सीकर। खाटूश्यामजी VIP दर्शन के लिए अब सिर्फ पहचान या पहुंच काफी नहीं होगी। मंदिर में VIP एंट्री की पूरी व्यवस्था बदलने जा रही है और अब राजभवन, मंत्री, सचिवालय, कलेक्ट्रेट या संबंधित सक्षम अधिकारी की सिफारिश के बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
लेकिन असली बदलाव यहीं खत्म नहीं होता। सिफारिश मिलने के बाद मंदिर कमेटी QR कोड जारी करेगी और मंदिर में प्रवेश के समय श्रद्धालु को QR कोड के साथ आधार कार्ड भी दिखाना होगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार नई व्यवस्था अगले एक-दो दिन में लागू हो सकती है।
खाटूश्यामजी में VIP दर्शन के नाम पर सामने आती रही शिकायतों और विवादों के बीच मंदिर कमेटी, पुलिस और प्रशासन ने यह व्यवस्था तैयार की है। अब VIP दर्शन की एंट्री से लेकर रिकॉर्ड तक पूरी प्रक्रिया को नियंत्रित करने की तैयारी है।
आखिर क्यों बदलनी पड़ी VIP दर्शन की व्यवस्था?
खाटूश्यामजी में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन करने पहुंचते हैं। बढ़ती भीड़ के बीच VIP दर्शन लंबे समय से चर्चा का विषय रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, VIP दर्शन करवाने के नाम पर लोगों से पैसे ऐंठने वाले गिरोह सक्रिय होने की बात भी सामने आई है। कुछ मामलों में श्रद्धालुओं को VIP दर्शन का भरोसा देकर पैसे लेने और बाद में परेशानी होने की शिकायतें सामने आईं। इसके अलावा VIP दर्शन के दौरान मारपीट और धक्का-मुक्की जैसे विवादों का भी उल्लेख किया गया है।
अब इसी तरह की शिकायतों और अव्यवस्था को देखते हुए VIP दर्शन की प्रक्रिया को अधिक नियंत्रित करने की तैयारी की गई है।
अब VIP दर्शन के लिए किसकी सिफारिश चाहिए?
नई व्यवस्था में VIP दर्शन के लिए सामान्य तरीके से किसी व्यक्ति के माध्यम से सिफारिश कराने की व्यवस्था नहीं होगी। जानकारी के अनुसार श्रद्धालु का नाम अधिकृत लेटरपैड पर भेजना होगा। इसके बाद ही मंदिर कमेटी की ओर से आगे की प्रक्रिया की जाएगी। सिफारिश इन स्तरों से भेजे जाने की जानकारी सामने आई है—
- राजस्थान या किसी अन्य राज्य के राजभवन से
- केंद्रीय मंत्री के कार्यालय से
- सचिवालय में बैठे सक्षम अधिकारी के स्तर से
- कलेक्ट्रेट से
- संबंधित सक्षम अधिकारी के माध्यम से
यह सिफारिश मंदिर कमेटी, एसपी, जिला कलेक्टर और डिस्ट्रिक्ट जज को भेजी जा सकेगी।
सिर्फ सिफारिश से नहीं खुलेगा रास्ता
यहीं नई व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा सामने आता है। सिफारिश मिलने के बाद भी सीधे मंदिर में VIP प्रवेश नहीं होगा। मंदिर कमेटी की निर्धारित प्रक्रिया के बाद QR कोड जनरेट किया जाएगा। यानी VIP दर्शन के लिए सिफारिश के साथ-साथ QR कोड भी जरूरी होगा। मंदिर के प्रवेश द्वार पर श्रद्धालु को यही QR कोड दिखाना होगा। इसके साथ आधार कार्ड भी रखना अनिवार्य होगा।
QR कोड क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

नई व्यवस्था में QR कोड VIP दर्शन की एंट्री को रिकॉर्ड से जोड़ने का माध्यम होगा। किस श्रद्धालु के लिए सिफारिश आई, सिफारिश किस स्तर से हुई और किस QR कोड के आधार पर प्रवेश दिया गया—इन जानकारियों का रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था की जा रही है। इससे VIP दर्शन को लेकर बाद में जानकारी हासिल करना पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित हो सकेगा।
बाबा पार्किंग के पास वाला VIP गेट होगा बंद

