Neemuch Manasa Road Accident Threat: ‘मौत’ की पार्किंग! 5 दिन से सड़क पर खड़ा है यमदूत, गांधीसागर के अफसरों की ‘मनमानी’ ने बढ़ाया खतरा

Neemuch Manasa Road Accident Threat
नीमच (The Times of MP Exclusive): नीमच जिले की लाइफलाइन कहे जाने वाले नीमच-मनासा मार्ग पर इन दिनों एक अजीबोगरीब और खतरनाक स्थिति बनी हुई है। तिरुपति नगर कॉलोनी के समीप मुख्य मार्ग पर पिछले 5 दिनों से एक विशालकाय ट्रक (ट्राला) खड़ा है, जो महज एक वाहन नहीं, बल्कि सिस्टम की घोर लापरवाही का जीता-जागता सबूत है। यह खड़ा ट्रक राहगीरों के लिए Neemuch Manasa Road Accident Threat (दुर्घटना का खतरा) बन चुका है।

प्रशासनिक सुस्ती और विभागीय अधिकारियों की मनमानी के चलते, व्यस्ततम हाईवे को एक ‘प्राइवेट पार्किंग यार्ड’ में तब्दील कर दिया गया है। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि आखिर प्रशासन किसी बड़े हादसे के बाद ही अपनी नींद से क्यों जागता है?
रात के अंधेरे में ‘साइलेंट किलर’
दिन के उजाले में तो यह विशालकाय वाहन नजर आ जाता है, लेकिन असली खतरा सूरज ढलने के बाद शुरू होता है। नीमच-मनासा रोड पर ट्रैफिक का दबाव अत्यधिक रहता है। रात के समय तेज रफ्तार बसें, कारें और दोपहिया वाहन यहाँ से गुजरते हैं। तिरुपति नगर के पास सड़क के एक बड़े हिस्से को घेरकर खड़ा यह ट्रक अंधेरे में किसी ‘साइलेंट किलर’ से कम नहीं है।
ट्रक पर न तो कोई रिफ्लेक्टर लगाया गया है और न ही सुरक्षा के कोई संकेतक (Indicators) जलाए गए हैं। ऐसे में, यदि कोई वाहन चालक जरा सी भी चूक करता है, तो परिणाम भयावह हो सकते हैं। पिछले 5 दिनों में कई बार गाड़ियाँ इस ट्रक से टकराते-टकराते बची हैं, लेकिन शायद प्रशासन को किसी की ‘लाश’ गिरने का इंतज़ार है।
ड्राइवर का कबूलनामा: “साहब ने कहा, वहीं रुक जाओ”
जब हमारी इन्वेस्टिगेटिव टीम ने मौके पर जाकर पड़ताल की और वहां मौजूद ट्रक ड्राइवर से सवाल-जवाब किए, तो जो सच्चाई सामने आई, वह हैरान करने वाली थी। यह ट्रक किसी खराबी की वजह से खड़ा नहीं है, बल्कि इसे जानबूझकर खड़ा करवाया गया है।
ड्राइवर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया,
“साहब, इस ट्रक में गांधीसागर बांध (Gandhi Sagar Dam) प्रोजेक्ट के लिए भारी मशीनरी लदी हुई है। मैं साइट पर जा रहा था, लेकिन कंपनी के बड़े अधिकारियों का फोन आया कि अभी वहां मशीन रखने की जगह नहीं है (No Space)। उन्होंने आर्डर दिया कि तुम जहां हो, गाड़ी वहीं साइड में लगा दो और इंतज़ार करो।”
यह बयान कई गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या एक सरकारी या निजी प्रोजेक्ट के लिए आम जनता की जान को जोखिम में डालना उचित है? क्या गांधीसागर प्रोजेक्ट के पास अपनी मशीनरी रखने के लिए गोदाम नहीं हैं जो उन्होंने नेशनल हाईवे को ही गोदाम बना लिया है?
जिम्मेदारों की ‘कुंभकरणी’ नींद
यह मामला सिर्फ एक ट्रक के खड़े होने का नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि नीमच की यातायात व्यवस्था और पुलिस पेट्रोलिंग (Police Patrolling) किस स्तर पर काम कर रही है।
सवाल 1: पिछले 120 घंटों (5 दिन) से यह ट्रक मुख्य मार्ग पर खड़ा है, क्या बीट प्रभारी या गश्ती दल की नजर इस पर नहीं पड़ी?
सवाल 2: नो-पार्किंग जोन या हाईवे पर वाहन खड़ा करने के नियम क्या सिर्फ आम आदमी के चालान काटने के लिए हैं?
सवाल 3: Neemuch Manasa Road Accident Threat पैदा करने वाले इस कृत्य पर अब तक FIR दर्ज क्यों नहीं हुई?
स्थानीय रहवासियों में दहशत
तिरुपति नगर के रहवासियों का कहना है कि वे पिछले कई दिनों से इस डर के साये में हैं कि उनके घर के सामने कोई बड़ा हादसा न हो जाए। स्थानीय निवासी शर्मा ने बताया, “रात को यहाँ बहुत अंधेरा रहता है। ट्रक सड़क के काफी अंदर तक खड़ा है। हम बच्चों को बाहर भेजने से भी डरते हैं। प्रशासन शायद किसी वीआईपी के हादसे का शिकार होने का इंतज़ार कर रहा है, तभी यह हटेगा।”
कानून क्या कहता है?
मोटर व्हीकल एक्ट (Motor Vehicle Act) की धारा 122 के तहत, किसी भी सार्वजनिक स्थान या सड़क पर वाहन को इस स्थिति में छोड़ना गैरकानूनी है जिससे अन्य लोगों को खतरा या असुविधा हो। इसके अलावा, धारा 283 (IPC) के तहत मार्ग में बाधा उत्पन्न करना एक दंडनीय अपराध है। बावजूद इसके, कानून के रखवाले मूकदर्शक बने हुए हैं।
हमारी अपील: तुरंत जागे प्रशासन
‘द टाइम्स ऑफ एमपी’ (The Times of MP) जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक और यातायात विभाग से यह मांग करता है कि बिना किसी विलंब के इस ट्रक को जब्त किया जाए और सड़क को सुरक्षित किया जाए। साथ ही, उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो जिन्होंने Neemuch Manasa Road Accident Threat को नजरअंदाज करते हुए ड्राइवर को सड़क पर गाड़ी खड़ी करने का तुगलकी फरमान सुनाया।
जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर 24 घंटे के भीतर यह ट्रक नहीं हटता है, तो इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह से जिला प्रशासन की होगी।

