8 करोड़ की बस मे एमडी ड्रग्स पकड़ी, CBN ने बीच चौराहे पर की रेड

बस मे एमडी ड्रग्स

बस मे एमडी ड्रग्स

मंदसौर (MP News): मध्य प्रदेश का मंदसौर और नीमच जिला अब सिर्फ अफीम की खेती के लिए ही नहीं, बल्कि सिंथेटिक नशे के ट्रांजिट हब के रूप में भी कुख्यात होता जा रहा है। शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात, शहर के दिल कहे जाने वाले सरदार वल्लभभाई पटेल चौराहे पर एक ऐसी कार्रवाई हुई, जिसने पुलिस महकमे और तस्करों दोनों की नींद उड़ा दी। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (CBN) की टीम ने एक गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए यात्री बस मे एमडी ड्रग्स (Mephedrone) की अब तक की सबसे बड़ी खेपों में से एक को पकड़ा है।

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इस कार्रवाई में 8 किलो एमडी ड्रग्स जब्त की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 8 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। तस्करों के हौसले इतने बुलंद थे कि वे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल कर पुलिस की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश कर रहे थे।

आधी रात को फिल्मी स्टाइल में रोका गया ‘सफेद जहर’

घटनाक्रम किसी बॉलीवुड फिल्म के सीन से कम नहीं था। सीबीएन के आला अधिकारियों को अपने सोर्सेज से पक्की खबर मिली थी कि मंदसौर से नीमच की ओर जा रही एमआर ट्रैवल्स (MR Travels) की एक बस में भारी मात्रा में नशीला पदार्थ ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही टीम ने सरदार वल्लभभाई पटेल चौराहे की घेराबंदी कर दी।

जैसे ही बस क्रमांक AR 06 A 9989 चौराहे पर पहुंची, सादी वर्दी और यूनिफार्म में मौजूद अधिकारियों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। बस के रुकते ही टीम ने तेजी से अंदर प्रवेश किया और संदिग्ध यात्रियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान, अधिकारियों को बस मे एमडी ड्रग्स के पैकेट मिले, जिन्हें बड़ी चालाकी से छुपाकर रखा गया था।

यात्रियों में मची खलबली, तस्करों के उड़े होश

जिस समय यह कार्रवाई हुई, बस यात्रियों से खचाखच भरी थी। अचानक हुई इस रेड से यात्रियों में दहशत का माहौल बन गया। कई लोग नींद में थे, तो कई समझ नहीं पाए कि आखिर बस को पुलिस और नारकोटिक्स विभाग ने क्यों घेरा है। अफरा-तफरी के बीच, अधिकारियों ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। जब उनके सामान की बारीकी से तलाशी ली गई, तो बस मे एमडी ड्रग्स होने की पुष्टि हुई।

मौके पर मौजूद चश्मदीदों के मुताबिक, पुलिस की सख्ती देख तस्करों के पसीने छूट गए थे। इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स की बरामदगी ने यह साबित कर दिया है कि मालवा क्षेत्र में नशे का कारोबार किस स्तर पर पहुंच चुका है।

8 करोड़ का नशा: कहाँ से आया और कहाँ जाना था?

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर 8 करोड़ रुपये की यह ड्रग्स कहाँ खपाने की तैयारी थी? सूत्रों की मानें तो बस मे एमडी ड्रग्स ले जा रहे तस्कर इसे नीमच और उसके बाद राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में सप्लाई करने की फिराक में थे। एमडी (MD) जिसे ‘म्याऊं-म्याऊं’ ड्रग्स भी कहा जाता है, युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जो कि बेहद चिंताजनक है।

अधिकारियों ने अभी तक इस मामले में आधिकारिक तौर पर मीडिया को कोई विस्तृत बयान नहीं दिया है, लेकिन माना जा रहा है कि पकड़े गए दोनों आरोपियों से पूछताछ में किसी बड़े सिंडिकेट का खुलासा हो सकता है। यह खेप मुंबई या राजस्थान से यहाँ लायी गयी थी या फिर यहीं लोकल लेवल पर तैयार की गयी थी, यह जांच का विषय है।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट बना तस्करों का स्वर्ग ?

यह पहली बार नहीं है जब किसी निजी ट्रेवल्स की बस का इस्तेमाल तस्करी के लिए किया गया हो। पुलिस की नाकेबंदी से बचने के लिए तस्कर अब निजी कारों की जगह बसों और ट्रेनों को सुरक्षित जरिया मान रहे हैं। बस मे एमडी ड्रग्स मिलने की यह घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ा अलार्म है। यात्रियों की भीड़भाड़ और लगेज की कम चेकिंग का फायदा उठाकर तस्कर आसानी से एक शहर से दूसरे शहर माल सप्लाई कर रहे हैं।

मंदसौर में नहीं थम रहा नशे का कारोबार

भले ही प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है, लेकिन मंदसौर और नीमच में नशे का अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा। कभी डोडाचूरा, कभी अफीम और अब सिंथेटिक ड्रग्स—तस्कर हर बार पुलिस से एक कदम आगे निकलने की कोशिश में रहते हैं। शहर के बीचों-बीच बस मे एमडी ड्रग्स का पकड़ा जाना यह बताता है कि तस्करों का नेटवर्क कितना मजबूत और बेखौफ हो चुका है।

फिलहाल, सीबीएन की टीम आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है। उम्मीद है कि जल्द ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा। शहरवासियों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि इस रैकेट के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है।


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