VIP दर्शन की व्यवस्था में सिर्फ कागजी प्रक्रिया ही नहीं बदलेगी, बल्कि प्रवेश का रास्ता भी बदलने वाला है। जानकारी के अनुसार बाबा पार्किंग के पास इस्तेमाल होने वाले VIP गेट को पूरी तरह बंद किया जाएगा। इसके बाद प्रोटोकॉल के तहत VIP दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग रास्ता निर्धारित किया जाएगा।
एंट्री और एग्जिट दोनों अलग रास्ते से
प्रोटोकॉल वाले श्रद्धालुओं को निर्धारित रास्ते से मंदिर में प्रवेश कराया जाएगा। दर्शन के बाद उन्हें उसी निर्धारित रूट से बाहर निकाला जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य VIP और सामान्य श्रद्धालुओं की आवाजाही को अलग रखना बताया गया है, ताकि भीड़ के बीच दोनों व्यवस्थाएं आपस में न टकराएं।
अब पूरा हिसाब रहेगा—किसकी सिफारिश पर कितने VIP दर्शन?

नई व्यवस्था का सबसे बड़ा हिस्सा रिकॉर्ड मेंटेन करने से जुड़ा है। अब यह जानकारी रखी जाएगी कि VIP दर्शन के लिए किस व्यक्ति की सिफारिश आई और वह सिफारिश किस अथॉरिटी के स्तर से हुई। इसके साथ कितने लोगों को दर्शन की अनुमति दी गई और किस QR कोड के आधार पर प्रवेश हुआ, इसका भी रिकॉर्ड रखने की बात सामने आई है।
इसका मतलब यह होगा कि भविष्य में यह पता लगाया जा सकेगा कि किस अथॉरिटी की सिफारिश पर कितने VIP दर्शन हुए।
VIP दर्शन के नाम पर ‘जुगाड़’ का रास्ता होगा मुश्किल?
खाटूश्यामजी में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच VIP दर्शन की व्यवस्था को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। अब नई व्यवस्था में सिफारिश, QR कोड और आधार कार्ड को प्रवेश प्रक्रिया से जोड़ने की तैयारी है। ऐसे में सिर्फ किसी व्यक्ति की पहचान या मौखिक सिफारिश के आधार पर प्रवेश मिलने की गुंजाइश कम करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, नई व्यवस्था वास्तव में कितनी प्रभावी साबित होती है, यह इसके लागू होने और संचालन के बाद ही स्पष्ट होगा।
आम श्रद्धालुओं के लिए क्या बदलेगा?
VIP दर्शन के लिए अलग रास्ता निर्धारित करने और बाबा पार्किंग के पास VIP गेट बंद करने से सामान्य श्रद्धालुओं की आवाजाही को VIP व्यवस्था से अलग रखने का प्रयास किया जाएगा। मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण प्रवेश और निकासी को व्यवस्थित करना इस नई व्यवस्था का अहम हिस्सा होगा। नई प्रक्रिया के तहत VIP दर्शन की सुविधा केवल निर्धारित प्रोटोकॉल के दायरे में आने वाले श्रद्धालुओं को देने की बात सामने आई है।
एक नजर में समझिए नई VIP व्यवस्था
VIP दर्शन के लिए अब यह प्रक्रिया रहेगी:
- अधिकृत अथॉरिटी से सिफारिश भेजी जाएगी।
- सिफारिश में श्रद्धालु का नाम दर्ज होगा।
- मंदिर कमेटी प्रक्रिया के बाद QR कोड जारी करेगी।
- मंदिर प्रवेश पर QR कोड दिखाना होगा।
- आधार कार्ड साथ रखना अनिवार्य होगा।
- निर्धारित VIP मार्ग से प्रवेश होगा।
- दर्शन के बाद निर्धारित रूट से निकासी होगी।
- VIP दर्शन का रिकॉर्ड भी रखा जाएगा।
अगले एक-दो दिन में सामने आ सकता है पूरा बदलाव
उपलब्ध जानकारी के अनुसार खाटूश्यामजी VIP दर्शन की नई व्यवस्था अगले एक-दो दिन में लागू की जा सकती है। इस व्यवस्था के बाद VIP दर्शन के लिए सिफारिश से लेकर मंदिर प्रवेश तक पूरी प्रक्रिया को निर्धारित सिस्टम से जोड़ने की तैयारी है। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब VIP दर्शन को केवल किसी सिफारिश या पहचान से जोड़ने के बजाय अधिकृत सिफारिश + QR कोड + आधार कार्ड की प्रक्रिया से जोड़ने की बात सामने आई है।
खाटूश्यामजी में VIP दर्शन को लेकर लंबे समय से उठते रहे विवादों के बीच अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद VIP एंट्री और भीड़ प्रबंधन में कितना बदलाव आता है।
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