US F-16 Crash: 1700 करोड़ का जेट पल भर में राख, मौत को छूकर लौटा पायलट, देखें Video
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
04 दिसम्बर 2025, (अपडेटेड 04 दिसम्बर 2025, 10:21 पूर्वाह्न IST)

वाशिंगटन/कैलिफोर्निया: अमेरिकी वायुसेना (US Air Force) के इतिहास में गुरुवार का दिन एक बड़े हादसे के तौर पर दर्ज हो गया। दुनिया भर में अपनी ताकत का लोहा मनवाने वाला ‘फाइटिंग फाल्कन’ यानी F-16 लड़ाकू विमान दक्षिणी कैलिफोर्निया के रेगिस्तान में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस F-16 Crash की घटना ने पूरी दुनिया के डिफेंस एक्सपर्ट्स को चौंका दिया है। गनीमत यह रही कि विमान के जमीन से टकराने और आग का गोला बनने से महज कुछ नैनो-सेकंड पहले पायलट ने इजेक्शन सीट का बटन दबा दिया और अपनी जान बचा ली।

कैमरे में कैद हुआ खौफनाक मंजर (Video)

हादसे के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर इस F-16 Crash का वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे यह सुपरसोनिक विमान नियंत्रण खोने के बाद तेजी से धरती की तरफ आ रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों और वीडियो फुटेज के मुताबिक, विमान ट्रॉना एयरपोर्ट (Trona Airport) से करीब तीन किलोमीटर दूर रेगिस्तान में गिरा। जैसे ही विमान ने जमीन को छुआ, वहां एक जोरदार धमाका हुआ और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया। लेकिन इस तबाही के बीच सफेद रंग का पैराशूट हवा में लहराता दिखा, जिसने पुष्टि की कि पायलट सुरक्षित है।

थंडरबर्ड्स की ट्रेनिंग और हादसे की इनसाइड स्टोरी

यह कोई साधारण F-16 नहीं था, बल्कि यह अमेरिका की मशहूर एयरोबैटिक टीम ‘थंडरबर्ड्स’ (Thunderbirds) का हिस्सा था। यह टीम अपने जानलेवा स्टंट्स और हवाई करतबों के लिए जानी जाती है।

  • मिशन: अधिकारियों के मुताबिक, सुबह 6 थंडरबर्ड्स जेट्स ने नेलिस एयरफोर्स बेस से नियमित ट्रेनिंग मिशन के लिए उड़ान भरी थी।

  • वापसी: बेस पर केवल 5 विमान ही सुरक्षित लैंड कर पाए। छठा विमान हादसे का शिकार हो गया।

  • लोकेशन: यह F-16 Crash चाइना लेक नेवल एयर वेपन्स स्टेशन के पास हुआ, जो एक प्रतिबंधित मिलिट्री जोन है। इसलिए आम नागरिकों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

एयरपोर्ट मैनेजर ने बताया कि पायलट को रेस्क्यू कर लिया गया है। उसे मामूली चोटें आई हैं और फिलहाल वह अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में है। 57th विंग पब्लिक अफेयर्स ऑफिस ने कहा है कि जब तक F-16 Crash साइट की फोरेंसिक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक तकनीकी खामियों पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

17000 करोड़ स्वाहा: क्या है F-16 की कीमत?

इस F-16 Crash से अमेरिकी वायुसेना को बड़ा आर्थिक झटका लगा है। एक फाइटर जेट के नष्ट होने का मतलब है अरबों रुपयों का नुकसान। एयरफोर्स के 2021 के आधिकारिक डेटा के अनुसार:

  • एक F-16 फाइटिंग फाल्कन की कीमत लगभग 18.8 मिलियन डॉलर है।

  • भारतीय मुद्रा में यह राशि करीब 17,000 करोड़ रुपए होती है। इतनी बड़ी कीमत वाला यह विमान अपनी एडवांस रडार प्रणाली और हथियारों के लिए जाना जाता है, लेकिन इस हादसे ने इसकी सुरक्षा पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

F-16: ताकत और तकनीक का बेजोड़ नमूना

भले ही F-16 Crash की खबरें आती रहती हों, लेकिन इसकी खूबियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। 1970 के दशक में जनरल डायनामिक्स द्वारा बनाया गया और अब लॉकहीड मार्टिन द्वारा निर्मित यह विमान 25 से ज्यादा देशों की वायुसेना की शान है।

इसकी प्रमुख विशेषताएं:

  1. स्पीड: 2414 किलोमीटर प्रति घंटा (Mac 2+)।

  2. रेंज: एक बार में 4220 किलोमीटर तक उड़ान भरने की क्षमता।

  3. ऊंचाई: महज एक मिनट में 50,000 फीट की ऊंचाई छूने की ताकत।

  4. वर्सटाइल: यह हवा से हवा में मार करने के साथ-साथ जमीनी हमलों में भी अचूक है।

F-16 Crash: हादसों की एक लंबी लिस्ट

यह पहली बार नहीं है जब दुनिया ने कोई F-16 Crash देखा है। चूंकि यह विमान बहुत ज्यादा देशों में इस्तेमाल होता है, इसलिए इसके हादसों की संख्या भी ज्यादा है।

  • 2025 (पोलैंड): इसी साल पोलैंड में हुए एक क्रैश में एक पायलट की दुखद मौत हो गई थी।

  • 2024: सिंगापुर और ग्रीस में टेकऑफ के दौरान F-16 दुर्घटनाग्रस्त हुए थे।

  • 2015 (स्पेन): सबसे भीषण हादसों में से एक, जब स्पेन में F-16 गिरने से 2 पायलटों और जमीन पर मौजूद कई लोगों की जान चली गई थी।

भारत ने क्यों ठुकराया था F-16 का ऑफर?

अमेरिका दशकों से (साल 2000 से) भारत को F-16 बेचने के लिए जोर लगाता रहा है। उसने इसे ‘F-21’ नाम देकर भी भारत को लुभाने की कोशिश की। लेकिन भारत सरकार ने हर बार इस डील को खारिज किया। इसके पीछे सबसे बड़ा रणनीतिक कारण है- पाकिस्तान। पाकिस्तान की वायुसेना 1980 के दशक से F-16 का इस्तेमाल कर रही है। भारत का तर्क साफ था कि वह उसी फाइटर जेट को अपनी सेना में शामिल नहीं करेगा जो उसके मुख्य प्रतिद्वंद्वी के पास पहले से मौजूद है। यही वजह है कि आज जब हम F-16 Crash की खबर पढ़ रहे हैं, तो भारतीय वायुसेना राफेल और तेजस जैसे विकल्पों के साथ सुरक्षित महसूस करती है।

फिलहाल, अमेरिकी जांच एजेंसियां इस हादसे की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं ताकि भविष्य में ऐसे F-16 Crash को रोका जा सके।


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Aakash Sharma
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