31 December Deadlines: सावधान! हर हाल में पूरे कर लें ये 4 काम; वरना 1 जनवरी से जेब पर बढ़ेगा बोझ

31 December Deadlines
नीमच/डेस्क (31 December Deadlines)। साल 2025 अब अलविदा कहने को तैयार है और नया साल 2026 अपनी दस्तक देने वाला है। लेकिन नए साल के जश्न के बीच आपको कुछ वित्तीय और कानूनी सावधानियां बरतने की सख्त जरूरत है। अगर आप लापरवाही बरतते हैं, तो आने वाला साल आपके लिए आर्थिक रूप से भारी पड़ सकता है। सरकार और विभिन्न कंपनियों द्वारा तय की गई 31 December Deadlines अब बेहद करीब है।
विशेषज्ञों का कहना है कि 31 दिसंबर की आधी रात तक यदि आपने चार महत्वपूर्ण कार्य नहीं निपटाए, तो आपको न केवल भारी जुर्माना भरना होगा, बल्कि आपके बैंक खाते और टैक्स रिफंड भी अटक सकते हैं। आइए विस्तार से समझते हैं कि वे कौन से चार काम हैं जिन्हें आपको अगले 5 दिनों में पूरा करना ही होगा।
1. सस्ती कार खरीदने के लिए बचे हैं आखिरी कुछ दिन
यदि आप नई कार खरीदने का मन बना रहे हैं, तो आपके पास 31 December Deadlines तक का ही बेहतरीन मौका है। ऑटोमोबाइल सेक्टर की दिग्गज कंपनियां जैसे मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, MG मोटर और हुंडई ने संकेत दिए हैं कि 1 जनवरी 2026 से गाड़ियों की कीमतों में भारी बढ़ोतरी होने वाली है।

विशेष रूप से, MG मोटर ने इनपुट लागत (कच्चे माल की कीमत) बढ़ने के कारण अपनी कारों के दाम 2% तक बढ़ाने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इसका सीधा मतलब है कि MG हेक्टर जैसी लोकप्रिय SUV अब 38,000 रुपये तक महंगी हो जाएगी। वहीं, मर्सिडीज-बेंज और BMW जैसी लग्जरी कंपनियों ने भी अपनी कीमतों में 2-3% की वृद्धि का ऐलान किया है। अगर आप 31 दिसंबर तक बुकिंग या डिलीवरी लेते हैं, तो आप हजारों रुपये की सीधी बचत कर सकते हैं।
2. स्मॉल सेविंग्स स्कीम की ब्याज दरों में आ सकती है गिरावट
निवेशकों के लिए भी यह समय काफी संवेदनशील है। सरकार हर तिमाही में छोटी बचत योजनाओं (Small Savings Schemes) जैसे PPF, सुकन्या समृद्धि योजना और NSC की ब्याज दरों की समीक्षा करती है। 31 December Deadlines तक अगली तिमाही (जनवरी-मार्च 2026) के लिए नई दरों की घोषणा हो सकती है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 5 दिसंबर को अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 0.25% घटाकर 5.25% कर दिया है। जब रेपो रेट कम होता है, तो बैंकों और सरकारी बचत योजनाओं की ब्याज दरें भी कम होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में जो लोग पुरानी ऊंची दरों का लाभ लेना चाहते हैं, उन्हें इस महीने के अंत तक अपना निवेश सुनिश्चित कर लेना चाहिए।
3. आधार और पैन कार्ड लिंकिंग: निष्क्रिय हो सकता है आपका PAN
टैक्स विभाग के नियमों के मुताबिक, जिन नागरिकों का आधार कार्ड 1 अक्टूबर 2024 या उससे पहले बना है, उन्हें अनिवार्य रूप से इसे पैन कार्ड (PAN Card) से लिंक करना होगा। इसकी 31 December Deadlines तय की गई है।
लिंक न करने के गंभीर परिणाम:
आपका पैन कार्ड ‘इनऑपरेटिव’ (निष्क्रिय) घोषित कर दिया जाएगा।
आप किसी भी तरह का बैंक ट्रांजेक्शन करने या नया अकाउंट खोलने में असमर्थ होंगे।
स्टॉक मार्केट और म्यूचुअल फंड में निवेश करना नामुमकिन हो जाएगा।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप अपना टैक्स रिफंड क्लेम नहीं कर पाएंगे।
4. इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग और जुर्माने का गणित
वित्त वर्ष 2024-25 के लिए बिलेटेड रिटर्न (देरी से भरा जाने वाला रिटर्न) फाइल करने की अंतिम तारीख भी 31 दिसंबर ही है। टैक्स एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस 31 December Deadlines को चूकने का मतलब है कानूनी नोटिस और भारी आर्थिक दंड।

जुर्माना: यदि आपकी आय 5 लाख रुपये से अधिक है, तो आपको 5,000 रुपये लेट फीस देनी होगी। वहीं, 5 लाख से कम आय वालों के लिए यह फीस 1,000 रुपये है।
रिफंड का नुकसान: यदि आप 31 दिसंबर के बाद रिटर्न भरते हैं, तो आप सरकार से अपना टैक्स रिफंड वापस नहीं मांग पाएंगे। वह पैसा हमेशा के लिए सरकारी खजाने में चला जाएगा।
अतिरिक्त पेनल्टी (ITR-U): यदि आप इस डेडलाइन के बाद अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) भरते हैं, तो 12 महीने की देरी पर 25% और 24 महीने की देरी पर 50% तक अतिरिक्त टैक्स देना पड़ सकता है।
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