Bal Vivah मुक्त नीमच: कुरीतियों के खिलाफ प्रशासन ने छेड़ा 100 दिवसीय ‘महा-अभियान’

Bal Vivah

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नीमच (The Times of MP): Bal Vivah (बाल विवाह) जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से मिटाने के लिए नीमच जिला प्रशासन ने अब अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के कुशल मार्गदर्शन में आज, 15 जनवरी 2026 को जिला मुख्यालय पर एक व्यापक रणनीति तैयार की गई, जिसका उद्देश्य जिले की हर बेटी को सुरक्षा और शिक्षा का अधिकार दिलाना है। इस अभियान के तहत न केवल कानूनी सख्ती की जाएगी, बल्कि सामाजिक स्तर पर लोगों की सोच बदलने के लिए 100 दिनों का विशेष जागरूकता कार्यक्रम भी संचालित किया जाएगा।

‘पंख अभियान’ और शालात्यागी बालिकाओं का सशक्तिकरण

नीमच जिले में बाछड़ा समुदाय की बालिकाओं के सर्वांगीण उत्थान के लिए संचालित “पंख अभियान” को इस बार Bal Vivah रोकथाम अभियान के साथ जोड़ा गया है। कार्यशाला के दौरान यह निर्णय लिया गया कि आगामी माह में नीमच, मनासा और रामपुरा के विभिन्न क्षेत्रों में ‘अग्रणी मॉड्यूल’ के 12 विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। यह सत्र विशेष रूप से उन किशोरियों के लिए होंगे जिन्होंने बीच में ही स्कूल छोड़ दिया है। इन शालात्यागी बालिकाओं को जीवन कौशल, कानूनी अधिकारों और आर्थिक आत्मनिर्भरता का प्रशिक्षण देकर उन्हें मुख्यधारा में वापस लाया जाएगा, ताकि वे Bal Vivah के जाल में न फंसें।

70 कार्यकर्ताओं को दी गई ‘बाल हितैषी’ ट्रेनिंग

इस मिशन की सफलता के लिए जिले की 40 चयनित ‘बाल हितैषी पंचायतों’ की 70 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सेक्टर सुपरवाइजरों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी (मबावि) सुश्री अंकिता पंड्या ने कड़े शब्दों में कहा कि पंचायतों को वास्तविक रूप में ‘महिला और बाल हितैषी’ बनाना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे Bal Vivah की संभावनाओं पर पैनी नजर रखें और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वैच्छिक सहायता समूहों का जाल बिछाएं ताकि कोई भी कुरीति चोरी-छिपे पनप न सके।

विशेषज्ञों का विजन: पितृसत्ता और लैंगिक समानता

प्रशिक्षण सत्र का तकनीकी नेतृत्व ममता हेल्थ और यूनिसेफ के जिला समन्वयक श्री संदीप सिंह दीक्षित ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को बाल संरक्षण, बाल अधिकार और जेंडर संवेदनशीलता जैसे जटिल विषयों पर गहराई से जानकारी दी। दीक्षित ने रेखांकित किया कि समाज में व्याप्त पितृसत्तात्मक ढांचा ही Bal Vivah का मूल कारण है। उन्होंने ‘सकारात्मक मर्दानगी’ (Positive Masculinity) के विचार को बढ़ावा देने की बात कही, जिसमें समाज के पुरुषों को भी बेटियों की सुरक्षा और सम्मान के प्रति जवाबदेह बनाया जा सके।

रणनीतिक एक्शन प्लान और सामूहिक शपथ

कार्यशाला में केवल चर्चा ही नहीं हुई, बल्कि एक ठोस ‘साप्ताहिक कार्ययोजना’ भी तैयार की गई। सभी कार्यकर्ताओं ने अपनी पंचायतों में आयोजित होने वाली गतिविधियों का खाका खींचकर अपने सुपरवाइजरों को सौंपा है। इस 100 दिवसीय अभियान के दौरान हर सप्ताह प्रगति की समीक्षा की जाएगी। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे नीमच को Bal Vivah मुक्त जिला बनाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे।

प्रशासनिक सतर्कता: कानून की पैनी नजर

कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने साफ कर दिया है कि Bal Vivah के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। यदि किसी भी विवाह में बालिका की आयु कानूनी मानक से कम पाई गई, तो आयोजकों के साथ-साथ इसमें सहयोग करने वाले सेवा प्रदाताओं पर भी एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी। इस पूरे आयोजन में सुश्री नुसरत खान और पूजा मिश्रा का सक्रिय सहयोग रहा। अब नीमच का मैदानी अमला ‘पंख अभियान’ के माध्यम से जिले की बेटियों को एक ऐसा सुरक्षित वातावरण देने के लिए तैयार है, जहां उनकी शादी नहीं, बल्कि उनकी शिक्षा और करियर प्राथमिकता होगी।


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