Jan Sunwai: जब प्रशासन बना सहारा… दिव्यांग पंकज को मिली ‘आत्मनिर्भरता’ की सौगात, कलेक्टर ने पेश की संवेदनशीलता की मिसाल

Jan Sunwai

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नीमच : अक्सर हम सुनते हैं कि कानून के हाथ लंबे होते हैं, लेकिन नीमच में मंगलवार को यह साबित हो गया कि प्रशासन के हाथ ‘मददगार’ भी होते हैं। कलेक्ट्रेट में आयोजित साप्ताहिक Jan Sunwai केवल शिकायतों का मंच नहीं, बल्कि उम्मीदों का केंद्र बन गई। जिला कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा की एक सकारात्मक पहल ने जावद के एक होनहार दिव्यांग युवक की जिंदगी बदल दी।

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मंगलवार का दिन नीमच जिले के लिए ‘गुड गवर्नेंस’ और ‘संवेदनशीलता’ का बेहतरीन उदाहरण लेकर आया। यहाँ न केवल 55 लोगों की समस्याएं सुनी गईं, बल्कि मौके पर ही फैसले लेकर आम आदमी के विश्वास को मजबूत किया गया।

हौसलों की उड़ान को मिले ‘पंख’

कहते हैं अगर हौसले बुलंद हों, तो रास्ते खुद-ब-खुद बन जाते हैं। जावद के रहने वाले पंकज बोहरा इसी बात का जीता-जागता सबूत हैं। दोनों पैरों से चलने में असमर्थ होने के बावजूद पंकज ने हिम्मत नहीं हारी और बी.सी.ए. (BCA) की पढ़ाई पूरी की। लेकिन डिग्री होने के बावजूद रोजगार की कमी उन्हें परेशान कर रही थी।

पंकज अपनी इसी उम्मीद को लेकर Jan Sunwai में पहुंचे थे। उनकी आँखों में कुछ कर गुजरने का सपना था, जिसे कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा ने तुरंत पहचान लिया। कलेक्टर ने न केवल पंकज की बात को धैर्यपूर्वक सुना, बल्कि एक अभिभावक की भूमिका निभाते हुए तुरंत मदद का हाथ बढ़ाया।

कलेक्टर का मानवीय चेहरा: लैपटॉप और रोजगार का उपहार

Jan Sunwai में एक सुखद क्षण तब आया जब कलेक्टर ने रेडक्रॉस सोसायटी नीमच के माध्यम से पंकज को कंप्यूटर कार्य के लिए लैपटॉप खरीदने हेतु तत्काल सहायता राशि स्वीकृत कर दी। लेकिन कलेक्टर की सोच इससे भी आगे थी। वे चाहते थे कि पंकज किसी पर निर्भर न रहे।

इसलिए, उन्होंने तुरंत ई-गवर्नेंस के जिला प्रबंधक को निर्देश दिए कि पंकज का एम.पी. ऑनलाइन (MP Online) का पंजीयन करवाया जाए और पंजीयन पत्र तत्काल जारी किया जाए। प्रशासन की इस सकारात्मक मदद से अब पंकज अपना खुद का बिजनेस शुरू कर सकेंगे। यह केवल एक लैपटॉप नहीं, बल्कि पंकज और उनके परिवार के लिए सम्मानजनक जीवन जीने का आधार है।

जनता की राह हुई आसान: कनावटी में सुधार के निर्देश

सकारात्मक बदलाव की बयार सिर्फ पंकज तक सीमित नहीं रही। Jan Sunwai में आम नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए कनावटी क्षेत्र के लिए भी बड़ा फैसला लिया गया। कनावटी के हरिओम पाटीदार ने बस्ती में मुख्य सड़क पर हो रहे अतिक्रमण और उससे हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया था।

कलेक्टर ने इसे सकारात्मक रूप से लेते हुए नागरिकों की सुविधा के लिए तहसीलदार को निर्देश दिए कि रास्ते को तुरंत खुलवाया जाए। यह कदम दर्शाता है कि प्रशासन नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने और उनके रास्तों को सुगम बनाने के लिए कितना प्रतिबद्ध है।

55 आवेदकों की उम्मीदों को मिला मंच

इस सप्ताह की Jan Sunwai में जिले भर से आए 55 आवेदकों ने अपनी बात रखी। प्रशासन का रवैया पूरी तरह सहयोगात्मक रहा। जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव और एडीएम श्री बी.एस. कलेश ने भी पूरी आत्मीयता से लोगों की समस्याएं सुनीं। हर आवेदन को गंभीरता से लिया गया और संबंधित अधिकारियों को तय समय में समाधान देने के लिए पाबंद किया गया।

पूरे जिले से जुड़ा विश्वास

इस Jan Sunwai में जिले के हर कोने से लोग इस विश्वास के साथ आए कि उनकी सुनवाई होगी। प्रमुख रूप से:

  • नीमच शहर: इंद्रा नगर के माणकचंद, नीमच सिटी के जगदीश खरारे, जवाहर नगर के रमेशचंद्र, परवीन बी, शंकरलाल।

  • गाँव और कस्बे: नयागांव से राजू धाकड़, किशनपुरा से कमलेश, बिसलवास खुर्द से जानकीलाल, धनेरियाकलां से ममता बाई, गिरदौड़ा से रूपचंद्र।

  • दूरदराज के क्षेत्र: मनासा, सरवानिया महाराज, बोरखेड़ी पानेडी, बराड़ा, मौखमपुरा और कंजार्डा से भी कई आवेदक पहुंचे।

इन सभी की उपस्थिति यह बताती है कि Jan Sunwai जनता और प्रशासन के बीच सेतु का काम कर रही है।

बदलाव की नई तस्वीर

आज की Jan Sunwai की यह रिपोर्ट हमें बताती है कि जब प्रशासन और जनता एक साथ कदम बढ़ाते हैं, तो समाज में सकारात्मक बदलाव आता है। पंकज बोहरा के चेहरे की मुस्कान आज पूरे जिले की मुस्कान बन गई है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की यह पहल यह संदेश देती है कि दिव्यांगजन हमारे समाज का अभिन्न अंग हैं और उन्हें आगे बढ़ाना हम सबकी जिम्मेदारी है।

नीमच प्रशासन की इस पहल को ‘द टाइम्स ऑफ एमपी’ की पूरी टीम सलाम करती है। उम्मीद है कि भविष्य में भी जनसुनवाई ऐसे ही खुशियों की वजह बनेगी।


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