1.5 करोड़ का नुकसान: Mandsaur Fire में कांग्रेस नेत्री के घर तबाही, खिड़की तोड़कर क्रेन से निकाले 3 मासूम बच्चे

मंदसौर। मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले से रविवार को एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। शहर के हृदय स्थल गोल चौराहा क्षेत्र में स्थित कांग्रेस नेत्री राखी सत्रेवाला के तीन मंजिला आवास और उसमें संचालित व्यवसायिक प्रतिष्ठान में भीषण आग लग गई। Mandsaur Fire की इस घटना ने न केवल करोड़ों की संपत्ति को खाक कर दिया, बल्कि कई जिंदगियों को भी खतरे में डाल दिया था। दोपहर करीब 12 बजे जब पूरा इलाका अपनी सामान्य रफ़्तार से चल रहा था, तभी इस इमारत से उठती आग की लपटों ने कोहराम मचा दिया।
कैसे शुरू हुआ ‘तबाही’ का यह मंजर?
मिली जानकारी के अनुसार, आग की शुरुआत मकान के भूतल (Ground Floor) पर स्थित एक इलेक्ट्रिकल शॉप से हुई। बताया जा रहा है कि यह दुकान मोहम्मद यूसुफ नामक व्यक्ति ने किराए पर ले रखी थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अचानक दुकान के अंदर से काला धुआं और लपटें उठने लगीं। रविवार का दिन होने के कारण बाजार में भीड़ थी, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। Mandsaur Fire की इस लपटों ने कुछ ही मिनटों में पहली और दूसरी मंजिल को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने का प्रारंभिक कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया।
1.5 करोड़ की संपत्ति राख, थम गई धड़कनें
इस भीषण Mandsaur Fire में आर्थिक नुकसान का आंकड़ा बेहद बड़ा है। कांग्रेस नेत्री राखी सत्रेवाला के अनुसार, यह उनके जीवन की सबसे बड़ी क्षति है। घर के अंदर रखा कीमती सामान, जिसमें हाई-एंड फर्नीचर, 3 बड़ी एलईडी टीवी, फ्रीज, वाशिंग मशीन और किचन के महंगे उपकरण शामिल थे, सब जलकर कोयला हो गए। राखी ने बताया कि रिहायशी हिस्से में करीब 80 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
वहीं, नीचे स्थित इलेक्ट्रिकल दुकान के संचालक मोहम्मद यूसुफ की कहानी भी वैसी ही दर्दनाक है। उनकी दुकान में एसी, फ्रिज और अन्य कूलिंग मशीनों के महंगे स्पेयर पार्ट्स भरे हुए थे। दुकानदार के मुताबिक, इस Mandsaur Fire में उनका करीब 60 से 70 लाख रुपये का माल जलकर खाक हो गया है। अगर कुल नुकसान की बात करें तो यह आंकड़ा 1.5 करोड़ रुपये के पार पहुंचता दिख रहा है। इतना ही नहीं, घर के बाहर खड़ी एक कार और एक दोपहिया वाहन भी आग की भेंट चढ़ गए।
क्रेन से रेस्क्यू: जब मौत के मुंह से बाहर आए तीन बच्चे
इस पूरी Mandsaur Fire घटना का सबसे मार्मिक और साहसिक पहलू वह रेस्क्यू ऑपरेशन रहा, जिसने प्रशासन की मुस्तैदी को साबित किया। जब आग लगी, तब इमारत की ऊपरी मंजिल पर राखी सत्रेवाला के परिवार के तीन बच्चे और उनका पालतू कुत्ता मौजूद था। सीढ़ियों पर धुआं और आग का कब्जा होने के कारण बच्चे नीचे नहीं उतर पा रहे थे।
सूचना मिलते ही एसडीएम, तहसीलदार और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। दमकल की तीन गाड़ियां आग बुझाने में जुटी थीं, लेकिन बच्चों की जान बचाना प्राथमिकता थी। प्रशासन ने तुरंत एक बड़ी क्रेन मंगवाई। हाइड्रोलिक क्रेन की मदद से बचाव दल खिड़की तक पहुंचा, कांच तोड़े गए और एक-एक कर तीनों बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारा गया। बच्चों के साथ उनके पालतू कुत्ते को भी सही-सलामत निकाल लिया गया। इस सफल रेस्क्यू को देख वहां मौजूद हजारों लोगों की भीड़ ने तालियां बजाकर प्रशासन का आभार जताया। Mandsaur Fire की यह घटना बिना किसी जनहानि के टल गई, जो किसी चमत्कार से कम नहीं था।
प्रशासन की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
मंदसौर प्रशासन ने घटना के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी थी। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद करीब तीन घंटे में आग पर पूरी तरह काबू पाया। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि शहर के बीचों-बीच स्थित इस घनी आबादी वाले क्षेत्र में आग फैलने का खतरा बहुत ज्यादा था, जिसे समय रहते रोक लिया गया। फिलहाल, नगर पालिका और पुलिस की टीमें नुकसान का सटीक पंचनामा तैयार कर रही हैं। Mandsaur Fire की इस घटना ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों में फायर सेफ्टी ऑडिट और शॉर्ट सर्किट से बचाव के इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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