3 वर्ल्ड रिकॉर्ड: उज्जैन बार्बर का अद्भुत कमाल, 32 कैंचियों से हेयरकट कर दुनिया को चौंकाया

उज्जैन: मध्य प्रदेश की धार्मिक राजधानी उज्जैन की पहचान सदियों से भगवान महाकालेश्वर के लिए रही है। लेकिन इन दिनों यह शहर एक बिल्कुल ही अलग वजह से पूरी दुनिया में सुर्खियां बटोर रहा है। यह वजह कोई और नहीं बल्कि अलखधाम नगर के रहने वाले एक बेहद टैलेंटेड उज्जैन बार्बर (ujjain barber) आदित्य देवड़ा हैं।
आदित्य ने अपनी कला, कल्पना और कड़ी मेहनत के दम पर एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसे देखकर बड़े-बड़े विदेशी हेयर एक्सपर्ट्स भी हैरान हैं। उन्होंने एक साथ 28 से लेकर 32 कैंचियों का इस्तेमाल करते हुए बाल काटने की एक बिल्कुल अनोखी तकनीक ईजाद की है। उनके इस बेहतरीन और अचूक हुनर को अब तक तीन प्रतिष्ठित वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह मिल चुकी है।
जब आप इस उज्जैन बार्बर (ujjain barber) की सफलता की गहराई में जाते हैं, तो पता चलता है कि यह कामयाबी रातों-रात नहीं मिली है। यह पांच साल की उस तपस्या का नतीजा है, जिसमें दर्द, विफलता और फिर कुछ नया कर गुजरने की जिद शामिल है।
चीन के एक वायरल वीडियो ने बदल दी जिंदगी

कहते हैं कि प्रेरणा कहीं से भी मिल सकती है, बस नजरिया होना चाहिए। आदित्य के मामले में यह प्रेरणा सोशल मीडिया से आई। आदित्य ने बताया कि कुछ वर्षों पहले उन्होंने इंटरनेट स्क्रॉल करते हुए चीन के एक हेयर स्टाइलिस्ट का वीडियो देखा था। उस वीडियो में चीनी नाई एक साथ कई कैंचियों को अपनी उंगलियों में फंसाकर बेहद तेजी से हेयरकट कर रहा था। उस एक क्लिप ने इस युवा उज्जैन बार्बर (ujjain barber) के दिमाग में घर कर लिया। उन्होंने उसी दिन फैसला किया कि वे न सिर्फ इस तकनीक को सीखेंगे, बल्कि इसमें उस चीनी स्टाइलिस्ट से भी आगे निकलेंगे।
इसके बाद शुरू हुआ कड़े अभ्यास का दौर। शुरुआत में कई कैंचियों को एक साथ पकड़ने से उंगलियों में तेज दर्द होता था, कैंचियों का बैलेंस बिगड़ जाता था और कई बार चोट भी लगी। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। डमी बालों से लेकर अपने दोस्तों पर लगातार पांच साल तक प्रैक्टिस करने के बाद आदित्य ने इस मल्टी-सीजर तकनीक पर पूरी तरह से कमांड हासिल कर ली।
2022 से शुरू हुआ विश्व रिकॉर्ड बनाने का सिलसिला
लगातार अभ्यास के बाद आदित्य के हुनर की असली परीक्षा साल 2022 में हुई। सोशल मीडिया पर उनके चाहने वालों ने उन्हें एक भारी-भरकम चैलेंज दिया। इस चुनौती को सहर्ष स्वीकार करते हुए इस होनहार उज्जैन बार्बर (ujjain barber) ने पहली बार एक साथ 28 कैंचियों का इस्तेमाल करके बिना किसी गलती के एक शानदार हेयरकट किया। इस असाधारण प्रदर्शन को देखते हुए उनका नाम ‘इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ और ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में दर्ज किया गया।
पर एक सच्चा कलाकार कभी अपनी सफलता पर रुकता नहीं है। साल 2024 में उन्होंने खुद अपने ही रिकॉर्ड को चुनौती दी और 30 कैंचियों के साथ हेयरकट कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। इसके कुछ ही समय बाद, उन्होंने अपनी कला को चरम पर पहुंचाते हुए एक साथ 32 कैंचियां चलाकर दुनिया को स्तब्ध कर दिया। इस अंतिम और सबसे मुश्किल कारनामे ने उन्हें प्रतिष्ठित ‘लंदन की वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड’ में भी सम्मानजनक स्थान दिला दिया।
विदेशी धरती पर लहराया भारत का तिरंगा

आदित्य देवड़ा का हुनर अब केवल उज्जैन की गलियों या भारत की सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है। यह उज्जैन बार्बर (ujjain barber) अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहा है। कजाखस्तान में आयोजित हुई ‘एशियाई ग्लोबल चैंपियनशिप 2024’ में आदित्य ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए पूरे एशिया में तीसरा स्थान हासिल कर देश का मान बढ़ाया। इसके अलावा, साल 2025 में लंदन में आयोजित हुए हेयर स्टाइलिस्ट वर्ल्ड कप में भी उन्होंने 150 देशों के टॉप प्रतिभागियों के बीच अपनी कला का प्रदर्शन किया, जहां जजों ने भी उनके 32 कैंचियों वाले स्टंट की जमकर तारीफ की।
बिजनेस में बूम: 15 मिनट का काम अब सिर्फ 4 मिनट में
इस अनूठी तकनीक ने आदित्य को न सिर्फ शोहरत दी है, बल्कि उनके प्रोफेशन को भी आर्थिक रूप से काफी मजबूत किया है। आदित्य बताते हैं कि पहले जब वे एक सामान्य कैंची से बाल काटते थे, तो एक ग्राहक को तैयार करने में औसतन 15 से 20 मिनट का समय लगता था, जिसकी फीस महज 70 रुपए हुआ करती थी।
लेकिन आज परिदृश्य पूरी तरह बदल चुका है। अपनी 32 कैंचियों वाली जादुई तकनीक का इस्तेमाल करते हुए यह उज्जैन बार्बर (ujjain barber) अब एक बेहतरीन हेयरकट को मात्र 4 से 5 मिनट में अंजाम दे देता है। समय की इस बचत के साथ-साथ इस प्रीमियम अनुभव के लिए अब ग्राहक खुशी-खुशी 450 रुपए तक चुका रहे हैं। सबसे खास बात यह है कि अब उनके सैलून में सिर्फ स्थानीय लोग ही नहीं आते, बल्कि गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और बिहार जैसे कई अन्य राज्यों से लोग विशेष तौर पर अपॉइंटमेंट लेकर उनका यह जादुई हेयरकट लेने उज्जैन पहुंच रहे हैं।
आदित्य की यह कहानी साबित करती है कि अगर इंसान के भीतर कुछ नया सीखने का जुनून हो और उसे हकीकत में बदलने का धैर्य, तो एक छोटे शहर का युवा भी पूरी दुनिया पर छा सकता है।
यह भी पढ़ें: चित्तौड़गढ़ और नीमच में बड़ी ‘CBN Action’, 100 किलो से ज्यादा ड्रग्स के साथ 3 तस्कर दबोचे

