Neemuch Truck Accident: अवैध वसूली के फेर में RTO ने रोका, हाईवे पर पलटा ट्रक; बाल-बाल बचे बाइक सवार

Neemuch Truck Accident

ट्रक पर चढ़ा ड्राइवर, बोला- ‘जब तक RTO नहीं आएगा, जाम नहीं खुलेगा’, जेतपुरा तक लगी कतारें

नीमच (संजय मेघवाल): मध्य प्रदेश के नीमच जिले में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जिसने एक बार फिर परिवहन विभाग (RTO) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। Neemuch RTO Accident की यह घटना मालखेड़ा फंटे के पास हाईवे बाईपास पर घटित हुई, जहाँ आरटीओ अधिकारियों की कथित लापरवाही और अवैध वसूली के प्रयास के चलते कपास से भरा एक भारी-भरकम ट्रक अनियंत्रित होकर बीच सड़क पर पलट गया। इस हादसे में एक बाइक सवार दंपती और कार सवार बाल-बाल बचे, हालांकि तीन लोगों के घायल होने की खबर है।

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क्या है पूरा मामला ?

प्रत्यक्षदर्शियों और ट्रक ड्राइवर के अनुसार, घटना सुबह के वक्त हुई जब हैदराबाद से नागौर (राजस्थान) जा रहा कपास से भरा एक ट्रक मालखेड़ा फंटे से गुजर रहा था। आरोप है कि वहां पहले से मौजूद आरटीओ उड़नदस्ता टीम ने अचानक चलती गाड़ी के सामने हाथ देकर उसे रोकने की कोशिश की। हाईवे पर तेज रफ्तार में चल रहे ट्रक के सामने अचानक आरटीओ कर्मियों के आ जाने से ड्राइवर हड़बड़ा गया।

टक्कर से बचने और गाड़ी को कंट्रोल करने की कोशिश में ट्रक डिवाइडर पर चढ़ गया और अनियंत्रित होकर सड़क पर ही पलट गया। जिस वक्त यह Neemuch RTO Accident हुआ, ठीक उसी समय ट्रक के आगे एक बाइक और कार चल रही थी। ट्रक के पलटने से बाइक उसकी चपेट में आ गई और पूरी तरह चकनाचूर हो गई, जिसे देख मौके पर मौजूद लोगों की रूह कांप गई।

दंपती की किस्मत अच्छी थी, लेकिन मंजर भयावह था

हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ट्रक की चपेट में आई मोटरसाइकिल का पूरी तरह से चकनाचूर हो गई। बाइक पर देवरी खवासा निवासी एक दंपती सवार थे। गनीमत रही कि ट्रक पलटने के दौरान वे छिटक कर दूर गिरे, जिससे उनकी जान बच गई, लेकिन वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अलावा ट्रक में सवार लोग भी घायल हुए हैं।

हादसे के तुरंत बाद राहगीरों और स्थानीय लोगों ने घायलों को संभाला और निजी एंबुलेंस की मदद से उन्हें उपचार के लिए नीमच के निजी चिकित्सालय (श्रीराम अस्पताल) भेजा गया।

ट्रक ड्राइवरों का फूटा गुस्सा: “अवैध वसूली के लिए जान से खेल रहे आरटीओ”

घटना के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। गुस्साए ट्रक ड्राइवरों और स्थानीय नागरिकों ने आरटीओ विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर मौजूद ट्रक ड्राइवर, जिसका नाम ‘किया’ बताया गया, ने कैमरे के सामने रोष व्यक्त करते हुए कहा:

“साहब, ये आरटीओ वाले परमानेंट यहाँ खड़े रहते हैं। सुबह 4 बजे से ही इनका ‘दो नंबर’ की वसूली का खेल शुरू हो जाता है। मेरी गाड़ी के सामने अचानक तीन अधिकारी आ गए। उन्हें बचाने के चक्कर में मैंने ब्रेक तो मारे, लेकिन गाड़ी कंट्रोल नहीं हुई और डिवाइडर पर चढ़कर पलट गई। मेरे आगे चल रहे बाइक वाले भी इसकी चपेट में आ गए।”

