Alert: कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम से रहें सावधान! गृह मंत्रालय की चेतावनी, तुरंत बदलें ये 1 सेटिंग वरना खाली हो जाएगा आपका बैंक खाता
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
09 जनवरी 2026, (अपडेटेड 09 जनवरी 2026, 10:52 पूर्वाह्न IST)

नीमच: कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम स्मार्टफोन यूजर्स के लिए गृह मंत्रालय का अलर्ट क्या आपने कभी सोचा है कि आपके मोबाइल पर आने वाली एक साधारण सी कॉल आपकी जिंदगी भर की कमाई को पल भर में उड़ा सकती है? जी हाँ, यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि डिजिटल दुनिया की एक डरावनी हकीकत है। आजकल देश में एक नया और बेहद शातिर कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम तेजी से पैर पसार रहा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि अब खुद केंद्रीय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) और इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) को सामने आकर देश के सभी स्मार्टफोन यूजर्स के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी करना पड़ा है।

कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम यह स्कैम इतना बारीक है कि पढ़े-लिखे लोग भी आसानी से इसके जाल में फंस रहे हैं। अगर आप स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके और आपके परिवार की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।

आखिर क्या है यह खतरनाक कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम?

 ठगों ने ठगी का जो नया तरीका निकाला है, उसे कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम कहा जा रहा है। इसमें ठग आपकी मनोविज्ञान के साथ खेलते हैं। आम तौर पर हम अपना OTP किसी को नहीं बताते, लेकिन यहाँ ठग आपसे OTP मांगते ही नहीं हैं। वे बस आपसे आपके ही फोन में एक कोड डायल करवाते हैं।

मोडस ऑपरेंडी (ठगी का तरीका): इस खेल की शुरुआत एक फोन कॉल से होती है। ठग आपको कॉल करता है और खुद को किसी नामी कूरियर कंपनी का डिलीवरी बॉय या कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव बताता है। वे कहते हैं: सर/मैडम, आपका एक पार्सल आया है, लेकिन एड्रेस गलत होने की वजह से हम इसे डिलीवर नहीं कर पा रहे हैं।

जब आप कहते हैं कि आपने तो कुछ आर्डर ही नहीं किया, तो वे बड़े विश्वास से कहते हैं: कोई बात नहीं सर, शायद गलती से आ गया होगा। आप इसे अभी कैंसिल कर दीजिये। बस आपको एक कोड डायल करना होगा और आपकी कंप्लेंट रजिस्टर हो जाएगी।”

यही वह पल होता है जब आप कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम का शिकार बनते हैं। वे आपको *21* या *401* से शुरू होने वाला कोई नंबर डायल करने को कहते हैं।

एक कोड और आपकी प्राइवेसी खत्म

USSD कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम जैसे ही कोई यूजर उनकी बातों में आकर वह “मैजिक कोड” (जैसे *21*98xxxxxxx#) डायल करता है, उसके फोन में तकनीकी रूप से ‘कॉल फॉरवर्डिंग’ सर्विस एक्टिवेट हो जाती है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब आपके नंबर पर आने वाली सारी कॉल्स और मैसेज आपके पास आने के बजाय, सीधे उस ठग के नंबर पर डायवर्ट (फॉरवर्ड) हो जाते हैं।

क्यों जानलेवा है कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम ?

कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम इस स्कैम की सबसे खौफनाक बात यह है कि शिकार को भनक तक नहीं लगती कि उसके साथ क्या हो रहा है।

  1. बैंकिंग फ्रॉड: जब ठग आपके खाते से पैसे ट्रांसफर करने की कोशिश करते हैं, तो बैंक वेरिफिकेशन के लिए जो OTP कॉल या एसएमएस के जरिये भेजता है, वह आपके फोन पर नहीं आता। चूँकि आपने कॉल फॉरवर्डिंग ऑन कर दी है, वह OTP सीधे ठग के पास पहुँच जाता है और आपका खाता खाली हो जाता है।

  2. सोशल मीडिया हैकिंग: व्हाट्सएप या टेलीग्राम जैसे ऍप्स को नए डिवाइस में इनस्टॉल करने के लिए कॉल वेरिफिकेशन का इस्तेमाल होता है। ठग आसानी से आपके व्हाट्सएप का एक्सेस ले लेते हैं और फिर आपके दोस्तों से पैसे मांगते हैं।

गृह मंत्रालय ने बताए बचाव के तरीके

इस बढ़ते कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम को देखते हुए I4C ने साफ़ चेतावनी दी है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने फ़ोन में कोई भी कोड रन न करें। विशेष रूप से *21*, *61*, या *67* से शुरू होने वाले कोड्स से दूर रहें।

लेकिन अगर गलती से आप कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम का शिकार हो चुके हैं या आपको शक है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। इसका भी तोड़ मौजूद है।

संजीवनी बूटी है यह कोड: ##002#

कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम का अगर आपको जरा सा भी शक है कि आपका फोन टैप हो रहा है या कॉल्स फॉरवर्ड हो रही हैं, तो तुरंत अपने मोबाइल से ##002# डायल करें।

  • यह एक यूनिवर्सल MMI कोड है।

  • इसे डायल करते ही आपके फोन पर एक्टिव सभी प्रकार की कॉल फॉरवर्डिंग (चाहे वह कंडीशनल हो या अन-कंडीशनल) तुरंत Deactivate यानी बंद हो जाएगी।

  • साइबर एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि समय-समय पर यह कोड डायल करके चेक करते रहना चाहिए।

सुरक्षित रहने के लिए क्या करें?

कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम से बचने के लिए सतर्कता ही एकमात्र उपाय है। इन 5 बातों को गांठ बांध लें:

  1. सत्यापन करें: अगर कोई डिलीवरी बॉय कॉल करे, तो ऐप या वेबसाइट पर जाकर स्टेटस चेक करें। अनजान लिंक पर क्लिक न करें।

  2. USSD कोड से तौबा: कोई भी व्यक्ति, चाहे वह बैंक अधिकारी बनकर ही क्यों न बात करे, अगर वह आपको कोई नंबर या कोड (* या # वाला) डायल करने को कहे, तो तुरंत फोन काट दें।

  3. सिम स्वाइप से बचें: अगर अचानक आपके फोन के नेटवर्क गायब हो जाएं, तो तुरंत अपने ऑपरेटर से संपर्क करें।

  4. 2-स्टेप वेरिफिकेशन: अपने व्हाट्सएप और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन (2FA) हमेशा ऑन रखें।

  5. पासवर्ड: बैंकिंग ऐप्स के लिए बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) का इस्तेमाल करें।

ठगी होने पर कहाँ जाएं?

अगर सावधानी के बावजूद आप कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम का शिकार हो जाते हैं, तो ‘गोल्डन ऑवर’ (शुरुआती कुछ घंटे) का ध्यान रखें।

  • तुरंत 1930 डायल करें। यह नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन है।

  • भारत सरकार की वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करें।

याद रखें, तकनीकी दुनिया में आपकी एक छोटी सी चूक आपको भारी पड़ सकती है। इस जानकारी को खुद तक सिमित न रखें, बल्कि अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर कर उन्हें भी इस नए खतरे से आगाह करें।


यह भी पढ़ें:- नीमच में मासूमों के साथ ‘सिस्टम’ का सौतेला व्यवहार: मंदसौर में 13 तक छुट्टी, तो नीमच के बच्चे कड़ाके की ठंड में ठिठुरने को मजबूर क्यों?

ताज़ा ख़बरों का अपडेट सीधा अपने फोन पर पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें

Aakash Sharma
Aakash Sharmahttps://thetimesofmp.com
आकाश शर्मा मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार और द टाइम्स ऑफ MP के संपादक हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया में 12 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव है। लंबे समय से स्थानीय एवं जनसरोकार से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग, समाचार संपादन और समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने स्थानीय पत्रकारिता में व्यापक अनुभव हासिल किया है।द टाइम्स ऑफ MP के माध्यम से आकाश शर्मा नीमच, मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उनकी कवरेज में स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं कानून-व्यवस्था, जनसमस्याएं, नागरिक सुविधाएं, राजनीति, सामाजिक गतिविधियां, शिक्षा, कृषि, व्यापार और अन्य जनहित से जुड़े विषय शामिल हैं।उनकी संपादकीय कार्यशैली में तथ्यपरक रिपोर्टिंग, स्रोत-आधारित जानकारी, निष्पक्ष प्रस्तुति और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दी जाती है। संवेदनशील और अपराध से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग में आरोप और प्रमाणित तथ्य के बीच अंतर बनाए रखने तथा उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर खबर प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।पत्रकारिता के साथ आकाश शर्मा पिछले 4 वर्षों से पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इस भूमिका में वे कानूनी जागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यों से जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही वे इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशन में जिला उपाध्यक्ष (District Vice President) के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।अनुभव 12 वर्ष — प्रिंट मीडिया एवं पत्रकारिता का अनुभव 4 वर्ष — पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में अनुभव संपादक — द टाइम्स ऑफ MP जिला उपाध्यक्ष — इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशनआकाश शर्मा का उद्देश्य स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण सूचनाओं को विश्वसनीय, स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाना तथा आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी मंच प्रदान करना है।विशेषज्ञता: स्थानीय पत्रकारिता | प्रिंट मीडिया | समाचार संपादन | डिजिटल पत्रकारिता | स्थानीय समाचार रिपोर्टिंग | जनहित के मुद्दे | कानूनी जागरूकता |

Hot this week

पालसोड़ा एक्सीडेंट में 1 युवक की मौत, 2 की हालत गंभीर

पालसोड़ा एक्सीडेंट: नीमच जिले के जीरन थाना क्षेत्र में...

उज्जैन शूटिंग रेंज मारपीट: VIDEO में कैद कोच पर हमला, सिस्टम पर उठे सवाल

उज्जैन (Ujjain Crime News)। उज्जैन शूटिंग रेंज मारपीट का...

रिद्धि राठौड़ का शानदार प्रदर्शन, 400 और 600 मीटर दौड़ में जीते स्वर्ण पदक

नीमच। शालेय संभाग स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में स्विमफ्लाय स्पोर्ट्स...

मनासा में घर में सो रहे 40 वर्षीय कालू को सांप ने काटा, समय पर अस्पताल पहुंचाया

मनासा। नीमच जिले के मनासा क्षेत्र में शुक्रवार अलसुबह...

Related Articles

Popular Categories