नीमच। नीमच पुलिस कंट्रोल रूम में शनिवार को हुई अपराध समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री राजेश व्यास ने जिले के राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों के साथ सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक अपराधों की समीक्षा की। कुछ थाना प्रभारियों द्वारा अपराधों के धीमे निराकरण पर एसपी ने असंतोष जताते हुए कड़ी चेतावनी दी। बैठक में महिला अपराध, साइबर फ्रॉड, एनडीपीएस, लंबित मामलों और कानून-व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
महिला अपराधों पर संवेदनशीलता के निर्देश
पुलिस के अनुसार, अपराध समीक्षा बैठक में एसपी राजेश व्यास ने महिला एवं बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम पर विशेष जोर दिया। सभी थाना क्षेत्रों में ‘सृजन संवाद योजना’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। पूर्व में किसी घटना का सामना कर चुकी महिलाओं एवं बालिकाओं का मनोबल बढ़ाने के लिए ‘सम्मान’ कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया। थाना प्रभारियों को महिला संबंधी अपराधों में संवेदनशीलता बरतते हुए मामलों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
साइबर फ्रॉड की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई
बैठक में साइबर अपराधों को लेकर भी एसपी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए। प्रत्येक पुलिस थाने पर स्थापित साइबर हेल्प डेस्क के माध्यम से प्राप्त साइबर फ्रॉड की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया।
साइबर फ्रॉड के पीड़ितों का पैसा वापस दिलाने तथा होल्ड बैंक अकाउंट से संबंधित एमआरएम और जीआरएम पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों पर समय-सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सीएम हेल्पलाइन और अन्य शिकायतों का भी निर्धारित समय में निराकरण करने को कहा गया।
एनडीपीएस मामलों में पारदर्शिता पर जोर
एसपी ने एनडीपीएस एक्ट से संबंधित मामलों में थाना प्रभारियों को पूर्ण पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए। एनडीपीएस एक्ट से संबंधित प्रत्येक कार्रवाई की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को अनिवार्य रूप से देने को कहा गया। मादक पदार्थ तस्करी में लिप्त आरोपियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सफेमा और पीट एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
लंबित मामलों और अपराधियों पर कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक ने लंबित अपराध, लंबित मर्ग और लंबित चालान का शीघ्र निराकरण करने को कहा। लंबित गुम बालक-बालिकाओं की सकुशल दस्तयाबी के लिए अधिक से अधिक प्रयास करने के निर्देश दिए गए।
आदतन अपराधियों के रिकॉर्ड के आधार पर जिला बदर और रासुका के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा थाना क्षेत्रों में गुंडों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा गया। गुंडों और बदमाशों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई एवं बाउंड ओवर की कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
चोरी और आगामी त्योहारों को लेकर सतर्कता
चोरी की घटनाओं को देखते हुए थाना प्रभारियों को रात्रि पेट्रोलिंग और रात्रि गश्त पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। आगामी त्योहारों के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक पुलिस बल लगाने और सतर्कता बनाए रखने को कहा गया। संपत्ति संबंधी अपराधों में आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और मश्रुका जब्ती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। भूमि संबंधी मामलों में संबंधित विभाग से समन्वय कर गंभीर अपराधों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखने को कहा गया।
वाहन चेकिंग में सद्व्यवहार निर्देश
वाहन चेकिंग के दौरान आमजनता से सद्व्यवहार करने के निर्देश दिए गए। शराब पीकर वाहन चलाने वाले, काली फिल्म लगे वाहन, बिना नंबर के वाहन, तीन सवारी सहित यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया।
साम्प्रदायिक घटनाओं की जानकारी तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम और वरिष्ठ अधिकारियों को देने तथा गौवंश तस्करी एवं परिवहन में संलिप्त लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में नफीस एप्लीकेशन, आईसीजेएस, क्राईमेक और ई-साक्ष्य एप का अधिक से अधिक उपयोग करने तथा स्थाई, फरारी और गिरफ्तारी वारंटों की तामिली बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती हेमलता अग्रवाल, नगर पुलिस अधीक्षक सुश्री किरण चौहान, एसडीओपी जावद श्री हर्ष राठौर, एसडीओपी मनासा श्रीमती शाबेरा अंसारी, डीएसपी महिला सुरक्षा श्रीमती निकीता सिंह, प्रशिक्षु डीएसपी सुश्री दिव्या चन्द्रवंशी सहित जिले के थाना एवं चौकी प्रभारी मौजूद रहे।
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