अफीम नीति से पहले CBN का बड़ा अलर्ट, किसानों के लिए क्यों जारी हुई चेतावनी?
Reported by: News Desk | Edited by: आकाश शर्मा
03 सितम्बर 2026, (अपडेटेड 03 सितम्बर 2026, 4:32 अपराह्न IST)

नीमच। अफीम नीति 2026-27 के आधिकारिक ऐलान से पहले केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) ने अफीम उत्पादक किसानों के लिए अलर्ट जारी किया है। विभाग ने किसानों को दलालों, अफवाहों और लाइसेंस दिलाने के नाम पर पैसे मांगने वाले लोगों से सावधान रहने की अपील की है। CBN अफीम नीति अलर्ट में स्पष्ट किया गया है कि भारत सरकार द्वारा अफीम नीति अधिसूचित किए जाने से पहले फसल वर्ष 2026-27 के लाइसेंस की पात्रता संबंधी सामान्य शर्तों की आधिकारिक जानकारी किसी व्यक्ति या स्थानीय अधिकारी के पास नहीं होती। ऐसे में किसानों से कहा गया है कि वे गैर-आधिकारिक दावों पर भरोसा न करें।

इधर नीमच-मंदसौर से लेकर राजस्थान के चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ क्षेत्र के अफीम काश्तकार आगामी नीति का इंतजार कर रहे हैं। किसानों की ओर से सीपीएस पद्धति बंद करने, चिराई-लुआई व्यवस्था बहाल करने, समान पट्टे, अफीम का खरीद भाव बढ़ाने सहित कई मांगें सामने रखी गई हैं।

नीति से पहले पात्रता को लेकर CBN ने साफ की स्थिति

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, भारत सरकार हर वर्ष अफीम काश्त के लाइसेंस के लिए पात्रता की सामान्य शर्तों को अफीम नीति के रूप में अधिसूचित करती है। फसल वर्ष 2026-27 के लिए भी लाइसेंस की पात्रता संबंधी सामान्य शर्तें भारत सरकार द्वारा अधिसूचित की जानी हैं। इसका मतलब यह है कि नीति जारी होने से पहले किसी व्यक्ति की ओर से पात्रता को लेकर किया गया दावा आधिकारिक सूचना नहीं माना जा सकता।

यही वजह है कि विभाग ने किसानों को अफवाहों से दूर रहने और केवल अधिकृत माध्यमों से मिलने वाली जानकारी पर भरोसा करने की सलाह दी है।

अधिसूचना के बाद कहां मिलेगी जानकारी?

CBN के अनुसार, भारत सरकार की ओर से अफीम नीति की अधिसूचना जारी होने के बाद लाइसेंस प्राप्त करने संबंधी सामान्य शर्तें केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएंगी। नीति में निर्धारित प्रावधानों के आधार पर संभावित पात्र और अपात्र किसानों की सूची भी विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी।

जिला अफीम अधिकारी कार्यालय से होंगे लाइसेंस जारी

विभागीय जानकारी के अनुसार, नीति में निर्धारित प्रावधानों के आधार पर पात्र किसानों को संबंधित जिला अफीम अधिकारी कार्यालय द्वारा फसल वर्ष 2026-27 के लिए अफीम काश्त के लाइसेंस जारी किए जाएंगे। इसलिए किसानों के लिए फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि वे लाइसेंस की पात्रता को लेकर किसी बिचौलिए या अन्य व्यक्ति की बात पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करें।

लाइसेंस दिलाने के नाम पर पैसे मांगे तो सावधान

CBN अफीम नीति अलर्ट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा किसानों को दलालों से सावधान रहने की अपील है। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने बताया है कि अफीम नीति भारत सरकार द्वारा उच्च स्तर पर निर्धारित की जाती है। अधिसूचना जारी होने से पहले किसी व्यक्ति, स्थानीय कर्मचारी अथवा अधिकारी के पास नीति की पात्रता संबंधी आधिकारिक जानकारी नहीं होती।

ऐसे में यदि कोई व्यक्ति किसानों से यह कहकर संपर्क करता है कि वह अफीम काश्त का लाइसेंस दिलवा सकता है या पात्रता सुनिश्चित कर सकता है, तो किसानों को सावधानी बरतने की जरूरत है। विभाग ने किसानों से लाइसेंस दिलाने के नाम पर पैसे मांगने वालों के बहकावे में नहीं आने की अपील की है।

शिकायत के लिए साक्ष्य संभालकर रखने की अपील

CBN के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति अफीम काश्त का लाइसेंस दिलाने के नाम पर किसी प्रकार की धनराशि की मांग करता है तो किसान उपलब्ध साक्ष्यों के साथ विभागीय उच्चाधिकारियों, भ्रष्टाचार निरोधक संस्था अथवा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, भोपाल को शिकायत कर सकते हैं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसानों को किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान नहीं देना चाहिए।

