Gold-Silver Crash: बजट के बाद सर्राफा बाजार में मची हाहाकार, चांदी ₹16000 टूटी, सोना भी हुआ धड़ाम

Gold-Silver Crash

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नई दिल्ली/नीमच: भारतीय सर्राफा बाजार में इस समय जो मंजर देखने को मिल रहा है, उसकी कल्पना शायद ही किसी ने की होगी। बजट 2026 के आने के बाद से कीमती धातुओं की कीमतों में भारी गिरावट का दौर शुरू हो गया है। सोमवार को हफ्ते के पहले कारोबारी दिन मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर Gold-Silver Crash ने निवेशकों की धड़कनें तेज कर दीं। बाजार खुलते ही चांदी की कीमतों में करीब 16,000 रुपये प्रति किलो की ऐतिहासिक गिरावट देखी गई, जबकि सोना भी हजारों रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया।

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चांदी की कीमतों में सुनामी: रिकॉर्ड हाई से बहुत नीचे आया भाव

सर्राफा बाजार के विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा Gold-Silver Crash पिछले कई सालों की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक है। पिछले गुरुवार को चांदी ने जब 4 लाख रुपये का आंकड़ा पार करते हुए 4,20,048 रुपये प्रति किलो का नया शिखर छुआ था, तब किसी को अंदाजा नहीं था कि अगले 4 दिनों में भाव इतना गिर जाएगा।

सोमवार सुबह जैसे ही ट्रेडिंग शुरू हुई, रविवार के बंद भाव ₹2,65,652 से चांदी सीधे ₹2,55,652 पर खुली और देखते ही देखते ₹2,49,713 प्रति किलो के स्तर पर आ गई। इस तरह चांदी के दाम में चंद घंटों के भीतर ₹15,943 की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। अगर रिकॉर्ड हाई से तुलना करें तो चांदी अब तक ₹1,70,335 प्रति किलो सस्ती हो चुकी है।

सोने की चमक भी पड़ी फीकी, ₹4432 की बड़ी टूट

चांदी के नक्शेकदम पर चलते हुए सोने में भी जबरदस्त Gold-Silver Crash देखने को मिला है। बजट वाले दिन सोने की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव के बाद सोमवार को बिकवाली का दबाव साफ नजर आया। 24 कैरेट शुद्ध सोने का वायदा भाव एमसीएक्स पर ₹1,43,321 प्रति 10 ग्राम तक लुढ़क गया।

बीते कारोबारी सत्र में सोना ₹1,47,753 पर बंद हुआ था, जिससे आज की तुलना करें तो यह ₹4432 प्रति 10 ग्राम सस्ता मिल रहा है। गुरुवार को सोने ने ₹1,93,096 का अपना ऑल-टाइम हाई स्तर बनाया था, जिसके मुकाबले अब सोना करीब 50 हजार रुपये सस्ता हो चुका है।

क्यों हो रहा है यह ‘Gold-Silver Crash’?

बाजार के जानकारों का विश्लेषण है कि इस Gold-Silver Crash के पीछे दो मुख्य कारण हैं। पहला कारण बजट 2026 में की गई महत्वपूर्ण घोषणाएं हैं, जिसका सीधा असर कमोडिटी मार्केट पर पड़ा है। दूसरा कारण वैश्विक स्तर पर डॉलर का मजबूत होना और ऊंचे स्तरों पर निवेशकों द्वारा की जा रही भारी मुनाफावसूली है।

नीमच और मंदसौर जैसे जिलों के सर्राफा व्यापारियों का मानना है कि इस तरह के Gold-Silver Crash से उन ग्राहकों को राहत मिलेगी जो शादियों के सीजन के लिए गहने बनवाने की योजना बना रहे थे। हालांकि, बाजार में अस्थिरता इतनी अधिक है कि बड़े निवेशक अभी सावधानी बरत रहे हैं।

निवेशकों के लिए क्या है सलाह?

क्या यह गिरावट अभी और जारी रहेगी? इस सवाल पर विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है। कुछ का कहना है कि Gold-Silver Crash का यह सिलसिला ₹2,40,000 (चांदी) के स्तर तक जा सकता है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे एकमुश्त बड़ी राशि लगाने के बजाय किश्तों में खरीदारी करें। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन मौका हो सकता है जो लंबे समय के लिए सोने और चांदी में निवेश करना चाहते हैं।

कुल मिलाकर, बजट के बाद का यह हफ्ता सर्राफा बाजार के लिए एक ऐतिहासिक बदलाव का संकेत दे रहा है, जहाँ हर बीतते दिन के साथ रिकॉर्ड हाई से कीमतें नीचे फिसलती जा रही हैं।

(डिस्क्लेमर: बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।)


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