Mandsaur Petrol Attack: मंदसौर में पति ने पत्नी-बुआ को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया

Mandsaur Petrol Attack

Mandsaur Petrol Attack

मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली Mandsaur Petrol Attack वारदात सामने आई है, जिसने समाज और कानून-व्यवस्था दोनों को झकझोर कर रख दिया है। नाहरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम पीपलखूंटा में एक सनकी पति ने न केवल अपनी पत्नी को पेट्रोल डालकर आग के हवाले किया, बल्कि उसे बचाने आई वृद्ध बुआ को भी जिंदा जलाने की कोशिश की। इस Mandsaur Petrol Attack ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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कोर्ट की पेशी और रंजिश का खौफनाक अंत

Mandsaur Petrol Attack घटना शनिवार शाम करीब 6 बजे की है। जानकारी के अनुसार, पीड़िता ममता (35) का अपने पति राजूनाथ (40) के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था। ममता ने नवंबर 2024 में पति के खिलाफ 5 लाख रुपए की दहेज मांग और प्रताड़ना का केस दर्ज कराया था। इसी मामले में 9 जनवरी को सीतामऊ कोर्ट में सुनवाई थी। कोर्ट से लौटने के बाद ममता पीपलखूंटा गांव में अपनी बुआ कासूबाई (60) के घर रुकी हुई थी।

आरोपी राजूनाथ कोर्ट की कार्यवाही से बौखलाया हुआ था। शनिवार शाम वह अचानक पीपलखूंटा पहुँचा। प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के अनुसार, आरोपी अपने साथ बोतल में पेट्रोल लेकर आया था। उसने बिना कुछ सोचे-समझे ममता पर पेट्रोल छिड़का और आग लगा दी। जब ममता को बचाने के लिए उसकी 60 वर्षीय बुआ कासूबाई आगे आईं, तो बेरहम आरोपी ने उन पर भी पेट्रोल डालकर आग लगा दी।

35% झुलसी ममता, अस्पताल में जिंदगी की जंग

इस Mandsaur Petrol Attack के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने किसी तरह आग बुझाई और दोनों महिलाओं को जिला अस्पताल पहुँचाया। डॉक्टरों के मुताबिक, ममता का चेहरा, छाती और पेट बुरी तरह झुलस चुके हैं (लगभग 35 फीसदी)। वहीं बुआ कासूबाई की स्थिति भी नाजुक बनी हुई है। अस्पताल के बर्न वार्ड से जो तस्वीरें सामने आई हैं, वह विचलित करने वाली हैं।

बंदूक की नोक पर दी थी धमकी: पीड़िता का बयान

अस्पताल में भर्ती ममता ने बताया कि उसका पति पहले से ही घात लगाकर बैठा था। ममता के अनुसार, “वह अचानक पीछे से आया और बंदूक दिखाकर पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी देने लगा। उसने मुझे पास बुलाया, जब मैंने मना किया तो उसने पेट्रोल डाल दिया। मुझे डर है कि वह मेरे माता-पिता को भी मार डालेगा।” यह बयान साफ करता है कि आरोपी न केवल हिंसक है, बल्कि उसके पास अवैध हथियार भी हो सकते हैं।

पुलिस की लापरवाही: अगर समय पर जागते तो बच जाती जान

इस पूरे Mandsaur Petrol Attack मामले में पुलिस की भूमिका सबसे ज्यादा संदेहास्पद और निराशाजनक रही है। पीड़िता के पिता रामसिंह नाथ ने सीधे तौर पर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि तीन महीने पहले ही सुवासरा थाने में लिखित शिकायत दी गई थी कि दामाद पेट्रोल डालकर जलाने की धमकी दे रहा है। तत्कालीन थाना प्रभारी कमलेश प्रजापति को आगाह करने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

यह साफ तौर पर प्रशासनिक उदासीनता का परिणाम है। अगर पुलिस ने उस वक्त आरोपी पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की होती, तो आज दो महिलाएं अस्पताल के बेड पर मौत से न लड़ रही होतीं। इस Mandsaur Petrol Attack ने साबित कर दिया है कि कागजों पर महिला सुरक्षा के दावे जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं।

फरार आरोपी और नाहरगढ़ पुलिस की कार्रवाई

वर्तमान नाहरगढ़ टीआई वरुण तिवारी ने बताया कि आरोपी राजूनाथ के खिलाफ हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना की गई हैं। हालांकि, सुवासरा के पूर्व टीआई ने इस लापरवाही पर अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है।

यह Mandsaur Petrol Attack घटना न केवल एक घरेलू विवाद है, बल्कि यह कानून के डर के खत्म होने का प्रमाण है। एक अपराधी दिन-दहाड़े कोर्ट की पेशी के अगले दिन सरेआम पेट्रोल डालकर लोगों को जला देता है और पुलिस सिर्फ ‘तलाश जारी है’ का रटा-रटाया बयान देती है। ममता को अब इंसाफ का इंतजार है, लेकिन सवाल वही है – क्या पुलिस अब भी सोती रहेगी?


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