जिला जेल नीमच का औचक निरीक्षण: बंदियों के हितार्थ हुई गहन जाँच

jail

नीमच, 22 नवंबर 2025: माननीय मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (MPSLSA), जबलपुर के निर्देशानुसार, आज दिनांक 22 नवंबर 2025 को जिला जेल नीमच में एक महत्वपूर्ण औचक निरीक्षण किया गया। यह निरीक्षण माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नीमच, श्री वीरेंद्र सिंह राजपूत के नेतृत्व में संपन्न हुआ।

Shubham Solar Solution

बैरकों में जाकर बंदियों से संवाद

माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश महोदय ने व्यवस्थाओं का अवलोकन करने के बजाय सीधे कैदियों के बैरकों में प्रवेश किया। उन्होंने वहाँ उपस्थित बंदियों से व्यक्तिगत रूप से चर्चा की और उनकी मूलभूत जरूरतों को समझा। बातचीत के दौरान, उन्होंने विशेष रूप से बंदियों के खान-पान की गुणवत्ता, उनके विचाराधीन प्रकरणों की वर्तमान प्रगति, और जमानत संबंधी स्थितियों की विस्तृत जानकारी ली।

न्यायाधीश महोदय ने जेल प्रशासन को तत्परता से आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए ताकि बंदियों के संवैधानिक एवं विधिक अधिकारों का सुनिश्चित पालन हो सके।

लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) पर जागरूकता

निरीक्षण के दौरान, श्री राजपूत ने मुलाकात कक्ष, महिला बैरक, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष और रसोईघर जैसी महत्वपूर्ण जगहों का भी बारीकी से मुआयना किया।

इस अवसर पर, उन्होंने बंदियों के मध्य लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC) प्रणाली को लेकर व्यापक जागरूकता फैलाई। उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय पर आपराधिक मामलों की पैरवी के लिए एक समर्पित डिफेंस काउंसिल टीम कार्यरत है। जिन बंदियों के पास निजी अधिवक्ता नहीं हैं, वे इस सरकारी विधिक सहायता का लाभ उठा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बंदियों को न्यायालय के निर्णय उपरांत समय पर उच्च न्यायालय में अपील दायर करने के महत्व पर भी बल दिया।

निरीक्षण दल में न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अंकित जैन, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री प्रवीण कुमार, जेल अधीक्षक श्री एम.के. चौरसिया और अन्य जेल स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।