किसानों ने आगामी नीति में उठाईं कई मांगें

एक ओर CBN अफीम नीति अलर्ट के जरिए किसानों को आधिकारिक नीति आने तक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, वहीं दूसरी ओर अफीम उत्पादक किसान आगामी नीति में बदलाव की उम्मीद लगाए हुए हैं।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार किसानों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:

  • सीपीएस पद्धति बंद कर चिराई-लुआई व्यवस्था बहाल करना।
  • मार्फिन मानक 3.5 प्रतिशत करना।
  • सभी पात्र किसानों को 10-10 आरी के समान पट्टे देना।
  • अफीम का सरकारी खरीद भाव 10 हजार रुपये प्रति किलो करना।
  • पति-पत्नी दोनों को बुआई का अधिकार देना।
  • NDPS की धारा 8/29 में राहत देना।
  • डोडा पोस्त के ठेके शुरू करना।

ये मांगें किसानों की ओर से रखी गई हैं। इन मांगों में से किन प्रावधानों को आगामी अफीम नीति में शामिल किया जाएगा, इसकी स्थिति आधिकारिक नीति जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

अब निगाह भारत सरकार की अधिसूचना पर

अफीम उत्पादक किसानों के लिए फसल वर्ष 2026-27 की नीति को लेकर फिलहाल इंतजार बना हुआ है। किसान लाइसेंस की पात्रता के साथ-साथ पट्टे, मार्फिन मानक, खरीद भाव और खेती की पद्धति से जुड़े प्रावधानों को लेकर स्पष्टता चाहते हैं। वहीं CBN ने अपने CBN अफीम नीति अलर्ट के जरिए यह संदेश दिया है कि नीति अधिसूचित होने से पहले पात्रता की जानकारी के नाम पर किसी व्यक्ति के दावे पर भरोसा नहीं किया जाए। इसलिए फिलहाल किसानों के लिए CBN का संदेश साफ है—अफवाहों पर भरोसा न करें, दलालों से सावधान रहें और लाइसेंस के नाम पर किसी को पैसे देने से पहले पूरी सावधानी बरतें।

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Aakash Sharma
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आकाश शर्मा मध्यप्रदेश के नीमच क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार और द टाइम्स ऑफ MP के संपादक हैं। उन्हें प्रिंट मीडिया में 12 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव है। लंबे समय से स्थानीय एवं जनसरोकार से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग, समाचार संपादन और समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने स्थानीय पत्रकारिता में व्यापक अनुभव हासिल किया है।द टाइम्स ऑफ MP के माध्यम से आकाश शर्मा नीमच, मंदसौर और आसपास के क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। उनकी कवरेज में स्थानीय प्रशासन, पुलिस एवं कानून-व्यवस्था, जनसमस्याएं, नागरिक सुविधाएं, राजनीति, सामाजिक गतिविधियां, शिक्षा, कृषि, व्यापार और अन्य जनहित से जुड़े विषय शामिल हैं।उनकी संपादकीय कार्यशैली में तथ्यपरक रिपोर्टिंग, स्रोत-आधारित जानकारी, निष्पक्ष प्रस्तुति और जिम्मेदार पत्रकारिता को प्राथमिकता दी जाती है। संवेदनशील और अपराध से जुड़े मामलों की रिपोर्टिंग में आरोप और प्रमाणित तथ्य के बीच अंतर बनाए रखने तथा उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय स्रोतों के आधार पर खबर प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है।पत्रकारिता के साथ आकाश शर्मा पिछले 4 वर्षों से पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। इस भूमिका में वे कानूनी जागरूकता और जनहित से जुड़े कार्यों से जुड़े रहे हैं। इसके साथ ही वे इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशन में जिला उपाध्यक्ष (District Vice President) के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं।अनुभव 12 वर्ष — प्रिंट मीडिया एवं पत्रकारिता का अनुभव 4 वर्ष — पैरा लीगल वॉलंटियर (PLV) के रूप में अनुभव संपादक — द टाइम्स ऑफ MP जिला उपाध्यक्ष — इंटरनेशनल ह्यूमन सिक्योरिटी ऑर्गनाइजेशनआकाश शर्मा का उद्देश्य स्थानीय स्तर की महत्वपूर्ण सूचनाओं को विश्वसनीय, स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक पहुंचाना तथा आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी मंच प्रदान करना है।विशेषज्ञता: स्थानीय पत्रकारिता | प्रिंट मीडिया | समाचार संपादन | डिजिटल पत्रकारिता | स्थानीय समाचार रिपोर्टिंग | जनहित के मुद्दे | कानूनी जागरूकता |

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