Malwa Petro Factory Hadsa: 19 लाख मुआवजा और पेंशन का बड़ा फैसला, 24 घंटे बाद धरना समाप्त

Malwa Petro Factory Hadsa
नीमच: जिले के झांझरवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित Malwa Petro Factory Hadsa आखिरकार प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन की सूझबूझ के बाद सुलझ गया है। सोमवार को हुए इस दर्दनाक हादसे में एक मजदूर की जान चली गई थी, जिसके बाद परिजनों और फैक्ट्री प्रबंधन के बीच गहरा गतिरोध बन गया था। हालांकि, भारी विरोध और राजनीतिक हस्तक्षेप के बाद पीड़ित परिवार के पक्ष में एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया गया है।
Malwa Petro Factory Hadsa: मुआवजे पर बनी ऐतिहासिक सहमति
Malwa Petro Factory Hadsa इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम मोड़ तब आया जब मृतक मजदूर लालूराम के परिजनों ने शव को फैक्ट्री के गेट पर रखकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। फैक्ट्री प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने मुआवजे की मांग की। मौके की नजाकत को देखते हुए कांग्रेस जिला अध्यक्ष तरुण बाहेती भी वहां पहुंचे और पीड़ित परिवार की आवाज बुलंद की।
काफी गहमागहमी और लंबी बातचीत के बाद फैक्ट्री प्रबंधन और प्रशासन ने परिवार की मांगों को स्वीकार किया। समझौते के तहत मृतक के परिवार को एक बड़ी आर्थिक सहायता राशि दी गई है:
तत्काल सहायता: फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से पीड़ित परिवार को 15 लाख रुपये का चेक सौंपा गया।
सरकारी मदद: प्रशासन की तरफ से संबल योजना के तहत 4 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि दी जाएगी।
आजीवन पेंशन: मृतक की पत्नी को जीवनयापन के लिए फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा हर महीने लगभग 15,000 रुपये की पेंशन दी जाएगी।
इस ठोस आश्वासन और चेक मिलने के बाद परिजनों का गुस्सा शांत हुआ और उन्होंने धरना समाप्त कर शव को अंतिम संस्कार के लिए अपने गांव केलूखेड़ा ले जाने पर सहमति जताई।
हादसे की भयावहता: वेल्डिंग की एक चिंगारी और सब कुछ खाक
Malwa Petro Factory Hadsa की असल वजह फैक्ट्री के भीतर सुरक्षा मानकों की अनदेखी बताई जा रही है। घटना सोमवार सुबह करीब 11 बजे की है, जब फैक्ट्री में मशीन के रखरखाव (Maintenance) का कार्य चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ऊंचाई पर वेल्डिंग का काम हो रहा था और ठीक नीचे ज्वलनशील केमिकल रखा हुआ था।
वेल्डिंग के दौरान निकली एक चिंगारी सीधे नीचे रखे केमिकल पर जा गिरी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग की लपटों ने वहां काम कर रहे चार मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में केलूखेड़ा निवासी लालूराम (40), रिजवान (35), मिठूलाल (21) और सोहेल (22) बुरी तरह झुलस गए थे।
हादसा इतना भीषण था कि घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। लालूराम और रिजवान की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान लालूराम की दुखद मृत्यु हो गई। वहीं, अन्य घायलों का इलाज अभी भी जारी है।
Malwa Petro Factory Hadsa सुरक्षा मानकों पर उठे गंभीर सवाल
Malwa Petro Factory Hadsa इस हादसे ने एक बार फिर नीमच के औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरों की सुरक्षा (Safety Standards) की पोल खोलकर रख दी है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष तरुण बाहेती ने Malwa Petro Factory Hadsa पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि जिले की कई फैक्ट्रियों में श्रम विभाग के कानूनों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
बाहेती ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा, “फैक्ट्री मालिक अपनी मनमानी कर रहे हैं और सुरक्षा उपकरणों के बिना मजदूरों से जानलेवा काम करवा रहे हैं। इसी लापरवाही के कारण ऐसे हादसे बार-बार सामने आते हैं। प्रशासन को ऐसे फैक्ट्री मालिकों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी मजदूर का परिवार न उजड़े।”
Malwa Petro Factory Hadsa: प्रशासन की भूमिका और आगे की राह
इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन भी हरकत में आया है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए फैक्ट्रियों का निरीक्षण किया जाएगा। फिलहाल, लालूराम का परिवार गमगीन है, लेकिन आर्थिक सहायता और पेंशन के फैसले से उन्हें अपने भविष्य के लिए एक सहारा जरूर मिला है। यह घटना औद्योगिक इकाइयों के लिए एक सबक है कि वेल्डिंग जैसे खतरनाक काम के दौरान ज्वलनशील पदार्थों को दूर रखना कितना अनिवार्य है।
यह भी पढ़ें:- Malwa Petro Product Factory में मेंटेनेंस के दौरान भड़की आग, 4 मजदूर गंभीर रूप से झुलसे; प्रशासन में हड़कंप

