Battle of Galwan Film पर चीन में बवाल: ट्रेलर को बताया ‘हकीकत से दूर’, चीनी मीडिया ने उठाए सवाल
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
30 दिसम्बर 2025, (अपडेटेड 30 दिसम्बर 2025, 9:24 अपराह्न IST)

बीजिंग/नई दिल्ली: बॉलीवुड के भाईजान यानी सलमान खान ने जब से अपनी आने वाली फिल्म का ट्रेलर जारी किया है, सरहद के उस पार बीजिंग में खलबली मच गई है। सलमान खान की Battle of Galwan Film को लेकर चीन के सरकारी मीडिया ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने न केवल नाराजगी जाहिर की है, बल्कि इसे ‘तथ्यों को तोड़ने-मरोड़ने वाला’ करार दिया है। 27 दिसंबर को सलमान के 60वें जन्मदिन पर रिलीज हुए इस टीज़र ने महज़ तीन दिनों के भीतर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।

ग्लोबल टाइम्स की बौखलाहट और ‘झूठ’ का सहारा

Battle of Galwan Film
ग्लोबल टाइम्स के आर्टिकल का स्क्रीन शॉट

चीन का सरकारी मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स अपनी प्रोपेगेंडा मशीनरी के लिए जाना जाता है। Battle of Galwan Film के टीज़र पर प्रतिक्रिया देते हुए अखबार ने लिखा कि भारत सिनेमा का इस्तेमाल देशभक्ति की भावनाओं को भड़काने के लिए कर रहा है। चीनी सैन्य विशेषज्ञों के हवाले से दावा किया गया कि “फिल्म की नाटकीयता इतिहास को नहीं बदल सकती।” चीन अभी भी इस बात पर अड़ा है कि 2020 की उस रात गलती भारतीय सेना की थी, जबकि पूरी दुनिया जानती है कि चीनी सेना ने धोखे से हमला किया था।

चीनी नेटिज़न्स (इंटरनेट यूजर्स) सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘वीबो’ पर सलमान खान के लुक और फिल्म के एक्शन दृश्यों का मजाक उड़ा रहे हैं। कुछ लोग तो इसकी तुलना हॉलीवुड सीरीज़ ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ से कर रहे हैं। लेकिन जानकारों का कहना है कि यह मजाक असल में चीन के गहरे डर को छिपाने की एक नाकाम कोशिश है। उन्हें डर है कि इस Battle of Galwan Film के माध्यम से उनके 60 से ज्यादा सैनिकों के मारे जाने का सच एक बार फिर वैश्विक पटल पर आ जाएगा।

कर्नल संतोष बाबू की वीरता की गाथा

अपूर्व लाखिया के निर्देशन में बन रही यह Battle of Galwan Film शहीद कर्नल बी. संतोष बाबू के जीवन और उनके सर्वोच्च बलिदान पर आधारित है। फिल्म में सलमान खान कर्नल बाबू का किरदार निभा रहे हैं। टीज़र में उनके संवाद और शांत आक्रामकता ने भारतीय प्रशंसकों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। फिल्म के एक दृश्य में जब सलमान कहते हैं,

“याद रखना जवानों, अगर चोट लगे तो उसे मेडल समझना और अगर मौत दिखे तो उसे सैल्यूट करना,”

तो यह सीधा संदेश सीमा पार बैठे दुश्मनों को चुभ रहा है।

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भारतीय फिल्म उद्योग के दिग्गज और FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने चीन की इस आपत्ति पर करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि “हमें अपनी कहानियाँ कहने का पूरा अधिकार है। अगर यह Battle of Galwan Film चीन की हकीकत को उजागर कर रही है, तो उनकी नाराजगी स्वाभाविक है।”

60 सैनिकों की मौत का वो ‘अनसुना’ सच

चीन ने आधिकारिक तौर पर केवल 4 सैनिकों की मौत स्वीकार की थी, लेकिन बाद में इसे बदलकर 5 कर दिया गया। हालांकि, ऑस्ट्रेलियाई खोजी वेबसाइट ‘द क्लैक्सन’ और अमेरिकी अखबार ‘न्यूज वीक’ ने सैटेलाइट तस्वीरों और स्थानीय सूत्रों के हवाले से बताया था कि उस रात कम से कम 38 से 60 चीनी सैनिक मारे गए थे। Battle of Galwan Film इसी सच को बड़ी स्क्रीन पर दिखाने वाली है।

अप्रैल 2026 में रिलीज होने वाली इस Battle of Galwan Film ने अभी से ही बॉक्स ऑफिस और कूटनीति दोनों जगहों पर अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। यह पहली बार नहीं है जब किसी युद्ध आधारित फिल्म पर विवाद हुआ हो, लेकिन जिस तरह से चीन ने आधिकारिक तौर पर इस पर प्रतिक्रिया दी है, वह दर्शाता है कि सॉफ्ट पावर के रूप में सिनेमा कितना ताकतवर हो सकता है।

Galwan Clash के 7 बड़े फैक्ट्स:

  1. यह झड़प 15-16 जून 2020 की रात पूर्वी लद्दाख में हुई थी।

  2. 1967 के बाद पहली बार LAC पर इतनी हिंसक मुठभेड़ हुई जिसमें सैनिकों की जान गई।

  3. भारत के 20 जांबाज शहीद हुए, जिन्होंने चीनी सेना के दांत खट्टे कर दिए।

  4. झड़प के दौरान अंतरराष्ट्रीय संधियों का पालन करते हुए गोलियां नहीं चलीं, बल्कि पत्थरों और कटीले डंडों से युद्ध हुआ।

  5. कई चीनी सैनिक गलवान नदी के बर्फीले और तेज बहाव वाले पानी में बह गए थे।

  6. भारत ने अपनी क्षति को तुरंत स्वीकार किया, जबकि चीन ने 8 महीने तक अपने नुकसान को छिपाया।

  7. इस घटना के बाद से ही भारत-चीन संबंधों में भारी तनाव बना हुआ है।

Battle of Galwan Film न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि यह उन वीर सपूतों को एक सच्ची श्रद्धांजलि है जिन्होंने देश की अखंडता के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। चीन की बौखलाहट इस बात का प्रमाण है कि सत्य जब पर्दे पर आता है, तो वह सबसे बड़े प्रोपेगेंडा को भी धराशायी कर देता है।


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Aakash Sharma
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