Battery Cart Service का चित्तौड़गढ़ स्टेशन पर आगाज: बुजुर्गों के लिए वरदान, ₹40 में मिलेगा आसान सफर
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
11 दिसम्बर 2025, (अपडेटेड 11 दिसम्बर 2025, 11:57 पूर्वाह्न IST)

चित्तौड़गढ़ (विशेष संवाददाता): भारतीय रेलवे लगातार अपने यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में, विश्व विख्यात चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं के विस्तार को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। रेलवे प्रशासन ने स्टेशन पर यात्रियों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों की सहूलियत के लिए Battery Cart Service शुरू करने की अंतिम तैयारी कर ली है। यह नई पहल न केवल स्टेशन के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह उन हजारों यात्रियों के लिए राहत की सांस है जो शारीरिक अक्षमता या वृद्धावस्था के कारण प्लेटफार्मों के बीच की दूरी तय करने में असमर्थ महसूस करते थे।

भीड़ और लिफ्ट की आपाधापी से मिलेगा स्थाई छुटकारा

चित्तौड़गढ़ Battery Cart Service रेलवे स्टेशन, जो कि ‘ए’ क्लास श्रेणी में आता है, पर प्रतिदिन हजारों यात्रियों का आवागमन होता है। अक्सर देखा गया है कि पीक आवर्स (व्यस्त समय) के दौरान स्टेशन पर भारी भीड़ होती है। यद्यपि स्टेशन पर लिफ्ट की सुविधा मौजूद है, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण कई बार लिफ्ट के लिए लंबी कतारें लग जाती हैं।

Battery Cart Service बुजुर्ग यात्रियों, गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों के लिए सीढ़ियां चढ़ना या एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक पैदल जाना किसी पहाड़ चढ़ने जैसा कठिन कार्य होता है। कई बार ऐन वक्त पर ट्रेन का प्लेटफॉर्म बदल जाने की घोषणा से अफरा-तफरी मच जाती है, और ऐसे में धीमी गति से चलने वाले यात्री अपनी ट्रेन मिस कर देते हैं। इस नई Battery Cart Service के शुरू होने से इन सभी समस्याओं का एक झटके में समाधान हो जाएगा।

रेलवे द्वारा शुरू की जा रही यह कार्ट सेवा यात्रियों को स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर सीधे उनकी ट्रेन की बोगी तक सुरक्षित और आरामदायक तरीके से पहुंचाएगी। शुरुआत में रेलवे ने पांचों प्लेटफॉर्म को कवर करने के लिए दो आधुनिक बैटरी चालित गाड़ियां तैनात करने का निर्णय लिया है।

मात्र 40 रुपए में लग्जरी सुविधा: किराया और नियम

रेलवे का उद्देश्य इस सुविधा को आम आदमी की जेब के अनुकूल बनाना है। अक्सर निजी स्टेशनों या एयरपोर्ट पर ऐसी सुविधाएं काफी महंगी होती हैं, लेकिन रेलवे ने Battery Cart Service को बेहद किफायती रखा है।

  1. किराया: यात्री सिर्फ 40 रुपए का मामूली शुल्क चुकाकर एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक आराम से जा सकेंगे। यह किराया कुली की सेवा से भी किफायती और आरामदायक साबित होगा।

  2. लगेज (सामान) की सुविधा: यात्रा के दौरान सबसे बड़ी समस्या भारी भरकम बैग होते हैं। रेलवे ने इसका भी ध्यान रखा है। यदि किसी यात्री के पास अधिक सामान है, तो वे निर्धारित अतिरिक्त शुल्क देकर अपने लगेज को भी कार्ट पर लोड करवा सकते हैं।

यह व्यवस्था उन एकल यात्रियों (Solo Travelers) के लिए भी बेहतरीन है जो भारी सामान और खराब स्वास्थ्य के साथ यात्रा कर रहे हैं।

रतलाम मंडल की पहल: ‘ए’ क्लास स्टेशन का दर्जा और बढ़ती सुविधाएं

रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) खेमराज मीणा ने इस नई सेवा के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि चित्तौड़गढ़ स्टेशन का महत्व लगातार बढ़ रहा है। यहाँ से प्रतिदिन लगभग 31 जोड़ी नियमित ट्रेनें संचालित होती हैं, जबकि 7 जोड़ी ट्रेनें साप्ताहिक आधार पर चलती हैं। इसके अलावा, चंदेरिया होकर गुजरने वाली ट्रेनों का ट्रैफिक भी इसी क्षेत्र को प्रभावित करता है।

यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या (Footfall) को देखते हुए, रेलवे ने बड़े मेट्रो शहरों के स्टेशनों की तर्ज पर यहाँ भी Battery Cart Service को लागू करने का फैसला किया है। प्रशासन का कहना है कि यह सेवा फिलहाल ‘ट्रायल बेसिस’ (प्रायोगिक तौर पर) शुरू की जा रही है। यदि यात्रियों की प्रतिक्रिया सकारात्मक रही और मांग में वृद्धि हुई, तो आने वाले समय में कार्ट की संख्या बढ़ाई जाएगी और इसे 24 घंटे संचालित किया जाएगा।

धार्मिक यात्राओं और पर्यटन के लिए गेम-चेंजर

चित्तौड़गढ़ न केवल एक ऐतिहासिक पर्यटन स्थल है, बल्कि यह आसपास के क्षेत्रों के लिए धार्मिक यात्राओं का एक प्रमुख केंद्र भी है। राज्य सरकार की ‘वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना’ के तहत बड़ी संख्या में बुजुर्ग यात्री यहाँ से ट्रेनों में सवार होते हैं।

अक्सर देखा गया है कि धार्मिक जत्थों में शामिल बुजुर्गों को प्लेटफॉर्म नंबर 1 से प्लेटफॉर्म नंबर 4 या 5 तक जाने में सांस फूलने, घुटनों में दर्द और थकान जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार ट्रेन छूटने के डर से वे दौड़ने की कोशिश करते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। यह Battery Cart Service ऐसे तीर्थयात्रियों के लिए किसी ‘संजीवनी’ से कम नहीं होगी। अब वे बिना किसी शारीरिक कष्ट के, सम्मान के साथ अपनी सीट तक पहुंच सकेंगे।

अगले हफ्ते से शुरू होगी सेवा: पारदर्शिता पर पूरा जोर

रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा अगले सप्ताह से विधिवत रूप से शुरू कर दी जाएगी। यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और वे ठगी का शिकार न हों, इसके लिए पारदर्शिता के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

  • रेट लिस्ट डिस्प्ले: स्टेशन परिसर, प्रवेश द्वार और टिकट काउंटर के पास Battery Cart Service के किराए और लगेज चार्ज की पूरी रेट लिस्ट बड़े अक्षरों में प्रदर्शित की जाएगी।

  • हेल्पलाइन: यदि कोई संचालक तय कीमत से अधिक पैसे मांगता है, तो यात्री इसकी शिकायत स्टेशन मास्टर से कर सकेंगे।

इस पहल से चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन की छवि एक ‘स्मार्ट और यात्री-हितैषी स्टेशन’ के रूप में उभरेगी। स्थानीय नागरिकों, व्यापारी संगठनों और यात्री संघों ने रेलवे के इस कदम का स्वागत किया है। उनका मानना है कि छोटे शहरों के स्टेशनों पर ऐसी हाई-टेक सुविधाओं का आना ‘न्यू इंडिया’ की बदलती तस्वीर को दर्शाता है।


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Aakash Sharma
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