Mandsaur Mandi Strike: हम्माल-व्यापारी विवाद में फंसा किसान, 3 दिन से नीलामी बंद होने पर हाईवे जाम
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
15 जनवरी 2026, (अपडेटेड 15 जनवरी 2026, 6:01 अपराह्न IST)

मंदसौर। मध्यप्रदेश के मंदसौर में स्थिति विस्फोटक हो गई है। पिछले तीन दिनों से जारी Mandsaur Mandi Strike के कारण अन्नदाता का धैर्य जवाब दे गया है। गुरुवार को कृषि उपज मंडी में नीलामी प्रक्रिया शुरू नहीं होने से नाराज हजारों किसानों ने मंडी के बाहर निकलकर महू-नीमच हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। इस प्रदर्शन के कारण हाईवे के दोनों ओर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया है और हजारों यात्री फंसे हुए हैं।

विवाद की जड़: एक ‘फटी बोरी’ ने रोका करोड़ों का व्यापार

मंडी के सूत्रों के अनुसार, इस पूरे विवाद की शुरुआत मंगलवार को हुई थी। मंडी में एक हम्माल द्वारा माल उतारते समय एक व्यापारी की बारदाने की बोरी दुर्घटनावश फट गई थी। इसी मामूली बात पर व्यापारी और हम्माल के बीच बहस हुई, जिसने हिंसक रूप ले लिया। मारपीट की इस घटना के बाद हम्माल और व्यापारी आमने-सामने आ गए। Mandsaur Mandi Strike का यह सिलसिला मंगलवार दोपहर से शुरू हुआ, जो बुधवार को शासकीय अवकाश के बाद गुरुवार को भी जारी रहा। व्यापारियों ने सुरक्षा और कार्रवाई की मांग को लेकर खरीदारी बंद कर रखी है।

हाईवे पर उमड़ा 1000+ किसानों का सैलाब

लगातार तीन दिनों से अपनी फसल बेचने का इंतजार कर रहे किसानों का गुस्सा गुरुवार सुबह फूट पड़ा। करीब 1000 से अधिक किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ महू-नीमच हाईवे को ब्लॉक कर दिया। किसानों का आरोप है कि हम्माल और व्यापारियों के आपसी अहंकार की लड़ाई में उनका नुकसान हो रहा है। Mandsaur Mandi Strike की वजह से किसान कड़कड़ाती ठंड में खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं, लेकिन प्रशासन सुध नहीं ले रहा है।

फसलों की बर्बादी का डर और आर्थिक चोट

मंडी में वर्तमान में लहसुन, सोयाबीन और प्याज की भारी आवक है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही Mandsaur Mandi Strike समाप्त नहीं हुई, तो नमी के कारण फसलें खराब होने लगेंगी। दूर-दराज के गाँवों से आए किसानों के पास न तो अब पैसे बचे हैं और न ही मवेशियों के लिए चारे का इंतजाम है। किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक व्यापारी तौल काँटा शुरू नहीं करते, वे हाईवे से नहीं हटेंगे।

प्रशासन के हाथ-पांव फूले, वार्ता विफल

हाईवे जाम की खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी व्यापारी संघ के प्रतिनिधियों को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे हैं। Mandsaur Mandi Strike को खत्म कराने के लिए मंडी समिति की बैठकें बेनतीजा रही हैं। पुलिस ने एहतियातन हाईवे पर ट्रैफिक डायवर्ट किया है, लेकिन मुख्य मार्ग पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

क्या कहता है मंडी प्रबंधन?

मंडी सचिव के अनुसार, विवाद को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों (हम्माल और व्यापारी) से बात की जा रही है। व्यापारियों की मांग है कि उन्हें काम के दौरान सुरक्षा मिले, वहीं हम्माल अपने साथी के साथ हुई अभद्रता का विरोध कर रहे हैं। हालांकि, इन सबके बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि Mandsaur Mandi Strike के कारण होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई कौन करेगा?

शाम तक यदि कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन उग्र रूप ले सकता है। किसान अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं और शासन-प्रशासन की चुप्पी ने उनके आक्रोश को और बढ़ा दिया है।


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Aakash Sharma
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आकाश शर्मा मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार और द टाइम्स ऑफ MP के संपादक हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया में 12 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव है। लंबे समय से स्थानीय एवं जनसरोकार से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग, समाचार संपादन और समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने स्थानीय पत्रकारिता में व्यापक अनुभव हासिल किया है।द टाइम्स ऑफ MP के माध्यम से आकाश शर्मा नीमच, मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उनकी कवरेज में स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं कानून-व्यवस्था, जनसमस्याएं, नागरिक सुविधाएं, राजनीति, सामाजिक गतिविधियां, शिक्षा, कृषि, व्यापार और अन्य जनहित से जुड़े विषय शामिल हैं।उनकी संपादकीय कार्यशैली में तथ्यपरक रिपोर्टिंग, स्रोत-आधारित जानकारी, निष्पक्ष प्रस्तुति और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दी जाती है। संवेदनशील और अपराध से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग में आरोप और प्रमाणित तथ्य के बीच अंतर बनाए रखने तथा उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर खबर प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।पत्रकारिता के साथ आकाश शर्मा पिछले 4 वर्षों से पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इस भूमिका में वे कानूनी जागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यों से जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही वे इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशन में जिला उपाध्यक्ष (District Vice President) के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।अनुभव 12 वर्ष — प्रिंट मीडिया एवं पत्रकारिता का अनुभव 4 वर्ष — पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में अनुभव संपादक — द टाइम्स ऑफ MP जिला उपाध्यक्ष — इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशनआकाश शर्मा का उद्देश्य स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण सूचनाओं को विश्वसनीय, स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाना तथा आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी मंच प्रदान करना है।विशेषज्ञता: स्थानीय पत्रकारिता | प्रिंट मीडिया | समाचार संपादन | डिजिटल पत्रकारिता | स्थानीय समाचार रिपोर्टिंग | जनहित के मुद्दे | कानूनी जागरूकता |

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