Success Story of Ganesh Sathe: ₹50,000 उधार लेकर शुरू किया काम, फेलियर के बाद ऐसे खड़ा किया ₹40,000 रोज का बिजनेस
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
28 जनवरी 2026, (अपडेटेड 28 जनवरी 2026, 10:48 पूर्वाह्न IST)

नीमच/ठाणे: आज के दौर में जब स्टार्टअप की दुनिया में करोड़ों की फंडिंग की चर्चा होती है, वहीं महाराष्ट्र के ठाणे से एक ऐसी कहानी निकलकर आई है जो साबित करती है कि व्यापार केवल पैसों से नहीं, बल्कि सही दिशा और दृढ़ संकल्प से चलता है। यह प्रेरणादायक Success Story of Ganesh Sathe की है, जिन्होंने मात्र 23 साल की उम्र में अर्श से फर्श और फिर फर्श से सफलता के शिखर तक का सफर तय किया।

शुरुआत: 50 हजार का उधार और टूटे हुए सपने

गणेश साठे, जो सीए (CA) की पढ़ाई कर रहे थे, उनके मन में हमेशा से अपना खुद का कुछ शुरू करने का जुनून था। जनवरी 2023 में उन्होंने अपने माता-पिता से ₹50,000 उधार लिए और घर के एक पुराने ठेले को साफ करके ‘बेन्ने डोसा’ बेचना शुरू किया। उनकी बहन सपना साठे ने इस सफर में उनका पूरा साथ दिया।

शुरुआती दिन बेहद चुनौतीपूर्ण थे। बाजार में पहले से जमे हुए दिग्गजों की प्रतिस्पर्धा, ठेले की खराब लाइटिंग और मानसून की मार ने उनके हौसले पस्त कर दिए। एक समय ऐसा भी आया जब वीकेंड पर ₹3,000 कमाने वाला यह स्टार्टअप महज ₹200 की रोजाना बिक्री पर सिमट गया। भारी घाटे और मानसिक तनाव के कारण 2024 के बीच में गणेश ने हार मान ली और रोते हुए अपना काम बंद कर दिया।

बेंगलुरु की यात्रा और रतन टाटा से मिली प्रेरणा

असफलता के बाद घर बैठे गणेश और सपना ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी कमियों को खोजने का फैसला किया। वे बेंगलुरु के मशहूर ‘रामेश्वरम कैफे’ गए, जहां उन्होंने डोसा कल्चर और ग्राहकों के अनुभव को करीब से समझा। उन्हें समझ आया कि केवल अच्छा खाना ही काफी नहीं है, बल्कि ब्रांडिंग और प्रेजेंटेशन भी उतनी ही जरूरी है।

इसी दौरान दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने गणेश के भीतर फिर से चिंगारी जगा दी। उन्होंने तय किया कि वे दोबारा मैदान में उतरेंगे। उन्होंने अपने पुराने ठेले को प्रीमियम लुक दिया और उस पर गर्व से लिखवाया— ‘रतन टाटा से प्रेरित’।

अक्टूबर 2025: ‘The Benne’ का उदय और ₹40,000 की सेल

Success Story of Ganesh Sathe
Success Story of Ganesh Sathe

30 हजार रुपये का छोटा सा ऑनलाइन लोन लेकर गणेश ने अपनी मां को दोबारा राजी किया। अक्टूबर 2025 में ‘द बेन्ने’ (The Benne) को एक नए अवतार में लॉन्च किया गया। इस बार रणनीति अलग थी। भाई-बहन की जोड़ी ने अपने संघर्ष और तैयारी की कहानियों को इंस्टाग्राम पर साझा करना शुरू किया।

डिजिटल मार्केटिंग और शुद्ध सफेद मक्खन (जो विशेष रूप से पुणे से मंगाया जाता है) के स्वाद ने जादू कर दिया। जो ग्राहक पहले 20 की संख्या में आते थे, उनकी तादाद बढ़कर 400 तक पहुंच गई। आलम यह है कि महज ढाई घंटे के ऑपरेशन में सारा स्टॉक खत्म हो जाता है। आज Success Story of Ganesh Sathe की चर्चा हर तरफ है क्योंकि उनका यह छोटा सा स्टॉल अब रोजाना ₹40,000 की सेल कर रहा है।

स्ट्रीट स्टॉल से पक्की दुकान तक का सफर

नगर निगम की पाबंदियों और ग्राहकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए, गणेश और सपना ने अब अपने बिजनेस को एक कदम और आगे बढ़ाया है। उन्होंने उसी स्थान पर एक पक्की दुकान ली है जहां कभी उन्होंने पहला ठेला लगाया था। अब ग्राहकों को डोसा के लिए सड़क पर लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सोशल मीडिया पर 5,000 से अधिक फॉलोअर्स के साथ गणेश अब एक युवा आइकॉन बन चुके हैं।

यह कहानी सिखाती है कि असफलता अंत नहीं, बल्कि सुधार का एक अवसर है। यदि आप अपनी गलतियों से सीखते हैं, तो सफलता को आपसे कोई नहीं छीन सकता।


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Aakash Sharma
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आकाश शर्मा मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार और द टाइम्स ऑफ MP के संपादक हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया में 12 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव है। लंबे समय से स्थानीय एवं जनसरोकार से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग, समाचार संपादन और समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने स्थानीय पत्रकारिता में व्यापक अनुभव हासिल किया है।द टाइम्स ऑफ MP के माध्यम से आकाश शर्मा नीमच, मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उनकी कवरेज में स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं कानून-व्यवस्था, जनसमस्याएं, नागरिक सुविधाएं, राजनीति, सामाजिक गतिविधियां, शिक्षा, कृषि, व्यापार और अन्य जनहित से जुड़े विषय शामिल हैं।उनकी संपादकीय कार्यशैली में तथ्यपरक रिपोर्टिंग, स्रोत-आधारित जानकारी, निष्पक्ष प्रस्तुति और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दी जाती है। संवेदनशील और अपराध से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग में आरोप और प्रमाणित तथ्य के बीच अंतर बनाए रखने तथा उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर खबर प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।पत्रकारिता के साथ आकाश शर्मा पिछले 4 वर्षों से पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इस भूमिका में वे कानूनी जागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यों से जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही वे इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशन में जिला उपाध्यक्ष (District Vice President) के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।अनुभव 12 वर्ष — प्रिंट मीडिया एवं पत्रकारिता का अनुभव 4 वर्ष — पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में अनुभव संपादक — द टाइम्स ऑफ MP जिला उपाध्यक्ष — इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशनआकाश शर्मा का उद्देश्य स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण सूचनाओं को विश्वसनीय, स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाना तथा आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी मंच प्रदान करना है।विशेषज्ञता: स्थानीय पत्रकारिता | प्रिंट मीडिया | समाचार संपादन | डिजिटल पत्रकारिता | स्थानीय समाचार रिपोर्टिंग | जनहित के मुद्दे | कानूनी जागरूकता |

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