीब 50 लाख रुपए का संदिग्ध लेनदेन बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, यह रकम ड्रग्स जब्ती से जुड़े एक संवेदनशील मामले को दबाने और उसे रफा-दफा करने के कथित प्रयास से संबंधित है। इस मामले में खास बात यह बताई जा रही है कि रकम सीधे संबंधित अधिकारी के बैंक खाते में नहीं भेजी गई। जानकारी के अनुसार, कथित तौर पर यह राशि अधिकारी के एक करीबी रिश्तेदार के बैंक खाते में ट्रांसफर कराई गई थी।
अब जांच का एक अहम पहलू यह है कि यह रकम किस वजह से ट्रांसफर की गई और इसका ड्रग्स जब्ती से जुड़े मामले से क्या संबंध है। इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
बैंक स्टेटमेंट से इलेक्ट्रॉनिक गैजेट तक जांच
तलाशी के दौरान सीबीआई टीम ने कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेज और बैंक स्टेटमेंट खंगाले। ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से संबंधित जानकारी और रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में लिए जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा अधिकारी के लैपटॉप और स्मार्टफोन को भी जब्त किए जाने की जानकारी है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिलने वाला डेटा इस जांच में महत्वपूर्ण माना जा सकता है, लेकिन इससे क्या जानकारी सामने आई है, इसकी पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। टीम ने ड्रग्स जब्ती से जुड़े पुराने रिकॉर्ड, मामलों की फाइलें और जब्ती सूचियों की भी जांच की।
CBN महकमे में बढ़ी बेचैनी
CBI की इस कार्रवाई के बाद केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो से जुड़े महकमे में चर्चा तेज हो गई है। खास तौर पर 50 लाख रुपए के कथित लेनदेन और ड्रग्स जब्ती मामले के बीच संबंध की जांच को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
अब CBI के आधिकारिक बयान का इंतजार
फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सस्पेंस सीबीआई की जांच के निष्कर्ष को लेकर है। तलाशी के दौरान क्या-क्या दस्तावेज मिले, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से क्या जानकारी सामने आती है और 50 लाख रुपए के कथित लेनदेन का ड्रग्स जब्ती मामले से वास्तव में क्या संबंध है—इन सवालों के जवाब जांच आगे बढ़ने के साथ सामने आ सकते हैं। सीबीआई की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
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