स्थानीय लोगों का कहना है कि नीमच बाईपास और मालखेड़ा फंटा अब आरटीओ की अवैध वसूली का अड्डा बन चुका है। आए दिन गाड़ियों को बीच सड़क पर अचानक रोका जाता है, जिससे आए दिन Neemuch RTO Accident जैसी घटनाएं हो रही हैं।

हाई वोल्टेज ड्रामा: “ट्रक नहीं हटेगा”

हादसे के बाद जब पुलिस प्रशासन ने यातायात बहाल करने के लिए क्रेन मंगवाई और ट्रक को साइड में करने की कोशिश की, तो ड्राइवर का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। ड्राइवर फिल्मी स्टाइल में पलटे हुए ट्रक के ऊपर चढ़ गया और जोर-जोर से चिल्लाने लगा।

ट्रक की छत से ड्राइवर ने प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए कहा:

“खबरदार अगर किसी ने क्रेन लगाई तो! जब तक वो दोषी आरटीओ अधिकारी यहाँ मेरे सामने नहीं आता, तब तक यह ट्रक एक इंच नहीं हिलेगा। चाहे जो हो जाए, हम रोड नहीं खोलेंगे। हमें इंसाफ चाहिए, ये रोज-रोज की गुंडागर्दी अब नहीं चलेगी।”

ड्राइवर के इस रौद्र रूप और Neemuch Truck Accident को लेकर अन्य चालकों की एकजुटता को देख पुलिसकर्मी भी एक पल के लिए ठिठक गए। ड्राइवर की जिद है कि पहले उस अधिकारी को मौके पर बुलाया जाए जिसकी वजह से यह जानलेवा हादसा हुआ है।

जेतपुरा फंटे तक लगा वाहनों का लंबा जाम

ड्राइवर के ट्रक पर चढ़ जाने और रोड जाम करने की जिद के कारण हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। स्थिति यह है कि मालखेड़ा फंटे से शुरू हुआ वाहनों का यह जाम अब जेतपुरा फंटे तक पहुंच चुका है।

सड़क के दोनों ओर बड़ी गाड़ियों और ट्रकों की लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं। भीषण गर्मी और जाम में फंसे आम यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस अधिकारी लगातार ड्राइवर को नीचे उतरने और जाम खोलने की समझाइश दे रहे हैं, लेकिन ड्राइवर अपनी मांग पर अड़ा हुआ है।

प्रशासन बेबस, आरटीओ नदारद

हैरानी की बात यह है कि इतना बड़ा बवाल होने और Neemuch Truck Accident में लोगों के घायल होने के बावजूद आरटीओ विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी अब तक मौके पर नहीं पहुंचा है। यह संवेदनहीनता जनता के आक्रोश में घी डालने का काम कर रही है।

ट्रक ड्राइवरों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी सुनवाई नहीं हुई और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो यह आंदोलन और उग्र होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

सीएम के निर्देशों की उड़ रही धज्जियां

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में प्रदेश भर में आरटीओ चेकपोस्ट और अवैध बैरियर्स को बंद करने के सख्त निर्देश दिए थे। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि सड़कों पर अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लेकिन नीमच में हो रहा यह Neemuch RTO Accident साबित करता है कि जमीनी स्तर पर अधिकारियों को सीएम के आदेशों का कोई खौफ नहीं है।

पुलिस की कार्रवाई और यातायात जाम

सूचना मिलते ही नीमच सिटी थाना पुलिस और यातायात पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाने और जाम खुलवाने का प्रयास शुरू किया। हालांकि, ट्रक ड्राइवरों और ग्रामीणों का गुस्सा शांत करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे मामले की जांच कर रहे हैं और घायलों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, इस हादसे ने एक बार फिर सिस्टम की पोल खोल कर रख दी है। अब देखना यह होगा कि कलेक्टर हिमांशु चंद्रा और वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में आरटीओ कर्मियों के खिलाफ क्या एक्शन लेते हैं।


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