Gmail का ऐतिहासिक अपडेट: करोड़ों यूजर्स बदल सकेंगे अपना ईमेल एड्रेस, जानें डेटा सुरक्षित रखने का ‘जादुई’ तरीका
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
28 दिसम्बर 2025, (अपडेटेड 21 मार्च 2026, 10:28 अपराह्न IST)

टेक डेस्क। दुनिया के सबसे लोकप्रिय ईमेल प्लेटफॉर्म Gmail के करोड़ों यूजर्स के लिए एक ऐसी खुशखबरी आई है जिसका इंतजार पिछले दो दशकों से किया जा रहा था। टेक दिग्गज गूगल जल्द ही एक ऐसा क्रांतिकारी फीचर लॉन्च करने जा रहा है, जिसके बाद यूजर्स को अपना पुराना या ‘अजीब’ ईमेल एड्रेस बदलने के लिए नया अकाउंट बनाने की जरूरत नहीं होगी। सबसे अहम बात यह है कि इस बदलाव के बाद भी यूजर्स का सालों पुराना डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।

बिना डेटा खोए नई पहचान पाने का सुनहरा मौका

गूगल के एक सपोर्ट पेज से मिली जानकारी के अनुसार, यह अपडेट Gmail की लगभग 20 साल पुरानी नीति में सबसे बड़ा बदलाव है। अब तक का सख्त नियम था कि एक बार जो ईमेल एड्रेस बन गया, वह स्थाई है। यदि किसी यूजर को अपनी पेशेवर छवि सुधारने के लिए एक नया और प्रोफेशनल ईमेल आईडी चाहिए होता था, तो उसे एक बिल्कुल नया अकाउंट खोलना पड़ता था। इसके बाद शुरू होता था सिरदर्द वाला काम—पुराने अकाउंट से कॉन्टैक्ट्स, फोटोज और गूगल ड्राइव की फाइलों को मैनुअली ट्रांसफर करना। कई बार इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण डेटा खो जाने का भी डर रहता था। गूगल का यह नया फीचर इसी बड़ी समस्या का समाधान लेकर आ रहा है।

‘एलियस’ तकनीक से पुराने और नए का संगम

गूगल का यह नया सिस्टम बेहद समझदारी से काम करता है। जब आप अपना Gmail एड्रेस बदलेंगे, तो आपकी पुरानी पहचान पूरी तरह से खत्म नहीं होगा। तकनीकी भाषा में कहें तो, आपका पुराना एड्रेस एक ‘एलियस’ (Alias) के तौर पर आपके नए मुख्य अकाउंट से जुड़ा रहेगा।

इसका सीधा सा फायदा यह है कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था अभी भी आपके पुराने ईमेल एड्रेस पर कोई जरूरी मेल भेजती है, तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। वह मेल भी आपके नए Gmail इनबॉक्स में ही डिलीवर होगा, जिससे आपका कोई भी मेल मिस होने का खतरा शून्य हो जाता है। सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए गूगल यूजर्स को यह अनुमति भी देगा कि वे अपने पुराने और नए, दोनों ही ईमेल एड्रेस का उपयोग करके लॉगिन कर सकें।

नियम और शर्तें: साल में 1 और जीवन में सिर्फ 3 मौके

गूगल ने इस जादुई फीचर के साथ कुछ कड़े नियम भी लागू किए हैं ताकि इस सुविधा का दुरुपयोग न हो सके। सपोर्ट डॉक्यूमेंट के मुताबिक, Gmail एड्रेस बदलने की प्रक्रिया असीमित नहीं होगी:

  • सालाना पाबंदी: एक यूजर कैलेंडर वर्ष में केवल एक ही बार अपना ईमेल एड्रेस बदल पाएगा।

  • लाइफटाइम कोटा: एक ही Gmail अकाउंट के पूरे जीवनकाल में अधिकतम 3 बार ही बदलाव की अनुमति होगी।

  • टोटल काउंट: यानी एक मुख्य अकाउंट के साथ कुल 4 ईमेल एड्रेस (1 ओरिजिनल + 3 बदले हुए) ही लिंक किए जा सकते हैं।

भारत में हो सकती है इस बड़े बदलाव की शुरुआत

एक दिलचस्प पहलू यह है कि इस क्रांतिकारी फीचर की जानकारी सबसे पहले गूगल के हिंदी सपोर्ट पेज पर देखी गई है। टेक विशेषज्ञों के बीच यह चर्चा गर्म है कि क्या गूगल इस नए अवतार को सबसे पहले भारतीय यूजर्स के लिए रोलआउट कर सकता है? हालांकि, गूगल ने अभी तक कोई भव्य आधिकारिक इंटरनेशनल घोषणा नहीं की है, लेकिन सपोर्ट पेज पर ‘ग्रेजुअल रोलआउट’ (धीरे-धीरे रोलआउट) की बात स्पष्ट रूप से कही गई है, जिसका मतलब है कि आने वाले कुछ हफ्तों में यह फीचर आपके ‘माय अकाउंट’ सेक्शन में नजर आने लगेगा।

प्रोफेशनल लाइफ के लिए बड़ी राहत

गूगल के इस कदम ने लाखों प्रोफेशनल यूजर्स को बड़ी राहत दी है। बहुत से लोगों ने किशोरावस्था या कॉलेज के दिनों में जोश-जोश में ‘coolboy’, ‘papaki_pari’ या ‘superstar’ जैसे नामों से ईमेल आईडी बना ली थी, जिन्हें अब ऑफिस या बिजनेस वर्ल्ड में इस्तेमाल करना उन्हें थोड़ा अजीब लगता है। इस अपडेट के बाद अब डिजिटल पहचान बदलना उतना ही आसान होगा, जितना अपना मोबाइल नंबर पोर्ट करना।

ध्यान देने योग्य बात: यह सुविधा फिलहाल व्यक्तिगत खातों (@gmail.com) के लिए ही उपलब्ध है। यदि आप ऑफिस, किसी संस्था या स्कूल के ईमेल (जैसे- [email protected]) का उपयोग करते हैं, तो इसे बदलने के लिए आपको अपनी संस्था के आईटी एडमिनिस्ट्रेटर से संपर्क करना होगा। सामान्य यूजर्स इसे अपने Gmail अकाउंट सेटिंग्स में जाकर आसानी से मैनेज कर पाएंगे। यह बदलाव तकनीक को सरल और यूजर्स के प्रति गूगल की संवेदनशीलता को दर्शाता है।


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Aakash Sharma
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