नीमच में नई पहल: ‘बुजुर्गों के लिए डिजिटल साक्षरता’ शिविर से सशक्त होंगे वरिष्ठ जन, रेडक्रॉस सिखाएगा ऑनलाइन सुरक्षा के 5 मंत्र

बुजुर्गों के लिए डिजिटल साक्षरता

बुजुर्गों के लिए डिजिटल साक्षरता

नीमच | आज के दौर में तकनीक केवल युवाओं तक सीमित नहीं रह गई है। स्मार्टफोन और इंटरनेट अब जीवन की बुनियादी जरूरत बन चुके हैं। इसी कड़ी में नीमच जिले के वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल दुनिया का मास्टर बनाने के लिए भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी ने कमर कस ली है। आगामी 5 फरवरी 2026 को नीमच में बुजुर्गों के लिए डिजिटल साक्षरता (Digital and Financial Literacy Camp) का एक भव्य आयोजन होने जा रहा है, जो वृद्धजनों के जीवन में बड़ा बदलाव लाएगा।

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डिजिटल साक्षरता की क्यों है जरूरत?

समय के साथ कदम मिलाना हर उम्र के व्यक्ति के लिए जरूरी है। अक्सर देखा गया है कि तकनीक की जानकारी न होने के कारण बुजुर्ग डिजिटल बैंकिंग या ऑनलाइन पेमेंट करने से कतराते हैं। बुजुर्गों के लिए डिजिटल साक्षरता शिविर का मुख्य लक्ष्य इसी डर को खत्म करना है। रेडक्रॉस सोसायटी नीमच का यह प्रयास न केवल उन्हें आधुनिक बनाएगा, बल्कि उन्हें डिजिटल फ्रॉड से बचाने के लिए सुरक्षा कवच भी प्रदान करेगा।

शिविर में क्या खास होगा?

विशेषज्ञों द्वारा संचालित इस सत्र में वरिष्ठ नागरिकों को बहुत ही सरल और व्यावहारिक तरीके से प्रशिक्षित किया जाएगा। शिविर के मुख्य आकर्षण इस प्रकार हैं:

  • मोबाइल बैंकिंग की समझ: घर बैठे बैंक बैलेंस चेक करना और स्टेटमेंट देखना।

  • सुरक्षित UPI भुगतान: फोन पे, गूगल पे और पेटीएम का सुरक्षित उपयोग।

  • सरकारी ऐप्स का ज्ञान: आयुष्मान कार्ड, पेंशन पोर्टल और अन्य नागरिक सेवाओं का ऑनलाइन लाभ लेना।

  • साइबर अपराध से बचाव: किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने और पासवर्ड सुरक्षित रखने की ट्रेनिंग।

शिविर का समय और स्थान

रेडक्रॉस सोसायटी नीमच के अनुसार, यह निशुल्क प्रशिक्षण शिविर 5 फरवरी 2026 को आयोजित होगा। कार्यक्रम का समय दोपहर 11.30 बजे निर्धारित किया गया है। समस्त गतिविधियाँ रेडक्रॉस कार्यालय परिसर, नीमच में संपन्न होंगी।

सामाजिक जिम्मेदारी और सहभागिता

रेडक्रॉस सोसायटी ने जिले के सभी सम्माननीय वरिष्ठ नागरिकों से इस शिविर में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का विनम्र आग्रह किया है। बुजुर्गों के लिए डिजिटल साक्षरता केवल एक कोर्स नहीं है, बल्कि यह उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का एक माध्यम है। यदि आप एक युवा हैं और इस खबर को पढ़ रहे हैं, तो अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाते हुए अपने घर के बड़ों को इस शिविर तक जरूर लाएं।

तकनीक के इस सफर में अब हमारे बुजुर्ग अकेले नहीं होंगे। नीमच रेडक्रॉस का यह कदम पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल पेश कर रहा है।


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