Alert: 90 दिन में हर फोन में Sanchar Saathi App जरूरी, सरकार का कंपनियों को सख्त आदेश
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
01 दिसम्बर 2025, (अपडेटेड 01 दिसम्बर 2025, 9:57 अपराह्न IST)

नई दिल्ली (Tech Desk): भारत में बढ़ते साइबर अपराध और मोबाइल चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा और सख्त कदम उठाया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि देश में बिकने वाले हर नए स्मार्टफोन में अब Sanchar Saathi App पहले से इंस्टॉल (Pre-installed) होना अनिवार्य होगा।

सरकार ने एपल (Apple), सैमसंग (Samsung), वीवो (Vivo), ओप्पो (Oppo) और शाओमी (Xiaomi) जैसी दिग्गज मोबाइल निर्माता कंपनियों को अपनी विनिर्माण प्रक्रिया में बदलाव करने के लिए 90 दिनों की डेडलाइन दी है। इस फैसले का सीधा असर भारत के करोड़ों मोबाइल यूजर्स की सुरक्षा पर पड़ेगा।

Sanchar Saathi App को लेकर क्या है नया आदेश?

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने यह आदेश फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन निजी तौर पर सभी प्रमुख स्मार्टफोन कंपनियों को नोटिस भेज दिया गया है। आदेश में साफ कहा गया है कि:

  1. आने वाले सभी नए हैंडसेट में Sanchar Saathi App प्री-इंस्टॉल होना चाहिए।

  2. इस एप को सिस्टम लेवल पर इंट्रीग्रेट किया जाए ताकि यूजर्स इसे डिलीट या डिसेबल न कर सकें

  3. बाजार में मौजूद पुराने फोन्स के लिए कंपनियों को सॉफ्टवेयर अपडेट (OTA Update) जारी करना होगा, जिससे यह एप उन फोन्स में भी इंस्टॉल हो जाए।

साइबर सुरक्षा में गेम-चेंजर साबित होगा यह फैसला

Sanchar Saathi App

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल बाजार है, जहाँ 1.2 अरब से ज्यादा मोबाइल यूजर्स हैं। इतनी बड़ी संख्या में यूजर्स होने के कारण भारत साइबर अपराधियों के निशाने पर रहता है। Sanchar Saathi App सरकार का एक ऐसा हथियार है, जो सीधे तौर पर तीन बड़ी समस्याओं को खत्म करेगा:

  • फर्जी IMEI नंबर: कई अपराधी एक ही IMEI नंबर पर हजारों फोन चलाते हैं। यह एप इसे तुरंत डिटेक्ट करेगा।

  • फोन चोरी: चोरी हुए फोन को तुरंत ब्लॉक और ट्रैक करने की सुविधा मिलेगी।

  • नेटवर्क मिसयूज: सिम कार्ड फ्रॉड और नेटवर्क क्लोनिंग को रोका जा सकेगा।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “यह एप राष्ट्रीय सुरक्षा और आम जनता की गाढ़ी कमाई बचाने के लिए बेहद जरूरी है। फर्जी IMEI से होने वाले स्कैम को रोकने के लिए हार्डवेयर लेवल पर सुरक्षा चाहिए, जो यह एप प्रदान करेगा।”

Apple के लिए खड़ी हो सकती है बड़ी मुसीबत

सरकार का यह फरमान स्मार्टफोन कंपनियों, विशेषकर अमेरिकी दिग्गज Apple के लिए गले की फांस बन सकता है। एपल अपनी ‘प्राइवेसी पॉलिसी’ को लेकर बेहद सख्त है। कंपनी की इंटरनल पॉलिसी के अनुसार, वह किसी भी थर्ड-पार्टी या सरकारी एप को आईफोन में प्री-इंस्टॉल करने की अनुमति नहीं देती है।

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि:

“पहले भी एपल का ट्राई (TRAI) के साथ एंटी-स्पैम एप को लेकर टकराव हो चुका है। अगर सरकार ने इसे अनिवार्य किया, तो एपल को या तो भारत के लिए अपनी ग्लोबल पॉलिसी बदलनी होगी या फिर सरकार के साथ नेगोशिएशन (बातचीत) करनी होगी।”

कंपनियों की शिकायत है कि इतना बड़ा फैसला लेने से पहले उनसे इंडस्ट्री कंसल्टेशन (सलाह-मशविरा) नहीं किया गया। 90 दिन का समय तकनीकी बदलावों के लिए बहुत कम है।

7 लाख फोन रिकवर कर चुका है ‘संचार साथी’

अगर आप सोच रहे हैं कि यह एप काम करता है या नहीं, तो आंकड़े गवाह हैं। Sanchar Saathi App और पोर्टल को आधिकारिक तौर पर 17 जनवरी 2025 को पूर्ण रूप से लॉन्च माना गया (हालांकि इसका पोर्टल पहले से सक्रिय था)।

  • अब तक 7 लाख से ज्यादा गुम या चोरी हुए मोबाइल इस सिस्टम के जरिए रिकवर किए जा चुके हैं।

  • सितंबर में दूरसंचार विभाग (DoT) ने बताया था कि 22.76 लाख संदिग्ध डिवाइसेज को ट्रेस किया गया है।

Sanchar Saathi App कैसे काम करेगा?

जब यह एप आपके फोन में प्री-इंस्टॉल होकर आएगा, तो यह बैकग्राउंड में काम करेगा।

  1. AI फ्रॉड डिटेक्शन: यह आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके संदिग्ध कॉल और मैसेज की पहचान करेगा।

  2. IMEI वेरिफिकेशन: जैसे ही आप नया सिम डालेंगे, यह चेक करेगा कि फोन का IMEI नंबर ब्लैकलिस्टेड तो नहीं है।

  3. यूजर रिपोर्टिंग: आप सीधे एप के जरिए फ्रॉड कॉल, स्पैम मैसेज या वॉट्सएप हैरसमेंट की शिकायत कर सकेंगे।

यूजर्स के लिए क्या बदलेगा: फायदा या नुकसान?

आम यूजर्स के लिए यह फैसला ‘मिक्स्ड बैग’ जैसा है।

  • फायदा: आपका फोन चोरी होने पर बेकार हो जाएगा, जिससे चोरी की घटनाएं कम होंगी। बैंकिंग फ्रॉड से सुरक्षा मिलेगी।

  • चिंता: प्राइवेसी ग्रुप्स का कहना है कि अगर एप को डिलीट नहीं किया जा सकता, तो यह यूजर के फोन पर कंट्रोल कम करता है। क्या सरकार इसके जरिए डेटा ट्रैक करेगी? हालांकि, DoT ने साफ किया है कि इसका मकसद सिर्फ सुरक्षा है, जासूसी नहीं।

फिलहाल, सभी की निगाहें मोबाइल कंपनियों के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या 90 दिनों में आपके हाथ में ऐसा फोन होगा जो ‘सरकारी सुरक्षा कवच’ के साथ आएगा? यह देखना दिलचस्प होगा।


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Aakash Sharma
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